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शौर्य स्मारक: शहीदों के नाम हुए धूमिल, पट्टिकाएं भी टूट-फूट रहीं

Pushpam Kumar

Publish: Sep 22, 2019 10:03 AM | Updated: Sep 22, 2019 01:49 AM

Bhopal

सीपीए और संस्कृति विभाग के जिम्मे रखरखाव फिर भी लापरवाही

भोपाल. राजधानी में अरेरा हिल्स पर शहीदों की स्मृति को अक्षुण्ण रखने बनाए गए शौर्य स्मारक की देखरेख नहीं हो पा रही है। जिन शहीदों ने युद्ध में पराक्रम से दुश्मनों के छक्के छुड़ाए, उनके नाम की पट्टिकाएं बारिश में धूमिल होकर टूट-फूट रही हैं। जिम्मेदारों का इस पर ध्यान नहीं है। ये हालत तब है, जब प्रदेश ही नहीं पूरे भारत का यह महत्वपूर्ण स्मारक है। 14 अक्टूबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों लोकार्पित स्मारक पर्यटन के नक्शे पर भी दर्ज है।
शौर्य स्मारक की गैलरीज आदि के रखरखाव की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग की है तो भवनों-स्तंभों का मेंटेनेंस राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) के पास। सीपीए ने ही स्मारक का निर्माण किया है। यहां आकर्षण का केन्द्र हैं-सफेद गुलाब के बगीचों से घिरे स्मारक और ग्रेनाइट पत्थर से बना 62 फीट ऊंचा स्तम्भ। शौर्य स्मारक स्तम्भ की नींव के पास अत्याधुनिक होलोग्राफिक अनंत ज्योति सैनिकों के बलिदान की याद दिलाती है। तीनों सेनाओं की यादों को चित्रों में संजोए हुए अंडरग्राउंड संग्रहालय में शौर्य पदकों को देखा जा सकता है। भारतीय सेना के तीनों सशस्त्र बलों के विभिन्न हथियार, हवाई जहाज, टैंक्स, लड़ाकू जलपोत आदि के मॉडल भी देखे जा सकते हैं।
इसे देखने दूर—दूर से आते हैं लोग
शौर्य स्मारक को देखने के लिए दूर—दूर से लोग आते हैं। लोगों का कहना है कि कुछ चीजें जो बाहर देखने को नहीं मिलती है, उसे यहां आकर देखा जा सकता है। खासकर बच्चों के लिए यहां जानकारियों का खजाना है। बच्चे यहां आकर काफी जानकारियां लेते हैं।

सीपीए शौर्य स्मारक के मेंटेनेंस का काम देखता है। कुछ काम होने हैं, लेकिन बारिश के चलते समस्या आ रही है। वैसे ये रुटीन के काम हैं, इन्हें हम दिखवा लेंगे।
जवाहर सिंह, अधीक्षण यंत्री, सीपीए

शौर्य स्मारक में मेन्टेनेंस का जिम्मा वहां बैठने वाले सीपीए के एसडीओ का है। शहीदों की पट्टिकाओं में टूट-फूट भी उन्हें ही देखनी है। हम आयोजन और प्रदर्शनी संबंधी कार्य देखते हैं।
संजय यादव, संयुक्त संचालक, स्वराज संचालनालय