स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

18 जिलों में मूसलधार बारिश का अलर्ट जारी, 33 सालों का टूटा रिकार्ड, 3 दिनों से नहीं हुई पशुपतिनाथ की पूजा

Pawan Tiwari

Publish: Sep 17, 2019 08:14 AM | Updated: Sep 17, 2019 08:17 AM

Bhopal

भारी बारिश के कारण प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त है।

भोपाल. राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार भारी बारिश का दौर जारी है। वहीं, आने वाले 24 घंटों में प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्यप्रदेश के ज्यादातर जिलों में बारिश के कारण बाढ़ के हाल बने हुए हैं। इस बार अभी तक राजधानी भोपाल में 168 सेमी पर पहुंच गया है। 33 साल पहले 1986 में पहली बार सीजन की बारिश का आंकड़ा 160 सेमी पार पहुंचा था।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के 18 जिलों में आज भी भारी बारिश के आसार हैं। भोपाल के अलावा होशंगाबाद, रायसेन, हरदा, सीहोर जिले में अति बारिश हो सकती है। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार धार, अशोकनगर, अलीराजपुर, विदिशा, टीकमगढ़, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, देवास, रतलाम, शाजापुर और टीकमगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

गांधी सागर बांध में कम हुआ पानी
मंदसौर में सोमवार को बारिश नहीं हुई जिस कारण से गांधी सागर बांध के जलस्तर में कमी आई है। सोमवार को भी गांधी सागर बांध के 19 गेट खुले रहे। तीन दिन में हुई भारी बारिश के कारण क्या नुकसान हुआ है इसकी जांच करने के लिए आज केन्द्रीय दल मध्यप्रदेश का दौरा करेगा। मालवा के मंदसौर, नीमच औऱ चंबल क्षेत्र के मुरैना, श्योपुर समेत मध्यप्रदेश-राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांधी सागर डैम को हाई अलर्ट पर रखा गया था। बांध की क्षमता से 6 मीटर ज्यादा पानी भरने से 117 से अधिक गांवों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। सोमवार को बांध का जलस्तर घटकर 1314 फीट हो गया है। जबकि रविवार को बांध के जलस्तर से 6 फीट ऊपर से पानी बह रहा था। जिस कारण बिजली उत्पादन यूनिट पूरी तरह से डूब गई थी।

इंदौर में 33 फीसदी अधिक बारिश
वहीं, इंदौर में इस बार सामान्य से 33 फीसदी अधिक बारिश हुई है। इस बात की जानकारी खुद प्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने दी है। सोमवार को इंदौर में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा- बारिश के कारण अभी तक 8 हजार करोड़ की फसल और 1800 से दो हजार करोड़ रु. की सड़क, मकान आदि का नुकसान हुआ है। कुल 10 हजार करोड़ की नुकसान सामने आया है। ये आंकड़ा बढ़ सकता है।

तीन दिन से मंदिर के पट बंद
मंदसौर में भारी बारिश के कारण पशुपतिनाथ मंदिर भी डूब गया है। बताया जा रहा है कि भारी बारिश के कारण तीन दिनों से मंदिर का पट बंद है और भगवान शंकर की आरती भी नहीं हो पाई है।