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दिग्विजय सिंह के वॉर रुम में कन्हैया और जिग्नेश के साथी

Deepesh Tiwari

Publish: Apr 07, 2019 05:40 AM | Updated: Apr 06, 2019 19:23 PM

Bhopal

जेएनयू से आई सोशल मीडिया टीम,वॉर रुम और कॉल सेंटर से इलाके पर नजर...

भोपाल@अरुण तिवारी की रिपोर्ट...

राजनीति में मैनेजमेंट के महारथी कहे जाने वाले दिग्विजय सिंह भोपाल से अपनी जीत के लिए एक फुल प्रूफ प्लान तैयार कर रहे हैं। इसके तहत उन्होंने पोलिंग बूथ पर जमावट और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं में पैठ बनाने के लिए वॉर रुम तैयार किया है।

इस वॉर रुम में जेएनयू के छात्र नेता रहे कन्हैया कुमार और गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी की टीम रहेंगे। कन्हैया के जेएनयू के साथी भोपाल में दिग्विजय सिंह के लिए काम करने आए हैं।

इस दौरान ये लोग सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क और संवाद करेंगे। वॉर रुम के अंदर बने कॉल सेंटर के जरिए पोलिंग बूथ पर तैनात कार्यकर्ताओं से रोजाना बातचीत होगी। हालांकि कन्हैया खुद बिहार के बेगुसराय से चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन उनके कुछ साथी भोपाल में काम करेंगे।

 

यहां बनाया गया है वॉर रुम...
दिग्विजय की टीम के वरिष्ठ नेताओं ने इसकी पुष्टि की है। ये वॉर रुम मिंटो हॉल के सामने बनी तीन मंजिला इमारत में बनाया गया है। वॉर रुम में विकास जैन की मदद भी ली जा रही है।

 

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digvijay fights with tomar

विकास जैन भोपाल लोकसभा सीट में फर्जी मतदाताओं की सूची तैयार कर रहे हैं। ये सारा काम पूरी रणनीति और प्लानिंग के साथ किया जा रहा है।

भोपाल लोकसभा क्षेत्र के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल कहते हैं कि भोपाल लोकसभा क्षेत्र का पूरा चुनाव प्रबंधन और प्रचार का काम वॉर रुम से संचालित होगा।

इस वॉर रुम में जेनएयू से आई टीम भी काम कर रही है। पूरी रणनीति और तकनीकी से ये चुनाव लड़ा जा रहा है। दिग्विजय सिंह लाखों के अंतर से भोपाल का चुनाव जीतेंगे।

ये काम करेगा दिग्गी का वॉर रूम :
- हर पोलिंग बूथ की मॉनीटरिंग ।
- सोशल मीडिया पर नजर।
- आईटी सेल से प्रचार-प्रसार।
- मीडिया से संवाद ।
- हर कार्यकर्ता से संपर्क।
- बूथ प्रभारी की ट्रेनिंग।

ऐसे समझें भोपाल का सियासी गणित :
वॉर रूम के जरिए भोपाल से लेकर सीहोर तक की आठों विधानसभा सीटों की चुनावी व्यवस्था की मॉनीटरिंग की जाएगी। दिग्विजय सिंह खुद हर कार्यकर्ता से संपर्क कर रहे हैं। इसी वॉर रूम से चुनाव की पल-पल की प्लानिंग और रणनीति भी तैयार हो रही है।

भोपाल लोकसभा सीट से जुड़े कुछ खास तथ्य...
- 21.8 लाख मतदाता
- 2510 पोलिंग बूथ
- भोपाल की सातों विधानसभा क्षेत्र के 19 लाख 7 हजार 476 मतदाता
- आठों विधानसभाओं में सबसे ज्यादा पोलिंग बूथ गोविंदपुरा में 386, सबसे कम सीहोर में 257

ऐसे समझें भोपाल का जातिगत समीकरण :

मुस्लिम : 4.5 लाख
पिछड़ा वर्ग : 4 लाख
ब्राह्मण : 3.75 लाख
क्षत्रिय : 1.20 लाख
एससी : 1.20 लाख
एसटी : 70 हजार

दिग्विजय का साफ्ट हिंदुत्व :
भोपाल में दिग्विजय साफ्ट हिंदुत्व के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। दिग्विजय कहते हैं कि वे हिंदू हैं तो फिर संघ को उनसे बैर क्यों है। दिग्विजय सिंह को इन दिनों प्रचार करते समय माथे पर चंदन का तिलक लगाए देखा जा सकता है।

उन्होंने समिधा से सुरक्षा हटाने का भी मुखर होकर विरोध किया था। सवाल उठता है कि क्या दिग्विजय सिंह बदल गए हैं, जवाब में वे कहते हैँ कि भाजपा बांटने की राजनीति करती है, लेकिन हमारे लिए सभी धर्म समान हैं।

मैं भी जय सियाराम बोलता हूं, इसके लिए भाजपा की अनुमति या सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है। दिग्विजय सिंह मानते हैं कि चुनाव के दौरान भाजपा हिंदू-मुस्लिम करने की कोशिश करेगी,क्योंकि ध्रुवीकरण के अलावा उसके पास कोई विकल्प नहीं है।


दिग्विजय की विवादित छवि को प्रचारित कर रही भाजपा :
भाजपा की कोशिश है कि जनता के सामने दिग्विजय सिंह की उस छवि को रखा जाए जिसमें उनके बयान राष्ट्रवाद के मुद्दे पर सवाल उठाते नजर आते हैं।

भाजपा दिग्विजय सिंह को पाक परस्त और देशद्रोहियों का समर्थन करने वाला नेता बता रही है। भाजपा को लगता है कि सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल, एयर स्ट्राइक के सबूत और ओसामा जी जैसे बयानों को जनता को फिर से याद दिलाया तो वो दिग्विजय सिंह को वोट नहीं करेगी।

यदि वोटों का ध्रुवीकरण हुआ तो एक बड़े तबके का वोट भाजपा को मिल सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहते हैं कि दिग्विजय उनके लिए चुनौती नहीं हैं उनको भाजपा का कोई सामान्य कार्यकर्ता भी हरा देगा।