स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

खटलापुरा हादसे के बाद नवरात्रि में प्रतिमा विसर्जन पर लगी रोक

Pravendra Singh Tomar

Publish: Sep 17, 2019 07:29 AM | Updated: Sep 17, 2019 07:33 AM

Bhopal

- नगर निगम के कर्मचारी और गोताखोर मूर्ति लेकर खुद करेंगे विसर्जन, बड़ी मूर्ति के लिए लगेगी क्रेन, प्रेमपुरा पर फिसलपट्टी का भी विकल्प खुला है। इस बार वहां लगाई भी गई थी।

भोपाल। खटलापुरा हादसे के बाद आगामी दुर्गापर्व पर 6 फीट से 18 फीट तक बन चुकी मूर्तियों का विसर्जन प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। मूर्ति विसर्जन के लिए प्रशासन, नगर निगम और पुलिस महकमे ने मिलकर प्लान तैयार किया है। इसमें घाट तक किसी को जाने की परमिशन नहीं होगी। घाटों को बैरीकेड्स और रस्सी बांध कर भीड़ को पानी से दूर रोका जाएगा। यहां तैनात नगर निगम के गोताखोर और कर्मचारी मूर्तियों का विसर्जन कराएंगे। इसके अलावा बड़ी मूर्तियों का विसर्जन घाट पर लगी क्रेन के माध्यम से किया जाएगा।


पुलिस में जानकारी देने का विरोध कर रहे हैं
नाव से विसर्जन और पानी में जाकर मूर्ति विसर्जित करने पर रोक रहेगी। बड़ी झांकी रखने वाली समिति को पुलिस में रजिस्ट्रेशन भी कराना होगा, उसमें झांकी को घाट तक ले जाने का रूट और समय भी बताना होगा। इसके अलावा मूर्तिकार को भी एक फॉर्म भरकर बताना होगा कि मूर्ति को किसे बेचा, उसका मोबाइल नंबर और पता क्या है। हालांकि मूर्तिकार पुलिस में जानकारी देने का विरोध कर रहे हैं।


आदेश जारी किया जाएगा
मूर्ति की ऊंचाई को लेकर प्रशासन छह फीट मूर्ति की हाइट और चार फिट सिंहासन और पटले का साइज तय कर चुका है। इस तरह 10 फिट तक साइज हो सकता है। ये नियम ताजिए व अन्य धर्मों के लिए भी लागू रहेगा। कलेक्टर तरुण पिथोड़े का कहना है कि मूर्तिकारों की बैठक के बाद बुधवार को शांति समिति की बैठक बुलाकर उसमे ये प्रस्ताव रखने के बाद आदेश जारी किया जाएगा।

विसर्जन को लेकर ये नियम रहेंगे

ड्यूटी आदेश जारी होने के बाद अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला होता है तो उसे नए ज्वाइन करने वाले अधिकारी को इसकी जानकारी देनी होगी। नोडल अफसर को भी बताना होगा।

घाट पर पुलिसकर्मी, निगम कर्मचारी या अफसर तय ड्यूटी पर मौके पर रहेंगे। इस बार अगर कोई हादसा हुआ तो सीधे तौर पर ड्यूटी वाले पर कार्रवाई की जाएगी। ड्यूटी चार्ट आपस में शेयर भी किया जाएगा।

जहां तक संभव होगा घाटों पर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी रहेगी, इसमें सीएपसी और नगर निगम के अफसर भी शामिल रहेंगे। तीन स्तर पर मॉनीटरिंग की जाएगी।


इस बार घाटों पर निगम का अमला और प्रशिक्षित गोताखोर ही मूर्तियों का विसर्जन करेंगे। बड़ी मूर्तियां क्रेन के माध्यम से विसर्जित की जाएंगी। आम आदमी को एहतियाद बरतते हुए घाट से दुर रखा जाएगा।
तरुण पिथोड़े, कलेक्टर