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हमीदिया के आईसीयू वार्ड में भर्ती कैदी आधी रात को पाइप के सहारे हुआ फरार

manish kushwah

Publish: Sep 17, 2019 04:04 AM | Updated: Sep 17, 2019 01:28 AM

Bhopal


रायसेन जिले की पुलिस तीन दिन पहले कैदी को इलाज के लिए लाई थी


एनडीपीएस एक्ट के मामले में किया था आरोपी को गिरफ्तार

भोपाल. हमीदिया अस्पताल के आईसीयू वार्ड से एक कैदी रविवार-सोमवार की दरमियानी रात सवा दो बजे फरार हो गया। कैदी के फरार होने के बाद जेल प्रशासन से लेकर रायसेन जिले की पुलिस के बीच खलबली मच गई। बताया जा रहा है कि कैदी ने पहले हथकड़ी खिसकाई और बाद में पाइप के सहारे कूदकर फरार हो गया। कैदी को तीन दिन पहले रायसेन पुलिस इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लाई थी। कैदी की निगरानी के लिए एक चार की गार्ड तैनात की गई थी, लेकिन हवलदार समेत दो आरक्षक बाहर चले गए थे, जबकि एक आरक्षक मौके पर था। कैदी आरक्षक को चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गया। कोहेफिजा थाना पुलिस ने कैदी के फरार होने के मामले में प्रकरण दर्ज किया है।
चार में से तीन पुलिसकर्मी नहीं थे अस्पताल में
सीएसपी नागेंद्र पटेरिया ने बताया कि तिरमऊ बहेरिया जिला सागर निवासी अनिल पिता श्रीराम चिढ़ार (30) को सुल्तानगंज (जिला रायसेन) पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के मामले में 4 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 14 सितंबर को हार्ट संबंधी बीमारी का पता चलने पर उसे रायसेन से हमीदिया अस्पताल रैफर किया था। कैदी की निगरानी और सुरक्षा के लिए रायसेन पुलिस लाइन से हवलदार छत्रपाल सिंह, सिपाही अमित कुमार, राजेंद्र साहू और जितेंद्र मीणा की तैनाती की गई थी। चेकअप के बाद कैदी को आईसीयू वार्ड में भर्ती किया था। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात सवा दो बजे कैदी अनिल चिढ़ार सिपाही जितेंद्र मीणा को चकमा देकर फरार हो गया। उस समय हवलदार छत्रपाल सिंह, सिपाही अमित और राजेंद्र अस्पताल से बाहर गए हुए थे। कैदी के फरार होने की खबर मिलते ही चारों पुलिसकर्मियों ने करीब डेढ़ घंटे तक उसकी खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद सुबह पौने चार बजे कोहेफिजा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
जो कैदी हमीदिया अस्पताल से फरार हुआ है, उसे तीन दिन पहले रायसेन पुलिस लाइन से एक चार की गार्ड उपचार के लिए लाई थी। कैदी चार सितंबर से एनडीपीएस एक्ट में जेल भेजा गया था।
केके तिवारी,
उपजेल अधीक्षक, रायसेन
&पुलिसकर्मियों ने क्या लापरवाही की है, इसकी जांच होगी। मौके पर जो सिपाही कैदी के पास था उसे निलंबित किया जाएगा।
मोनिका शुक्ला, एसपी, रायसेन