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मंगल का राशि परिवर्तन: इनके​ लिए रहेगा खास, कन्या राशि में पहुंचते ही पलट देगा किस्मत

Deepesh Tiwari

Publish: Sep 22, 2019 13:19 PM | Updated: Sep 22, 2019 13:24 PM

Bhopal

Rashi Parivartan of Mars: मंगल का सिंह से कन्या राशि में परिवर्तन 25 सितम्बर 2019 (बुधवार) को...

भोपाल। आसमान में लगातार बदल रही ग्रहों की दिशा व चाल के बीच एक बार फिर बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। जिसके तहत अब 25 सितंबर 2019 को मंगल राशि परिवर्तन ( Rashi Parivartan of Mars ) करते हुए सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार देवताओं के सेनापति मंगल ( Mars ) साहस, पराक्रम और ऊर्जा के कारक माने जाते हैं। वहीं इनका रत्न मूंगा होने के साथ ही इसके दिन यानि मंगलवार के कारक देव श्रीराम भक्त हनुमान माने गए हैं। वैदिक ज्योतिष ( vedic Jyotish ) के अनुसार मंगल ग्रह मेष एवं वृश्चिक राशि का स्वामी ( astrology ) कहलाता है।

ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति की कुंडली ( kundali ) में मंगल ग्रह की मजबूत स्थिति विशेष रूप से दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस को दर्शाती है। साथ ही इसके शुभ प्रभाव ( jyotish ) से व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक शक्ति मिलती है।

Weather Astrology
IMAGE CREDIT: patrika

वहीं मंगल के हानिकारक प्रभावों से व्यक्ति के विवाह और संतान प्राप्ति में देरी हो सकती है। कुंडली ( horoscope ) के लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में मौजूद मंगल के इस दोष को मांगलिक दोष भी कहा जाता है।


मंगल: कुंडली में बनता है मांगलिक दोष
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार मंगल ग्रह के मांगलिक दोष से मनुष्य जीवन का दांपत्य जीवन प्रभावित होता है। यही मंगल दोष जातक के विवाह में देरी के साथ साथ अन्य प्रकार की विवाह संबंधी रुकावटों का मुख्य कारण होता है।

पंडित शर्मा की मानें तो जिस भी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में बैठा हो तो यह स्थिति सीधा-सीधा कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण करती है। जिनके प्रभावों से बचने या उन्हें कम करने के लिए जातक को मंगल दोष के उपाय करने की सलाह दी जाती है।

grahon ki chaal astrology today 26 march 2019
IMAGE CREDIT: lali koshta

राशि परिवर्तन: मंगल गोचर का समय
वर्ष 2019 में मंगल ग्रह 25 सितंबर 2019, बुधवार को प्रातः 05:56 बजे कन्या राशि में गोचर करेगा और 10 नवंबर 2019, रविवार की दोपहर 13:31 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा।

मंगल के कन्या राशि में गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिल सकता है। आईये देखें मंगल के इस गोचर से विभिन्न राशि के जातकों पर क्या सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है।

किसी भी ग्रह का एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करना ही गोचर कहलाता है। मंगल के किसी भी राशि में गोचर की अवधि करीब डेढ़ महीने यानी 45 दिनों की होती है।

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आपकी राशि पर ये पड़ेगा असर : effects of rashi parivartan of Mars ...

1. मेष राशि/ Mars effect on aries Horoscope and Astrology :
इस दौरान मंगल आपकी राशि से छठे भाव में विराजमान होगा। कुंडली में छठा भाव रोग व शत्रु भाव कहलाता है।

मंगल के इस गोचर का प्रभाव विशेष रहेगा, मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर सामान्य से अच्छा फलदायी साबित होगा। कामकाज के मामलों के लिए गोचरकाल की ये अवधि आपके लिए विशेष फलदायी साबित होगी। कार्यक्षेत्र में आपके उच्च अधिकारी और सहकर्मी भी आपके अच्छे काम की प्रशंसा करेंगे, जिससे आपके आत्मविश्वास में भी निश्चित रूप से वृद्धि होगी।

इसके अलावा मंगल के इस गोचर के दौरान आपके शत्रु पराजित होंगें और आप जीवन में विशेष सफलता प्राप्त करने में सफल होंगें। आर्थिक रूप से देखें तो इस गोचरीय अवधि में आपको अनायास ही किसी विदेशी स्रोत से लाभ की प्राप्ति हो सकती है। आपकी बौद्धिक क्षमता और कार्यक्षेत्र पर देखने को मिल सकता है। एक तरफ जहां आपकी बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी वहीं दूसरी तरफ कामकाज में भी आपका मन लगेगा और आप बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।

वहीं पैसों का व्यय करते वक़्त विशेष सावधानी बरतें। स्वास्थ्य का भी खास ध्यान रखने की जरूरत है।

उपाय: विशेष लाभ के लिए मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।

25 july rashifal daily horoscope 2019

2. वृषभ राशि / Mars effect on taurus Horoscope & Astrology :
कन्या राशि में होने वाले गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से पांचवें भाव में स्थापित होंगें। पांचवें भाव को कुंडली में बुद्धि या पुत्र भाव भी कहते हैं। वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर निम्न फलदायी साबित हो सकता है।

यदि आप विवाहित हैं तो इस अवधि में आपको अपने जीवनसाथी से विशेष रूप से लाभ की प्राप्ति हो सकती है। इस दौरान जीवनसाथी से प्रेम और सौहार्द बनाएं रखने में ही आपकी भलाई है।

आर्थिक जीवन की बात करें तो गोचर की इस अवधि के दौरान आपके ख़र्चों में वृद्धि होगी, जिससे आर्थिक हालत थोड़ी खराब हो सकते हैं। हालाँकि इस दौरान आपको अनायास ही लाभ मिलने की भी संभावना बन रही है। लेकिन इसके बावजूद भी पैसों के लेनदेन के मामलों में सतर्कता ज़रूर बरतें।

इस गोचरकाल के दौरान आपको विशेष रूप से अपने शत्रुओं से बचकर रहने की जरुरत पड़ेगी, लिहाजा अपने आंख एवं कान खुले रखें वर्ना आपको नुकसान पहुंच सकता है। वहीं इस गोचरकाल के दौरान आप मानसिक तनाव के भी शिकार हो सकते हैं। एक तरफ जहां आपको संतान के भविष्य की चिंता सताएगी, वहीं दूसरी तरफ किसी क़रीबी से आपका मतभेद भी हो सकता है। यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके लिए गोचर की ये अवधि खासतौर से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।

इस दौरान आपके पार्टनर के साथ आपका किसी बात को लेकर विवाद भी हो सकता है, लिहाजा उनकी भावनाओं की कद्र करें और रिश्ते में प्रेम एवं सौहार्द बनाए रखें। मंगल के हानिकारक प्रभाव के कारण इस दौरान धन कमाने या सफलता प्राप्त करने के लिए अपनाया जाने वाला कोई भी शॉर्टकट आपके लिए सिर्फ नुक़सानदेह ही साबित होगा।


उपाय: विशेष लाभ के लिए मंगलवार को तांबे के बर्तन का दान करें।

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3.मिथुन राशि / Mars effect on gemini Horoscope and Astrology :
मंगल आपकी राशि से इस गोचर के दौरान चौथे भाव में स्थापित होगें। कुंडली में चतुर्थ भाव सुख या माता का भाव कहलाता है। आपके लिए गोचर की ये अवधि माध्यम फलदायी साबित होगी।

इस गोचरकाल के दौरान आर्थिक स्तर पर आपको लाभ मिल सकता है।
दूसरी तरफ इस गोचरकाल के दौरान आपको माता जी की सेहत का खास ध्यान रखना होगा। इसके साथ ही साथ मंगल के गोचर की इस अवधि के दौरान आपको ख़ासा सावधान रहने की आवश्यकता है। इस दौरान विशेष रूप से वाहन चलाते वक़्त सतर्क रहें, कोई अप्रिय घटना घट सकती है।

मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी हानिकारक साबित हो सकता है। वहीं मंगल का ये गोचर आपके लिए विभिन्न कार्यों में बाधक साबित हो सकता है।

पारिवारिक स्तर पर देखें तो मंगल के इस गोचर के दौरान आपका कोई क़रीबी आपको नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर सकता है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के साथ किसी बात को लेकर वाद विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभावों से बचने के लिए मंगलवार को चना दान करें।

4. कर्क राशि / Mars effect on Cancer Horoscope & Astrology :
इस दौरान मंगल आपकी राशि से तीसरे भाव में विराजमान होंगें। तीसरे भाव को कुंडली में पराक्रम भाव कहते हैं, इसे भाई बहन का घर भी माना जाता है। कुल मिलाकर मंगल का ये गोचर कर्क राशि के जातकों के लिए मध्यम फलदायी साबित होगा।

इस गोचरकाल के दौरान इस गोचरकाल के दौरान आपके शत्रु परास्त होंगें और आप उनसे दो कदम आगे चलेंगे। वहीं आपकी बौद्धिक क्षमता और सोचने समझने की शक्ति में इज़ाफा हो सकता है। आर्थिक दृष्टिकोण से देखें तो इस गोचर के दौरान आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और समाज में आपके पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

मंगल के इस गोचर के दौरान आपकी तर्क शक्ति में वृद्धि होगी और आप जीवन में बेहतर फैसले ले पाने में सक्षम होंगें। कार्यक्षेत्र में किसी सरकारी पद पर आसीन व्यक्ति से आपको लाभ मिल सकता है। वहीं यदि आप शादीशुदा हैं तो मंगल के गोचर की ये अवधि आपके लिए विशेष फलदायी साबित हो सकती है।

पारिवारिक जीवन की बात करें तो इस दौरान घर में भाई की तबियत बिगड़ने की वजह से परेशानी हो सकती है। बहरहाल उनकी सेहत का ख़ास ख्याल रखें और परिवार के सदस्यों के साथ ज्यादा से ज्यादा वक़्त गुजारें। कामकाज के मामलों में इस दौरान आपको विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभावों से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा करें और उन्हें सिंदूर चढ़ाएं।

5. सिंह राशि / Mars effect on leo Horoscope and Astrology :
मंगल इस गोचर के दौरान आपकी राशि से दूसरे भाव में स्थापित होंगें। कुंडली में द्वितीय भाव को धन भाव माना जाता है। सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर निम्न फलदायी सिद्ध होगा।

मंगल के इस गोचर के दौरान आपको विशेष धन लाभ होने के योग हैं। कार्यक्षेत्र में इस गोचरकाल के दौरान आपको विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि इन चुनौतियों का सामना आप पूरी लगन और मेहनत के साथ करेंगे जिसका फल आपको भविष्य में ज़रूर मिलेगा।


आपकी भाषा-शैली में कड़वाहट आएगी। बिजली के उपकरणों से सावधानी बरतें। पारिवारिक स्तर पर देखें तो मंगल के इस गोचर के दौरान पारिवारिक सदस्यों के साथ आपका वाद विवाद हो सकता है और परिवार में कलह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

यदि इस अवधि में आप शेयर मार्किट या प्रॉपर्टी आदि में निवेश करने की सोच रहे हैं तो, आपके लिए ये गोचर हानिकारक परिणाम ला सकता है।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए सुंदरकांड का पाठ करें।

6. कन्या राशि / Mars effect on virgo Horoscope & Astrology :
मंगल का गोचर चूँकि आपकी ही राशि में हो रहा है, लिहाजा मंगल आपकी राशि से पहले भाव या लग्न भाव में स्थित होंगें। ऐसे में आपके लिए मंगल के गोचर की ये अवधि मध्यम फलदायी साबित हो सकता है।

गोचर की इस अवधि के दौरान कन्या राशि के जातकों को स्वास्थ्य के लिहाज से परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। सेहत को लेकर सचेत रहे अन्यथा बुखार और सिरदर्द की समस्या से दो चार होना पड़ सकता है। यदि आप विवाहित हैं तो इस अवधि में आपके जीवनसाथी के स्वास्थ्य में भी गिरावट हो सकती है। आपके क्रोध में वृद्धि हो सकती है, काबू नहीं रखने पर काम भी बिगड़ सकते हैं।

मंगल के गोचर की इस अवधि में आप और आपके जीवन साथी दोनों को एक दूसरे की सेहत का ख़ास ख्याल रखने की जरुरत होगी। मंगल के इस गोचरकाल के दौरान आपको खासतौर से ये सलाह दी जाती है कि वाहन चलाते वक़्त विशेष सावधानी बरतें और नशीले पदार्थों का सेवन ना करें।

उपाय: विशेष फल की प्राप्ति के लिए मंगलवार को लाल कपड़े दान करें।

7. तुला राशि / Mars effect on libra Horoscope and Astrology :
इस गोचर की अवधि के दौरान मंगल आपकी राशि से बारहवें भाव में स्थापित होगा। कुंडली में बारहवें भाव को व्यय भाव भी कहा जाता है। तुला राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर विशेष फलदायी साबित हो सकता है।

मंगल के इस गोचर के दौरान आपकी पदोन्नति या आय में वृद्धि की भी संभावना नजर आ रही है। यह समय आपके लिए विशेष रूप से कार्यक्षेत्र में सफलता लेकर आ सकता है। लिहाजा इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र में कोई ख़ास उपलब्धि हासिल हो सकती है। पारिवारिक दृष्टिकोण से देखें तो आपके लिए मंगल का ये गोचर विशेष फलदायी साबित होगा। इस दौरान परिवार में बड़े भाई बहनों के साथ आप ज्यादा वक़्त गुजार पाएंगे और उनके साथ मधुर संबंध स्थापित होंगें।

जहां तक आर्थिक जीवन का सवाल है तो इस अवधि में आपकी आमदनी में अच्छी खासी वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही साथ आप पैतृक संपत्ति या अपनी किसी प्रॉपर्टी को किराये पर देकर लाभ कमा सकते हैं। इस गोचरकाल के दौरान आपको प्रॉपर्टी से संबंधित विशेष लाभ मिल सकता है।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए भगवान शिव की पूजा करें और उन्हें गेहूं चढ़ाएं।

8. वृश्चिक राशि / Mars effect on Scorpio Horoscope & Astrology :
मंगल इस गोचर के दौरान आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में विराजमान होंगें। कुंडली में ग्यारहवें भाव को आय भाव भी कहा जाता है। वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर मध्यम फलदायी साबित होगा।

गोचर की इस अवधि में कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और बॉस की नजरों में आपकी पहचान एक कर्मठ कर्मचारी के रूप में बनेगी। साथ ही आपकी कुंडली में मंगल की ये स्थिति विशेष रूप से कार्यक्षेत्र में सफलता दिला सकती है। यदि आप इस दौरान प्रॉपर्टी या शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करते हैं तो आपको मुनाफ़ा मिल सकता है।

संभव है कि गोचर की इस अवधि में आपको अपने मन मुताबिक कोई नयी जॉब भी मिल सकती है। इसके अलावा पारिवारिक जीवन का जहां तक सवाल है तो आपको बता दें कि इस दौरान परिवार के सदस्यों का आपको भरपूर लाभ प्राप्त होगा। लिहाजा आपके लिए पारिवारिक दृष्टिकोण से मंगल के गोचर की ये अवधि विशेष फलदायी साबित होगी।

आर्थिक आधारों पर देखें तो गोचर का ये समय आपके लिए खासतौर से ख़र्चों में इज़ाफा करने वाला होगा। बहरहाल इस दौरान आपको विशेष रूप से सतर्क रहने की जरुरत है। कोई क़रीबी आपसे पैसे उधार मांग सकता है लेकिन, लेन-देन के मामलों में सावधानी विशेष रूप से बरतने की जरुरत पड़ सकती है।

उपाय: विशेष लाभ प्राप्ति के लिए भगवान शिव की पूजा करें और उन्हें गेहूं चढ़ाएं।

9. धनु राशि / Mars effect on sagittarius Horoscope & Astrology :
इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से दसवें भाव में विराजमान होंगें। कुंडली में दशम भाव को कर्म व विद्या भाव भी कहते हैं। धनु राशि के जातकों के लिए गोचर की ये अवधि विशेष रूप से सामान्य फलदायी सिद्ध होगी।

मंगल के इस गोचर के दौरान कार्यक्षेत्र में आपको अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए विशेष रूप से अपने काम करने के तरीके पर ध्यान देने की आवश्यकता पड़ सकती है।

इस दौरान एक तरफ कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियों में इज़ाफा होगा वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य को लेकर भी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा शारीरिक रूप से स्वस्थ्य का भी ख़ास ख्याल रखने की आवश्यकता है।

लेकिन इस गोचरकाल के दौरान आपके पारिवारिक जीवन में तनाव परेशानी बढ़ा सकता है। काम के सिलसिले में आपको कुछ वक़्त परिवार से दूर भी रहना पड़ सकता है।

माता की सेहत पर विशेष ध्यान दें। यदि आप विवाहित हैं तो आपके लिए गोचर की इस अवधि में जीवनसाथी के साथ मतभेद होने की आशंका उत्पन्न हो सकती है। बहरहाल इस दौरान जीवनसाथी के साथ प्रेम भाव बनाए रखें और वाद विवाद की स्थिति ना उत्पन्न होने दें।

उपाय: विशेष लाभ के लिए भाइयों से मधुर रिश्ते बनाएं और उन्हें उपहार भेंट करें।

10. मकर राशि / Mars effect on capricorn Horoscope & Astrology :
इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से नवम भाव में विराजमान होंगें। कुंडली में नवम भाव को भाग्य भाव भी कहा जाता है। आपके लिए गोचर की ये स्थिति सामान्य रहने वाली है।

आर्थिक रुप से इस गोचरकाल में आपके ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है, लेकिन दूसरी तरफ आर्थिक लाभ के भी योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत बनाये रखने के लिए अपने ख़र्चों पर नियंत्रण रखें और धन का व्यय सोच समझ कर ही करें।

इस अवधि के दौरान आप पिता जी सेहत को लेकर आप परेशान हो सकते हैं। वहीं इस दौरान छोटे भाई बहनों के साथ किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

गोचर की इस अवधि में परिवार में किसी बिन बुलाए मेहमान के आने से भी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए लाल मसूर दान करें।

11. कुंभ राशि / Mars effect on Aquarius Horoscope & Astrology :
मंगल इस गोचर के दौरान ये आपकी राशि से आठवें भाव में विराजमान होगा। कुंडली में अष्टम भाव को आयु भाव भी कहा जाता है। यह काल आपकी राशि वालों के लिए उचित नहीं दिख रहा है।

इस गोचरकाल के दौरान यदि आप काफी लंबे समय से विदेश जाने का प्लान बना रहे हैं तो, गोचर की इस अवधि में आपको विदेश जाने का अवसर मिल सकता है। जबकि इस दौरान आपके भाई बहनों के साथ किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो मंगल के इस गोचर के दौरान आपको आंखों से संबंधित कोई समस्या हो सकती है। कुंभ राशि के जातकों को इस गोचर की अवधि में विशेष सलाह दी जाती है कि इस समय कोई भी ऐसा काम ना करें जिससे समाज में आपके मान सम्मान या छवि को नुक्सान पहुंचे।

वहीं इसके अलावा इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान कार्यस्थल पर आपको कुछ ऐसे काम मिल सकते हैं जिसे करने के लिए आपको अपने सहकर्मियों की सहायता की आवश्यकता होगी।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए मंगलवार को गुड़ दान करें।

12. मीन राशि / Mars effect on pisces Horoscope and Astrology :
इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से सातवें भाव में स्थापित होगा। कुंडली में सप्तम भाव को विवाह भाव भी कहा जाता है। मीन राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर सामान्य से ज्यादा फलदायी साबित होगा।

कार्यक्षेत्र की बात करें तो, मंगल के इस गोचरकाल के दौरान आपको कार्यस्थल पर मनमाफिक फल की प्राप्ति होगी। बॉस आपके काम से प्रसन्न होगा और इस दौरान आपकी पदोन्नति भी संभव हो सकती है।

वहीं मंगल का ये गोचर खासतौर से आपके वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। वैवाहिक जीवन को सफल बनाने के लिए इस दौरान विशेष रूप से जीवनसाथी के साथ होने वाले मतभेद की स्थिति से दूर रहें। इस गोचरकाल में शादीशुदा जोड़ों को एक दूसरे के ऊपर न हावी होने की सलाह दी जाती है।

ऐसी स्थिति में एक दूसरे को समझने का प्रयास करें और मतभेदों को किनारे कर सुख शांति से जीवन यापन करें। दूसरी तरफ पारिवारिक दृष्टिकोण से देखें तो, गोचर की इस अवधि में पारिवारिक स्तर पर आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: विशेष लाभ प्राप्ति के लिए हनुमान जी की पूजा करें और उनको केलों का भोग लगाएं।