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पहले छापा पड़ता है, फिर मिलावटखोर छोड़ दिया जाता है : सिंधिया

Anil Chaudhary

Publish: Oct 22, 2019 05:04 AM | Updated: Oct 21, 2019 21:49 PM

Bhopal

- फूड टेस्टिंग लैब का शिलान्यास : अपने समर्थक मंत्री की ओर इशारा कर अपनी ही सरकार को लिया निशाने पर

ग्वालियर. पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर अपनी ही सरकार को इशारों-इशारों में निशाने पर ले लिया। सिंधिया ने सोमवार को फूड टेस्टिंग लैब के शिलान्यास के अवसर पर कहा कि मिलावट रोकने के लिए पहले छापा पड़ता है, फिर मिलावटखोर को छोड़ भी दिया जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट की ओर देखते हुए कहा कि मंत्रीजी, अब जब तक आपका आदेश न हो, कोई मिलावटखोर छूटना नहीं चाहिए। जब तक आप पूरे दस्तावेज न देख लें, तब तक बिलकुल नहीं छोड़ा जाए।
सिंधिया ने कहा कि इससे ज्यादा निंदाजनक काम क्या हो सकता है कि एक व्यक्ति दूसरे को बेखौफ होकर मिलावट का जहर खिला रहा है। उन्होंने मंच से खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और तुलसी सिलावट से कहा कि आप दोनों से निवेदन है कि मिलावट पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो और मिलावटखोरों को जेल के सींखचों के पीछे पहुंचाया जाए। आप भोपाल से ही पूरी मॉनिटरिंग करो, किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। अब अगर कहीं छापा पड़े और वहां कुछ पकड़ा जाए तो आपके ऑर्डर के बिना केस क्लोज नहीं होना चाहिए।

- सिलावट है तो नहीं होगी मिलावट
अपने समर्थक मंत्री तुलसी सिलावट को देखते हुए सिंधिया बोले- जब तक है सिलावट, नहीं होगी मिलावट। इसके बाद उन्होंने सिलावट से कहा कि इस नारे के साथ अब एक और नया नारा होना चाहिए। इसमें कहा जाए कि अब हो शुद्ध के लिए युद्ध। उन्होंने फिर से सिलावट की ओर इशारा करते हुए कहा कि कार्रवाई इतनी सख्ती से हो कि प्रदेश में कोई मिलावटखोरी का सपना भी न देख पाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिलावट करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।


- मिलावट की सूचना देने वाले 240 लोगों के नाम रखेंगे गोपनीय
मंत्री तुलसी सिलावट ने 'पत्रिकाÓ से कहा कि अब तक 240 लोग मिलावट की सूचना दे चुके हैं। उनके नाम गोपनीय रखे जाएंगे और उनको 25-25 हजार रुपए का इनाम भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुद्ध के लिए युद्ध तब तक चलता रहेगा, जब तक मिलावटखोर प्रदेश छोड़ें या मिलावट करना बंद कर दें। सिलावट ने कहा कि अभी तक नौ लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई है। 29 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एक मिलावटखोर को जिलाबदर किया गया है। पिछले ढाई महीने में 8200 सैंपल लिए गए हैं। जिनकी मुंबई की लैब तक से जांच कराई गई। अब भी करीब 7000 सैंपल की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। सिलावट ने बताया कि ग्वालियर में फूड टेस्टिंग लैब का शिलान्यास किया गया है, इससे पहले इंदौर खाद्य पदार्थों की जांच के लिए लैब खोलने की आधारशिला रख दी गई है। इसके बाद 24 अक्टूबर को तीसरी लैब के लिए जबलपुर में भूमिपूजन किया जाएगा। करीब 56 करोड़ की लागत से यह तीनों लैब एक साल के अंदर तैयार हो जाएंगी जिसके बाद मिलावट की जांच प्रदेश में जल्द से जल्द हो सकेगी।