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बहन का हत्यारा भेष बदलकर 3 शादियां की, पुलिस ने 11 साल बाद किया गिरफ्तार

KRISHNAKANT SHUKLA

Publish: Aug 20, 2019 08:49 AM | Updated: Aug 20, 2019 08:49 AM

Bhopal

Brother murdered sister 11 years later bajaria police arrested - भेष बदलकर दिल्ली, मुंबई, इंदौर और पीथमपुर में फरारी काटी। इतना ही नहीं इस बीच उसने तीन शादियां भी कीं। पकड़ा न जाए इसलिए 11 साल में कभी मोबाइल का उपयोग नहीं किया। उस पर दस हजार की इनाम घोषित था।

भोपाल. राजधानी के स्टेशन बजरिया थाना पुलिस ने बहन के हत्या के आरोप में 11 साल से फरार एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी बेहद शातिर है, उसने भेष बदलकर दिल्ली, मुंबई, इंदौर और पीथमपुर में फरारी काटी। इतना ही नहीं इस बीच उसने तीन शादियां भी कीं। पकड़ा न जाए इसलिए 11 साल में कभी मोबाइल का उपयोग नहीं किया। उस पर दस हजार की इनाम घोषित था।

 

एएसपी अखिल पटेल ने पुलिस कंट्रोल रूम में बताया कि पकड़ा गया आरोपी सुरेन्द्र ठाकुर (38) मूलत: ग्राम पड़रिया रायसेन का रहने वाला है। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सुरेन्द्र दिल्ली में नौकरी कर रहा है। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी पीथमपुर पहुंच गया। पीथमपुर से गांव और फिर भोपाल आ गया। भोपाल आते ही पुलिस ने चांदबड़ कपड़ा मिल के पास से एक देशी कट्टे के साथ गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।

 

बदल गए करीब एक दर्जन थाना प्रभारी

11 साल में आरोपी सुरेन्द्र के फरारी के बाद से अब तक एक दर्जन टीआई बदल गए, लेकिन कोई थाना प्रभारी आरोपी तक नहीं पहुंच सका। वर्तमान थाना प्रभारी सुदेश तिवारी को जांच में उसके गांव से कुछ जानकारी मिली। तिवारी ने मुखबिर को सक्रिय किया व उसके बारे में अन्य जानकारियां जुटाईं और आखिरकार उसे धर दबोचा। बताया जा रहा है कि सुरेन्द्र पर उसके जीजा की हत्या करने का भी संदेह है। जीजा की मौत स्लो पॉइजन और नशे के ओवरडोज से हुई थी। उस मामले में पुलिस नए सिरे से जांच का दावा कर रही है।

 

 

बीमा राशि हड़पने के लिए कर दी थी हत्या

टीआई सुदेश तिवारी ने बताया कि 24 फरवरी 2008 को आरोपी सुरेन्द्र ने सगी बहन किरण के सिर पर हथौड़ा मारकर हत्या कर दी थी। तब वह बहन किरण के साथ पुरुषोत्तम कॉलोनी सेमरा में किराए से रहता था। हत्या करने के पीछे की वजह यह थी कि उसके जीजा ने कुछ बीमा पॉलिसी कराई थीं। जीजा की मौत के बाद वह बहन किरण पर उन बीमा पॉलिसी को हड़पने के लिए दबाव बनाने लगा था।

उनके बीच आए दिन विवाद होता था। 24 फरवरी 2008 की रात आठ बजे इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, तो उसने हथौड़ा मारकर बहन की हत्या कर दी। लाश को ठिकाने लगाने के लिए एक संदूक में रखकर ले जाने लगा। संदूक से खून टपकने पर मकान-मालिक को संदेह हुआ। मकान-मालिक के पूछने पर आरोपी सुरेन्द्र संदूक को वहीं छोडकऱ भाग गया, तब से वह फरार था।