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दूसरे बच्चों को भी जंजीर से बांधते थे, बात नहीं मानने पर पीटते थे

manish kushwah

Publish: Sep 17, 2019 04:04 AM | Updated: Sep 17, 2019 01:34 AM

Bhopal

भोपाल. मेहमुदिया मस्जिद के पीछे संचालित मदरसा में दीनी तालीम देने के नाम पर दो बच्चों को जंजीर से बांधकर रखने के मामले में मुफ्ती और हाफिज को अशोका गार्डन थाना पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पुलिस को दिए बयान में बच्चों ने बताया कि मरदसा में उनके साथ मारपीट की जाती थी। बच्चों ने आरोप लगाए कि उनके अलावा चार से पांच और बच्चों को भी जंजीर से बांधकर रखा जाता था।
परिवार के लोगों से मिलने नहीं देते थे

पुलस ने बताया कि मुफ्ती मोहम्मद साद और हाफिज सलमान को पुलिस ने मारपीट, बंधक बनाने और किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं में गिरफ्तार किया था। बच्चों ने 164 के बयान में बताया है कि उनके साथ छोटी-छोटी बातों को लेकर मारपीट की जाती थी। छोटी सी गलती की बड़ी सजा देते थे। दस साल के बच्चे ने कहा कि बात नहीं मानने पर मारपीट तो होती ही थी। परिवार के लोगों से भी मिलने नहीं दिया जाता था। छोटे बच्चे की मां पति से पांच साल से अलग रह रही है और घरों में काम कर भरण पोषण करती है। इसलिए उसे मदरसे में पढऩे के लिए छोड़ दिया था।
बाल आयोग ने पूछा- तालीम के अलावा आवंछित गतिविधियां तो नहीं चल रही थीं
भोपाल. अशोका गार्डन स्थित मदरसे में बच्चों को जंजीर से बांधकर रखने का मामला सामने आने के बाद बाल संरक्षण आयोग ने आरोपियों के खिलाफ जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की है। आयोग ने एसपी (दक्षिण) एवं जिला परियोजना समन्वयक से छह-छह बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने पूछा है कि मदरसे में आवांछित गतिविधियां तो नहीं की जा रही थीं।

इन पर मांगी रिपोर्ट
आयोग ने मदरसे में रहने वाले बच्चों की संख्या, पंजीयन एवं छात्रावास संचालन की जानकारी तलब की है। आयोग ने पूछा है कि पीडि़त दो बच्चों के अलावा अन्य की काउंसिलिंग कराई गई है या नहीं। इसके अलावा जिला परियोजना समन्वयक से जिलेभर में पंजीकृत एवं गैर पंजीकृत मदरसों का विवरण मांगा है। ये भी बताने को कहा है कि गैर पंजीकृत मदरसों पर कब और क्या कार्रवाई की गई।