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मध्यप्रदेश में पलंग घोटाला, खिलाड़ियों के नाम पर 49 हजार में खरीदा एक पलंग

Manish Geete

Publish: Jul 20, 2019 11:46 AM | Updated: Jul 20, 2019 11:48 AM

Bhopal

मध्यप्रदेश में खिलाड़ियों के नाम पर 2012 में एक-एक पलंग 49 हजार में खरीदा गया था। ये मामला विधानसभा में उठने पर विधानसभा अध्यक्ष ने पूरे मामले की जांच विधानसभा समिति से कराने के निर्देश दे दिए।

 

भोपाल. मध्यप्रदेश ( madhya pradesh ) में खिलाड़ियों के नाम पर पलंग खरीदी में भी घोटाला हुआ है। इसका खुलासा होने के बाद कमलनाथ सरकार ( Kamal Nath government ) ने जांच के निर्देश दे दिए हैं। खिलाड़ियों के लिए यह पलंग 2012 में खरीदे गए थे, एक-एक पलंग की कीमत 49 हजार रुपए थे। ये मामला विधानसभा ( vidhansabha ) में उठने पर विधानसभा अध्यक्ष ने पूरे मामले की जांच विधानसभा समिति से कराने के निर्देश दे दिए। इस जांच समिति में विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, संसदीय कार्यमंत्री डॉ. गोविंद सिंह और खेल एवं युवक कल्याण मंत्री जीतू पटवारी रहेंगे। यह घोषणा विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने की।

 

मामला कांग्रेस के आरिफ मसूद के अतारांकित सवाल के लिखित जवाब से संबंधित था। मसूद ने सदन में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया तो अध्यक्ष ने इस पर अलग से देर रात को 30 मिनट तक चर्चा कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष ने इस मामले में जांच समिति बनाने का ऐलान किया। उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि पलंग खरीदी से जुड़े दस्तावेज न देने वाले अधिकारियों को तीन दिन के अंदर उनके मूल विभाग में भेज दिया जाएगा।

 

मंत्री ने सदन में स्वीकार किया है कि पलंग खरीदी की फाइल नहीं मिल रही है। मसूद ने कहा कि इसमें अधिकारियों के नाम गलत हैं। मामले में एफआइआर दर्ज कराई जाए। इस पर स्पीकर ने कहा कि कुछ दस्तावेज मेरे पास हैं और कुछ मसूद के पास हैं। मामले की जांच समिति से कराई जाएगी। मंत्री जीतू पटवारी ने भी कहा कि इससे जुड़ी फाइल नहीं मिल रही है, फोटोकॉपी से जवाब दिया गया है।

 

कोई सामने कह दे कि रिश्वत ली तो इस्तीफा दे दूंगा : मंत्री
जी एडी मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने बजट चर्चा के दौरान ऐलान किया कि विधायकों को मकान बनाने के लिए कर्ज की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख और वाहन के लिए 25 लाख रुपए कर्ज सीमा की जाएगी। अभी वाहन के लिए कर्ज की सीमा 15 लाख रुपए है। विधायकों को 50 हजार रुपए तक लैपटॉप भी मुफ्त दिया जाएगा।

मंत्री ने विधायकों के निजी सहायक को दिए जाने वाला विशेष भत्ता 200 रुपए से बढ़ाकर एक हजार रुपए करने का ऐलान किया। चर्चा में भाजपा के गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि तबादले को उद्योग न बनाया जाए।

 

इस पर डॉ. गोविंद सिंह ने दावा किया कि यदि कोई भी व्यक्ति सामने यह कह दे कि हमारे विभाग में तबादले के लिए रिश्वत ली गई है तो मैं आज ही मंत्री और विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा। मंत्री सिंह ने कहा कि रिक्त पदों पर नियुक्तियां शुरू की जाएंगी। इनमें सबसे पहले अनुकम्पा वालों को ही महत्त्व दिया जाएगा।

 

प्रदेश में फिजियोथैरेपी काउंसिल की होगी स्थापना
प्रदेश में फिजियोथैरेपी काउंसिल की स्थापना की जाएगी। कांग्रेस के राजवर्धन सिंह ने अशासकीय संकल्प पेश कर कहा था कि न्यूरो सहित अन्य गंभीर बीमारियों का कारगर इलाज फिजियोथैरेपी से किया जा सकता है। इसके लिए प्रदेश में काउंसिल का गठन करना चाहिए। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि इसका हम अध्ययन करवा लेते हैं कि इसे कैसे गठित किया जाए। एक माह के अंदर काउंसिल का गठन करवा देंगे।

 

आइएएस-आइपीएस सबसे बड़े डकैत
भाजपा के कमल पटेल ने कहा कि सबसे बड़े डकैत तो आइएएस, आइपीएस हैं। अगर इसके यहां छापा पड़ें तो एक मिनट में दो लाख करोड़ सरकार को मिल जाए। खनिज के बजट पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि होशंगाबाद कलेक्टर रेत माफिया के साथ मिले हुए हैं। वे 5-6 करोड़ के पैकेज में गए हैं। ठेकेदार, कलेक्टर-एसपी नर्मदा को खोखला कर रहे हैं।