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दिल्ली और दक्षिणी हरियाणा के हिस्से का पानी हो रहा गंदा

Prateek Saini

Publish: Jun 25, 2019 16:18 PM | Updated: Jun 25, 2019 16:18 PM

Bhiwani

Water Crisis Haryana: गर्मी में पानी की किल्लत के बीच ( Water Crisis ) पश्चिमी यमुना नहर के पानी में गंदा पानी मिलना चिंतित कर देने वाली बात है। नहर से दिल्ली और हरियाणा में पीने के पानी की आपूर्ति हो रही है। ऐसे में लोगों में बिमार होने की आशंका हैं। जल्द समाधान नहीं किया गया तो महामारी फैल सकती है।

(यमुनानगर, भिवानी): दिल्ली और दक्षिणी हरियाणा को पेयजल एवं सिंचाई का पानी देने वाली पश्चिमी यमुना नहर ( Western Yamuna Canal ) में प्रति सैकण्ड 2800 लीटर घरेलू गंदा पानी जा रहा है। सिचाई व जल संसाधन विभाग द्वारा यमुना निगरानी कमेटी को भेजी गई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। यह रिपोर्ट भेजे जाने के बाद सिंचाई विभाग ने यमुनानगर नगर निगम,जगाधरी नगर कमेटी,रादौर,जगाधरी व छछरौली के खण्ड विकास और पंचायत अधिकारी एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता को नोटिस भेजे गए है।


दादूपुर जलसेवा खण्ड के अधिशासी अभियंता हरदेव काम्बोज ने हरियाणा कैनाल एंड ड्रेनेज एक्ट 1974 की धारा 58 के तहत इन अधिकारियों को दूसरी बार नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में घरेलू गंदा पानी नहर में जाने से रोकने को कहा गया है। सिंचाई विभाग ने यह देखा था कि यमुनानगर जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 19 स्थानों पर घरेलू गंदा पानी एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का पानी नहर में जा रहा है।

 

यमुनानगर की उपायुक्त अमना तस्नीम के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और गंदा पानी नहर में जाने से रोकने के लिए और अधिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जायेंगे। अभी नहर में 17000 क्यूसेक्स पानी छोडा जा रहा है। आगामी एक जुलाई से 18000 क्यूसेक्स पानी छोडा जाएगा। तब नालों का पानी लौटकर आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। इसलिए सम्बन्धित विभागों को कहा गया है कि नहर में गंदा पानी जाने से रोका जाए।


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