स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

भिवानी-महेन्द्रगढ सीट: भाजपा प्रत्याशी को डबल इंजन की सरकार के कामकाज का सहारा,पुराने काम और जाति समीकरणों से फायदे में कांग्रेस कैंडिडेट

Prateek Saini

Publish: May 01, 2019 20:26 PM | Updated: May 01, 2019 20:26 PM

Bhiwani

इस लोकसभा क्षेत्र में भिवानी,महेन्द्रगढ और चरखी दादरी आते है...

(चंडीगढ,भिवानी): हरियाणा की भिवानी-महेन्द्रगढ सीट पर चुनावी मुकाबला समूचे प्रदेश की एक बानगी की तरह बन गया है। इस सीट से भाजपा प्रत्याशी मौजूदा सांसद धर्मवीर सिंह ही है। उनके मुकाबले में परम्परागत प्रतिद्वंद्वी पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की पौत्री श्रुति चौधरी है। दोनों के बीच कडा मुकाबला है।

 

अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास के नाम पर बताने के लिए धर्मवीर सिंह के पास बहुत अधिक नहीं है। लेकिन वे केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार और हरियाणा की भाजपा सरकार के कामकाज के आधार पर टक्कर दे रहे है। राष्ट्रवाद का मुद्या भी उनके लिए मददगार बना है। धर्मवीर सिंह अपने भाषणों में पाकिस्तान और आतंकवादियों को सीमापार दिए गए मुंहतोड जवाब और राज्य सरकार द्वारा ईमानदारी से सरकारी नौकरियों में गई भर्ती का हवाला दे रहे है। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी श्रुति चौधरी को धर्मवीर सिंह के मुकाबले तीसरा स्थान हासिल हुआ था। उस समय वे धर्मवीर सिंह के मुकाबले 1.3 लाख वोट और इंडियन नेशनल लोकदल के प्रत्याशी राव बहादुर सिंह के मुकाबले 7 हजार वोटों से पीछे रही थी। इस बार स्वयं श्रुति चौधरी और उनकी मां तोशाम से कांग्रेस विधायक किरण चौधरी अतिरिक्त मेहनत कर रही है। श्रुति चौधरी बता रही है कि उन्होंने इस क्षेत्र को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल करवाया है। सभी गांवों में पेयजल पहुंचाया है। शिक्षा और स्वास्थ्य की परियोजनाएं शुरू करवाई हैं लेकिन इस सरकार ने उन्हें ठप कर दिया है।

 

इस लोकसभा क्षेत्र में भिवानी,महेन्द्रगढ और चरखी दादरी आते है। इनमें भिवानी इंडियन नेशनल लोकदल का गढ है। इंडियन नेशनल लोकदल के विभाजन के बाद जननायक जनता पार्टी का गठन किया गया। इस पार्टी से स्वाति यादव प्रत्याशी है। जननायक जनता पार्टी से चौटाला परिवार का कोई सदस्य प्रत्याशी न होने से जाट वोट कांग्रेस की ओर जाता दिखाई दे रहा है। इस क्षेत्र में जाट वोट सबसे अधिक तीन लाख है। इसके बाद दूसरे नम्बर पर यादव है। इसके बाद ब्राह्मन,गुर्जर महाजन और पंजाबी है। क्षेत्र में किसान भाजपा से नाखुश है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और कर्ज माफी जैसे मुद्ये पर किसानों की नाराजगी दिखाई दे रही है।