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भिवानी-महेन्द्रगढ सीट पर फिर एक बार 32 साल पुराने प्रतिद्वंद्वी मुकाबले में होंगे

Prateek Saini

Publish: Apr 08, 2019 19:52 PM | Updated: Apr 08, 2019 19:52 PM

Bhiwani

लोकसभा चुनाव में भिवानी सीट पर धर्मवीर सिंह और श्रुति चौधरी के बीच मुकाबला होने के आसार हैं...

(चंडीगढ,भिवानी): हरियाणा की भिवानी-महेन्द्रगढ लोकसभा सीट पर फिर एक बार 32 साल पुराने प्रतिद्वंद्वी मुकाबले में होंगे। इस बार के चुनाव में जहां भाजपा ने इस सीट से अपने मौजूदा सांसद धर्मवीर सिंह को टिकट दिया है, तो कांग्रेस ने कांग्रेस विधायक दल की नेता श्रीमती किरण चौधरी की बेटी पूर्व सांसद श्रुति चौधरी को ही टिकट देने का खुला संकेत दे दिया है। श्रुति चौधरी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल की पौत्री हैं। राजनीति के मैदान में चौधरी बंसीलाल के वंशज और धर्मवीर सिंह पिछले 32 साल से एक दूसरे के मुकाबले खडे रहे हैं। इस समय अवधि में धर्मवीर सिंह ने बंसीलाल के वंशजों के खिलाफ तीन लोकसभा और चार विधानसभा चुनाव लड़े हैं।

 

बंसीलाल को भी दी कड़ी टक्कर

धर्मवीर सिंह ने पहला विधानसभा चुनाव तो चौधरी बंसीलाल के खिलाफ ही लड़ा था। धर्मवीर सिंह ने 1987 में लोकदल के टिकट पर तोशाम सीट पर बंसीलाल को कड़ी टक्कर देते हुए 2186 वोटों से चुनाव जीत लिया था लेकिन हाईकोर्ट ने यह चुनाव रद्द कर दिया था। इस चुनाव की मतगणना के दौरान हिंसा भी हुई थी। वर्ष 1989 के लोकसभा चुनाव में धर्मवीर सिंह और बंसीलाल ने फिर भिवानी सीट पर एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में बंसीलाल ने अच्छे अंतर से जीत दर्ज करवाई थी। तोशाम विधानसभा सीट पर वर्ष 1991 के चुनाव में बंसीलाल और धर्मवीर सिंह फिर आमने-सामने थे लेकिन इस बार भी बंसीलाल को जीत हासिल हुई थी। धर्मवीर सिंह ने इतने पर भी हिम्मत नहीं हारी और वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव में तोशाम विधानसभा सीट पर फिर बंसीलाल के खिलाफ ताल ठोक दी थी। लेकिन इस बार भी धर्मवीर को सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में धर्मवीर सिंह ने बंसीलाल के पुत्र सुरेन्द्र सिंह के खिलाफ भिवानी सीट पर चुनाव लडा था। इस चुनाव में धर्मवीर सिंह और सुरेन्द्र सिंह दोनों ही हार गए थे और इंडियन नेशनल लोकदल के प्रत्याशी एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के पुत्र अजय सिंह चौटाला की जीत हुई थी। उस चुनाव में सुरेन्द्र सिंह ने अपने पिता की हरियाणा विकास पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

 

पकड़ी जीत की राह

वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव में धर्मवीर सिंह ने तोशाम विधानसभा सीट पर सुरेन्द्र सिंह को हरा दिया था। धर्मवीर सिंह की जीत का सिलसिला यहां से शुरू हुआ, तो उन्होंने फिर पीछे मुडकर नहीं देखा। इसके बाद 2005 में बाढडा व 2009 में सोहना विधानसभा सीट पर उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले धर्मवीर सिंह सौहना सीट से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए और भिवानी लोकसभा सीट पर श्रुति चौधरी को हराकर विजयी हुए। अब इस लोकसभा चुनाव में भी भिवानी सीट पर धर्मवीर सिंह और श्रुति चौधरी के बीच मुकाबला होने के आसार हैं।