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1 नवंबर से नहरों में छोड़ा जाएगा पानी,

Rajeev Goswami

Publish: Oct 15, 2019 11:12 AM | Updated: Oct 14, 2019 23:44 PM

Bhind

नहरों की सफाई कराने की जिम्मेदारी ईई सिंचाई की, अध्यक्षों से लेंगे फीटबैक

भिण्ड. भले ही इस वर्ष किसानों को खरीफ की फसल में अतिवृष्टि से नुकसान हुआ हो लेकिन रबी के सीजन में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न होने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली। यही वजह है कि एक नवंबर से जिले की नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। वह भी हर 15 दिन के अंतराल पर। यानी कि कुल मिलाकर किसानों को रबी के सजन में पानी की समस्या दो-चार नहीं होना पड़ेगा। क्योंकि इस बार बेहतर बारिश होने से जिले कें सभी डैम लबालब हैं। जिसके मद्देनजर प्रशासन ने कार्य योजना तैयार कर ली हैं। जाने क्या हैं योजना

अतिवृष्टि से खरीफ की फसल को नुकसान पहुंचा है। रबी की फसल के लिए पानी की कमी नहीं आनी चाहिए। एक नवंबर से सरसों की पहली सिंचाई और गेहंू के पलेवा के लिए 15-15 दिनों के अंतराल पर नहरों से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाए। यह बात जलउपभोक्ता समिति की सोमवार को हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर छोटेसिंह ने कही। बैठक में ईई सिंचाई भिण्ड हरीशंकर शर्मा, उप संचालक कृषि एसपी शर्मा के अलावा जिले के एसडीओ, उपयंत्री, समिति के अध्यक्षगण उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने बताया कि डेमों में पर्याप्त पानी है इसलिए रबी की फसल के लिए पर्याप्त दिया जाएगा। एक भी पानी नहीं काटा जाएगा। उन्होंने कहा कि समिति के अध्यक्ष इस बात का ध्यान रखे कि जब ठेकेदार द्वारा नहरों की सफाई उनके क्षेत्र में की जा रही है तो उस पर नजर रखें। एसडीओ, उपयंत्री के अलावा समिति के अध्यक्षो से भी नहरों की सफाई को लेकर फीडबैक लिया जाएगा। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सभी समितियों के अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र में उनको दिए गए पैसे का उपयोग कर कूलों की सफाई एवं कुलावों को लगवाने का कार्य कर सकते है।

नहरों से होती है 1.54 लाख हेक्टेयर की सिंचाई : बैठक के प्रारंभ में ईई भिण्ड हरीशंकर शर्मा ने बताया कि जिले में पिलुआ जलाशय, कोतवाल जलाशय, पगारा जलाशय, बैैसली जलाशय से जिले में 1 लाख 54 हजार

712 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। जिले की विभिन्न नहर प्रणालियों ेेमें इन्ही जलाशयों से पानी आता है।

सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर होगी कार्यवाही

सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण के प्रति उदासीनता बरत रहे अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। यह बात कलेक्टर छोटे सिंह ने कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित टाइम लिमिट साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कही।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने लेवल फोर पर शिकायतें पहुंचने पर नाराजगी जाहिर की। पंचायत, राजस्व, एलडीएम, खाद्य, पीएचई आदि विभागों में अधिक संख्या में शिकायतें लंबित हैं। कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि के फीडिंग कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इस कार्य में तेजी लाकर पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने संबल योजना अंतर्गत चल रहे सत्यापन कार्य की समीक्षा कर इसमें हो रही देरी के लिए सभी सीईओ जनपद एवं सीएमओ को फटकार लगाई। बैठक में जिले में विभिन्न स्थानों पर चल रहे गोशाला निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा कर कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत आरपी भारती, एडीएम ,अनिल कुमार चांदिल, एसडीएम भिण्ड इकबाल मोहम्मद,गोहद, मेहगांव, डिप्टी कलेक्टर ओएन सिंह, सिद्धार्थ पटेल आदि मौ’ाूद रहे।