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उफनी चंबल ग्रामीण इलाकों के रास्ते बंद, ग्रामीणों में दहशत

Rajeev Goswami

Publish: Sep 12, 2019 10:03 AM | Updated: Sep 11, 2019 23:01 PM

Bhind

कोटा बैराज से सोमवार शाम को छोड़ा गया था 3.50 लाख क्यूसेक पानी, बुधवार को पानी का डिस्चार्ज घटाकर किया 2.00 लाख क्यूसेक

भिण्ड/कदौरा (अटेर). कोटा बैराज से सोमवार शाम को चंबल नदी में छोड़े गए &.50 लाख क्यूसेक पानी ने बुधवार सुबह अटेर क्षेत्र में दस्तक देदी है। अटेर के निकटवर्ती ग्राम नावलीवृंदावन की सडक़ व पुलिया का रपटा तीन फीट पानी में डूब गया है जिससे गांव का रास्ता बंद हो गया है। बरही घाट पर चंबल नदी खतरे के निशान (119 मीटर) को पार कर गई है और देर शाम को खबर लिखे जाने तक 120 मीटर पर बह रही थी। नदी में पानी बढऩे के कारण तटवर्ती निचले गांवो के रास्ते बन्द हो गए हैं।

कोटा बैराज से रविवार शाम 7 बजे से सोमवार शाम 7 बजे तक अंतराल से छोड़े गए &,51,759 क्यूसेक पानी ने मंगलवार देर रात को अपनी आमद अटेर घाट पर दे दी थी। बुधवार सुबह से तटवर्ती निचले गांवों के पहुंच मार्गों पर पानी आना शुरू हो गया है। सबसे पहले करीब 8 बजे नावली बृंदावन व कछपुरा गांव का मुख्य रास्ता बन्द हुआ। शाम को & बजे तक पानी खतरे के निशान के ऊपर तक जा पहुंचा। जल संसाधन विभाग भिण्ड डिवीजन के कार्यपालन यंत्री एचएस शर्मा ने बताया कि बुधवार को कोटा बैराज से पानी का डिस्चार्ज घटा कर 2.00 लाख क्यूसेक कर दिया गया है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए स्थानीय ग्रामीण कयास लगा रहे हैं कि देर रात तक अटेर के कछपुरा, खेराहट, मुकटपुरा, दिन्नपुरा, चिलोंगा आश्रम, कोसड़ की मढ़इयां, नखलोली की मढ़इयां, रमा कोट व ज्ञानपुरा आदि गांवों के पहुंच मार्ग भी अवरुद्ध हो जाएंगे।

अब तक नहीं पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

बीते 16 अगस्त को चंबल में आई बाढ़ को लेकर प्रशासन काफी सक्रिय रहा था। तब कोटा बैराज से 2 लाख 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थित से निबटने के लिए अटेर में डेरा डाल लिया था, किंतु इस बार जब नदी में पहले से अधिक पानी छोड़ा गया है तब यहां प्रशासन के अमले की वैसी मौजूदगी नहीं दिख रही है। अटेर एसडीओपी आरपी मिश्रा जरूर किसी भी अप्रिय स्थितिं से निपटने के लिए पुलिस बल व होमगार्ड जवानों के साथ अटेर कस्बे में बुधवार से पड़ाव किए हैं।

-मैं अभी जिला मुख्यालय पर मीटिंग में हूं। तहसीलदार सुरपुरा क्षेत्र में हैं। चंबल का जलस्तर करीब 12& मीटर तक पहुँचने की संभावना है। स्थिति पर प्रशासन बराबर नजर रखे हुए है। मैं भी अटेर पहुँच रहा हूं।

अभिषेक चौरसिया, एसडीएम अटेर

-बरही घाट पर नदी 120 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से एक मीटर ’यादा है। कोटा बैराज से बुधवार को पानी का डिस्चार्ज घटाकर 2.00 लाख क्यूसेक कर दिया गया है।

एचएस शर्मा, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग खंड भिण्ड