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आरक्षण के खिलाफ भिंड से उठ रही आवाज, शहर रहा बंद, ये हैं मांग

Gaurav Sen

Publish: Aug 10, 2019 15:52 PM | Updated: Aug 10, 2019 15:52 PM

Bhind

सुबह 8 बजे से ही बंद को सफल बनाने घूमने लगी थीं युवाओं की टोलियां

भिण्ड. जातीय आधार पर दिए जा रहे आरक्षण के खिलाफ भारत बंद का शुक्रवार को भिण्ड में व्यापक असर रहा। 90 फीसदी से अधिक दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। दोपहर 12 बजे तक तो चाय और नाश्ते की दुकानें भी बंद रहीं। सब्जी मंडी में भी सन्नाटा पसरा रहा। बंद का कस्बों में कोई असर दिखाई नहीं दिया। ऐहतियात के तौर पर विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही, वहीं प्रमुख बाजारों से पुलिस ने फ्लैगमार्च भी निकाला। पुलिस अधीक्षक रूडोल्फ अल्वारेश ने भी शहर का जायजा लिया और अधीनस्थों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

बंद समर्थक सुबह 8 बजे धन्वंतरि कॉम्प्लेक्स पर एकत्रित हुए। यहीं से बाइक सवार युवाओं की टोलियां बनाकर विभिन्न बाजारों की ओर से रवाना किया गया। बंद समर्थकों की टोलियां दोपहर तीन बजे तक सदर बाजार, बताशा बाजार, हाउसिंग कॉलोनी, परेड चौराह, पुस्तक बाजार, भूता बाजार, इटावा रोड, लश्कर रोड, हनुमान बजरिया, किला रोड, माधौगंज हाट, लहार चुंगी, अटेर रोड, महावीरगंज, स्टेशन रोड, बंगला बाजार में भ्रमण करती रही। जो भी दुकानदार शटर खोलने का प्रयास करता बंद समर्थक वहां पर पहुंचकर उसे प्रतिष्ठान बंद करने के लिए मजबूर कर देते।

शहर के विभिन्न मोहल्लों में चल रहे कोचिंग सेंटरों को भी बंद समर्थकों ने जबरन बंद करा दिया। ऑटो, टैक्सी, ट्रक और बसों के आवागमन पर बंद का कोई असर दिखाई नहीं दिया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की गाडिय़ां भी पेट्रोलिंग करती रहीं। 12.30 बजे आधा दर्जन से अधिक पुलिस जवानों ने सदर बाजार से सिटी कोतवाली, सदर बाजार से गोल मार्केट, हनुमान बजरिया में फ्लैगमार्च निकाला। बंद कराने वालों में सपाक्स और केशरिया हिंदुस्तान निर्माण संघ नाम के दो संगठनों का नाम सामने आया है।

शाम 5 बजे 70 फीसदी दुकानों के शटर खुले
सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक बंद का व्यापक असर दिखाई दिया। जैसे ही बंद समर्थकों का मूवमेंट कम हुआ वैसे ही दुकानें भी खुलना शुरू हो गईं। शाम 5 बजे अधिकांश बाजारों में 70 फीसदी दुकानें खुल गई थीं। कई दुकानों के आधे शटर डले दिखाई दिए। बंद समर्थकों का डर दुकानदारों पर साफ नजर आ रहा था।

इन स्थानों पर तैनात रही पुलिस, भ्रमण करते रहे अधिकारी
ऐहतियात के तौर पर परेड चौराहा, बस स्टैंड, गोल मार्केट, माधौगंज हाट, नयापुरा, लहार चुंगी, अटेर रोड, भीमनगर, शास्त्री चौराहा आदि स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सिटी और देहात टीआई देर शाम तक स्थिति का जायजा लेते रहे।

बंद के चलते लोगों को हुई परेशानी

  • बकरीद और रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक होने के कारण बड़ी संख्या में लोग खरीददारी करने के लिए बाजार पहुंचे, लेकिन बंद के चलते उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
  • सुबह लोग चाय-नास्ता करने के लिए घरों से बाहर निकले तो दुकान बंद होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
  • सब्जी मंडी की अधिकांश दुकानें बंद होने के कारण खरीददारी करने निकले लोगों को निराश होना पड़ा।
    कोचिंग की छुट्टी करा दिए जाने से दूरदराज से आए छात्रों को लौटना पड़ा।
  • प्रतिष्ठान न खुलने से कारोबारियों को भी नुकसान उठाना पड़ा है। शहर में ही 15 लाख से अधिक का कारोबार प्रभावित होने की संभावना है।

 

protest rally against reservation in bhind

सुबह बंद के असर को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हमारी गाडिय़ां भी निरंतर मूवमेंट करती रहीं। किसी को भी जबरन दुकानें बंद कराने की इजाजत नहीं दी गई।
शैलेंद सिंह कुशवाह, टीआई भिण्ड

 

protest rally against reservation in bhind

आजादी के समय 10 साल के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। वर्तमान में फिर से इसे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, यह युवाओं के साथ अन्याय है। यदि आरक्षण देना ही है तो आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए। जाति आधारित आरक्षण के विरोध में लोगों ने स्वयं प्रतिष्ठान बंद कर सहयोग प्रदान किया है।
विनीत शर्मा, जिला संयोजक, सपाक्स