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टॉर्च की रोशनी में देखे बाढ़ के हालात

Rajeev Goswami

Publish: Sep 19, 2019 12:12 PM | Updated: Sep 18, 2019 23:55 PM

Bhind

सांसद, विधायक सहित काफी संख्या भाजपाई रहे मौजूद

कदोरा/ भिण्ड, . पूर्व सीएम शिवराज सिंह बुधवार देर शाम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने अटेर पहुंचे। जहां उन्होंने टॉर्च की रोशनी में बाढ़ प्र्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उनके साथ अटेर विधायक अरविंद भदौरिया सहित अन्य भाजपाई थे। इस दौरान उन्हें किसानों ने अपनी माली हालात से भी अवगत कराया तथा बताया कि बाढ़ के पानी में सब कुछ बह गया। उनके साथ क्षेत्रीय सांसद संध्या राय, विधायक डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया, पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य के अलावा अन्य नेतागण मौजूद रहे।
इस दौरान पूर्व सीएम चौहान ने प्रदेश की कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि क्षेत्र में बाढ़ की वजह सरकार की लापरवाही है। इतनी बड़ी आपदा के बाद भी कमलनाथ अपनी सीट छोडक़र पीडि़तों का देखने तक नहीं पहुंच रहे हैं। वह बात अटेर क्षेत्र के ग्राम चौम्हों में बुधवार शाम 7.30 बजे पहुंचे।
उन्होंने कहा भिण्ड जिला एक ओर सूखे की मार झेल रहा है दूसरी ओर बाढ़ की आपदा को झेल रहा है। बाढ़ अतिवृष्टि के कारण नहीं बल्कि सरकार की लापरवाही के चलते आई है। बांधों में पानी का लेबल कितना रखा जाना चाहिए इसका ख्याल ही नहीं रखा, जबकि मौसम विभाग लगातार चेतावनी भी दे रहा था। एक साथ पानी छोडऩे के कारण क्षेत्र में तबाही मची। उन्होंने कहा कि सरकार श्वेत पत्र जारी कर जनता को जवाब दे कि जुलाई-अगस्त व सितंबर में कितना-कितना पानी जारी किया।

पूर्व सीएम शिवराजसिंह ने कहा चौम्हों गांव में हमारी बहन कह रही ब"ाों की किताबें, राशन, कपड़े आदि सभी सामान बह गया, पशुहानि हुई है। मकान तक ढह गए हैं। बाढ़ आपदा प्रभावित प्रत्येक परिवार को राहत राशि के रूप में न केवल 25 हजार रुपए की धनराशि दी जाए बल्कि 50 किलो अनाज, पांच लीटर केरोसिन तत्काल मुहैया कराई जाए ताकि उनका कुछ दिन भोजन का इंतजाम हो सके। जिनके मकान ढह गए हैं उन्हें मकान बनाने के लिए अविलंब धनराशि स्वीकृत कराई जाए। फसल तबाह हो गई है बिना सर्वे के ही प्रति हेक्टेयर 40 हजार की दर से किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए तथा उनका कर्जा माफ हो। इतना ही नहीं रबी फसल के लिए खाद-बीज मुहैया हो। बिजली बिल माफ किए जाएं ताकि गरीब आदमी मुसीबत से बच सके। उन्होंने कहा पशु हानि होने तथा हादसे में मरने वाले के परिजन को जो धनराशि संबल योजना के तहत हम मुहैया कराते थे वह कांग्रेस सरकार ने बंद कर दी है। यदि सरकार ने उपरोक्त मांगे पूरी नहीं की तो हम आंदोलन करेंगे। उन्होंने गांव में एक सभा को भी संबोधित किया।