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जमीनी रंजिश पर बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या, एक युवक भी घायल

Rajeev Goswami

Publish: Aug 17, 2019 16:58 PM | Updated: Aug 17, 2019 16:58 PM

Bhind

दूसरे गुट के एक युवक को भी लगी गोली, जिला अस्पताल में भर्ती, वारदात के बाद आरोपी फरार

भिण्ड. ग्राम गोपालपुरा में गुरुवार रात 10 बजे किराने की दुकान के पास खड़े 62 वर्षीय बुजुर्ग की जमीनी रंजिश के चलते गांव के ही लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। आरोपी पक्ष के एक 25 वर्षीय युवक को भी गोली लगने से घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।

पुलिस के मुताबिक गोविंद सिंह पुत्र सुल्तान सिंह भदौरिया निवासी गोपालपुरा गुरुवार देर रात घर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक किराने की दुकान के पास खड़े हुआ था तभी आरोपी बल्लू सिंह परिहार और अन्य साथियों ने आकर उसे गोली मार दी। गोविंद को एक गोली उसके गर्दन और दूसरी गोली सीने के पास लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक गोविंद सिंह भदौरिया और बल्लू सिंह परिहार के बीच जमीन के विवाद को लेकर पुरानी रंजिश चली आ रही थी। आरोपी पक्ष के रवि परिहार पुत्र छोटेसिंह परिहार ने गोली लगने के बाद घायल अवस्था में जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में पुलिस को दिए बयान में बताया, मृतक गोविंद सिंह के परिवार द्वारा की गई फायरिंग में उसे गोली लगी है। हालांकि पुलिस फिलहाल रवि परिहार को गोली लगने की घटना को संदिग्ध मान रही है। रवि को भी गोली बल्लू परिहार द्वारा मृतक पक्ष के लोगों के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज कराने के उद्देश्य से मारी गई है। बहरहाल सच्चाई क्या है यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस ने मृतक गोविंद सिंह भदौरिया की मौत के बाद आरोपी बल्लू परिहार के अलावा अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

राजस्व महकमे की लापरवाही से जमीनी विवाद में हो रही हत्याएं

बताना मुनासिब है कि भिण्ड जिले में ऐसे बड़ी संख्या में जमीनी विवाद के प्रकरण हैं, जिनका लगातार शिकायतों के बावजूद राजस्व अधिकारियों द्वारा निराकरण नहीं किया जा रहा है। आलम यह है कि जमीन के विवाद के मामले हत्या और हत्या के प्रयास जैसे अपराधों में तब्दील हो रहे हैं। यदि जमीन संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समय रहते निराकरण हो जाया करें तो संभवत: ऐसे गंभीर अपराधों पर अंकुश लग सकता है। भिण्ड शहर के अलावा अटेर, मेहगांव, लहार-रौन, गोरमी और गोहद विकासखंड के अंतर्गत सैकड़ों गांवों में इस तरह के जमीनी विवाद लंबित हैं, जिनका निराकरण नहीं किया जा रहा है। इसका जीवंत प्रमाण यह है कि प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में 60 से 65 फीसदी शिकायतें जमीन संबंधी मामलों की पहुंच रही हैं।