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एक दर्जन से अधिक गांव अब भी बने टापू, लोग फंसे

Rajeev Goswami

Publish: Aug 19, 2019 16:32 PM | Updated: Aug 19, 2019 16:32 PM

Bhind

खतरे के निशान से पांच मीटर ऊपर बहने के बाद उतरने लगा चंबल का पानी

कदोरा (अटेर), फूप. चंबल नदी में लगातार बढ़ रहा पानी खतरे के निशान से पांच मीटर ऊपर पहुंचने के बाद शनिवार दोपहर 12 बजे से धीरे-धीरे कम होना शुरू हो गया है। यहां बतादें कि खतरे का निशान 119.80 मीटर है जबकि दोपहर 12 बजे तक पानी 124.36 मीटर तक पहुंच गया था। शाम चार बजे तक सात सेंटीमीटर पानी कम हो गया था। प्रशासन ने पानी से घिरे एक दर्जन गांव में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। ंचंबल के तटवर्ती गांव खैराट, मुकुटपुरा, दिन्नपुरा, कछपुरा, नावली वृंदावन, चिलोंगा, नखलौली की मढ़ैयन, कोषढ़ की मढ़ैयन, रमा कोट, ज्ञानपुरा, सरायपुरा एवं थोना गांव चारों तरफ से पानी से घिरे हुए हैं। कलेक्टर छोटे सिंह के अलावा जिला पंचायत सीईओ आरपी भारती एवं एसडीएम अभिषेक चौरसिया ने बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया। कलेक्टर ने अटेर दुर्ग की छत पर चढक़र निकटवर्ती गांव के हालात जाने तथा लगातार बढ़ रहे पानी के बहाव को भी देखा।

बीमारों के उपचार के लिए प्रशासन ने चलवाई बोट, पहुंची स्वास्थ्य टीमें

जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में बीमारों के उपचार के लिए तीन स्वास्थ्य टीमें गठित की गई हैं। गंभीर मरीजों को बोट से गांव से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। मुकुटपुरा में सरपंच गौरव राय के पिता राजेंद्र राय की हालत बिगड़ जाने पर उन्हें प्रशासन द्वारा बोट से गांव से बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया गया। एक अन्य मरीज को नावली वृंदावन गांव से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया है। मुकुटपुरा व नावली वृंदावन में बोट के माध्यम से मेडीकल टीम में एक चिकित्सक व एक सहायक के को दवाईयां लेकर भेजा गया है।

पानी से घिरे खेत के मचान पर किसान ने बिताए तीन दिन

चंबल नदी में कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से आए उफान से निकटवर्ती ग्राम देवालय के निकट स्थित अपनी फसल की रखवाली के लिए शुक्रवार दोपहर खेत पर गए 50 वर्षीय कृषक अनिल यादव उर्फ काले पुत्र कालीचरण सिंह यादव पानी में फंस गए। उल्लेखनीय है कि चंबल में उफान के बाद किसानों ने खेत की रखवाली पर बने मचान पर चढक़र खुद को सुरक्षित किया। पानी बढ़ जाने से रास्ते बंद हो गए। लिहाजा वे अपने घर नहीं पहुंच पाए। उन्होंने मोबाइल से कॉल कर जब परिजनों को अपने फंसे होने की जानकारी दी तब परिजनों ने प्रशासन को अवगत कराया।

बाढ़ से घिरे गांवों के लोगों की अस्थाई बसाहट के लिए चिह्नित किए स्थल

चंबल के उफान से चारों ओर पानी से घिरे गांवों के परिवारों को अस्थाई रूप से सुरक्षित बसाहट के लिए प्रशासन द्वारा स्थान चिह्नित कर लिए हैं साथ उन्हें वहां विस्थापित करने की योजना भी तैयार कर ली है। मुकुटपुरा के लोगों के लिए शासकीय उ"ातर माध्यमिक विद्यालय अटेर, कछपुरा के ग्रामीणों के लिए शा.उ.मा.वि बजरिया, नावली वृंदावन के ग्रामीणजन के लिए शा.उ.मा.वि. खैराट, दिन्नपुरा के लिए शा.उ.मा.वि. मघारा एवं शा.उ.मा.वि खिपोना, चौम्हो गांव के परिवारों के लिए चौम्हों शा. हाईस्कूल एवं जमसारा के लोगों को ऊंचाई पर बने हाईस्कूल भवन को चिन्हित किया गया है।

घडिय़ाल व मगरम‘छों से दहशत

चंबल के उफान के साथ मगरम‘छ व घडिय़ाल आवासीय क्षेत्र तक पहुंच गए हैं। शनिवार को अटेर के लोगों ने मगरम‘छों को पानी में उछलते डूबते देखा। उसके बाद से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। अटेर कस्बे के अलावा मुकुटपुरा व देवालय के पास भी मगरम‘छ देखे गए हैं।

कलेक्टर ने दुर्ग का मुख्य द्वार कराया बंद

बाढ़ के हालात देखने के लिए लोग दुर्ग की छत पर बड़ी संख्या में चढ़ रहे हैं। ऐसे में दुर्ग की जर्जर दीवार व मुंडेर से गिरकर किसी प्रकार का हादसा घटित न हो जाए इस लिए कलेक्टर छोटे सिंह ने किले के मुख्य द्वार को बंद रखने के निर्देश दे दिए हैं। कलेक्टर ने स्वंय भी शनिवार को किले की छत से बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।

बचाव कार्य के लिए तत्पर है 18 सदस्यीय रेस्क्यू टीम

18 सदस्यीय होम गार्ड रेस्क्यू टीम बचाव कार्य के लिए तत्पर है। बाढ़ प्रभावित गांवों की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। स्थिति का जायजा लेने पहुंचे कलेक्टर छोटे सिंह ने चारों ओर पानी से घिरे दिन्नपुरा के हालात जानने के लिए प्राथमिक विद्यालय दिन्नपुरा के प्रधान अध्यापक रणवीर सिंह पुरवंशी के मोबाइल पर बात की। दरअसल कलेक्टर मघारा गांव तक पहुंच पाए थे। रणवीर सिंह ने बताया कि पशुओं के लिए चारा और ग्रामीणों के लिए राशन की परेशानी है। कलेक्टर ने बोट के जरिए राशन पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

-गांव में जो बीमार हैं उनके लिए परेशानी है। प्रशासन गांव तक पहुंच नहीं पा रहा। बोट से कुछ मरीजों को अस्पताल भिजवाए जाने की व्यवस्था प्रशासन ने की है तो राहत महसूस की जा रही है।

सुधीर यादव उर्फ राजू, नावली वृंदावन अटेर

-ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए कहा गया है लेकिन फिलहाल वह दूसरे स्थान पर बसाहट करना नहीं चाहते। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से बचाव दल को अलर्ट कर दिया है। बोट भी उपलब्ध करा दी गई है।

छोटे सिंह, कलेक्टर भिण्ड