स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

चंबल का सितारा था यह नेता, गांव से लेकर विधानसभा तक ऐसा रहा इनका सफर, जानें

monu sahu

Publish: Oct 22, 2019 13:51 PM | Updated: Oct 22, 2019 13:51 PM

Bhind

death anniversary of satyadev katare : 22 अक्टूबर को नगर कांग्रेस कार्यालय भूता कोठी पर किया जाएगा पुण्य तिथि का कार्यक्रम

भिंड। कांग्रेस के वरिष्ठ व तेजतर्रार नेता और मध्य प्रदेश विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष रहे सत्यदेव कटारे की 22 अक्टूबर को तीसरी पुण्य तिथि है। जिसको लेकर चंबल संभाग में कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। भले ही वह कटारे आज इस दुनिया में नहीं है लेकिन आज भी उनकी छवि एक साफ-स्वच्छ और तेजतर्रार नेता के रूप में है। आज हम उनसे जुड़ी वो हर बात आपको बता रहे हैं।

अपनी ही सरकार की बखिया उधेड़ रहे सिंधिया! मंत्री को मंच से दी हिदायत, कहा- कैसे छूट जाते हैं मिलावटखोर

कांग्रेस के वरिष्ठ व तेजतर्रार नेता सत्यदेव कटारे का जन्म 15 फरवरी 1955 को मप्र के भिंड जिले के मनेपुरा (अटेर) में एक किसान परिवार में हुआ था। बचपन से नेतृत्व क्षमता के धनी कटारे ने अपने गांव से विधानसभा तक का सफर काफी संघर्ष के साथ तय किया। सत्यदेव कटारे ने अंतिम सांस मुंबई के हीरा चंद्रानी अस्पताल में ली। वे लंबी बीमारी से पीडि़त थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव मनेपुरा समेत पूरे चंबल संभाग में शोक की लहर थी।

स्वास्थ्य मंत्री बोले शुद्ध के लिए युद्ध तब तक चलता रहेगा जब तक कि मिलावटखोर प्रदेश न छोड़ दें

किसान से ऐसे बने राजनेता
सत्यदेव कटारे 15 फरवरी 1955 को मप्र के भिंड जिले के मनेपुरा (अटेर) में एक किसान परिवार में पैदा हुए। बचपन से नेतृत्व क्षमता के धनी कटारे ने अपने गांव से विधानसभा तक का सफर काफी संघर्ष के साथ तय किया।

सिंधिया का एलान कहा- युद्ध का मतलब युद्ध, मंत्रीजी अब आप ऑर्डर निकालिए

ऐसा था कटारे का जीवन
सत्यदेव कटारे का जन्म 15 फरवरी 1955 हुआ था।
विधि में स्नातकोत्तर कटारे भिंड जिले के मनेपुरा (अटेर) से संबंध रखते थे ।
अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कटारे ने युवा कांग्रेस के साथ की थी।
1985 से 1990 तक वे मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव रहे।

आप भी महारानी लक्ष्मीबाई को मानते हैं देश का गौरव तो यह खबर हो सकती है प्रेरणादायक


मोतीलाल वोरा के कार्यकाल में 1989 से 1990 तक वे परिवहन और जेल के सहायक मंत्री रहे थे।
दिग्विजय सिंह शासनकाल में 1993 से 1995 तक वे मध्यप्रदेश के गृह राज्यमंत्री रहे।
1995 से 1998 के दौरान वे मध्यप्रदेश के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे।
2003 से 2008 तक वे भिंड के अटेर क्षेत्र के विधायक रहे ।
2008 विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद वह पिछले विधानसभा चुनाव में फिर अटेर से विधायक चुने गए थे।