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चंबल नदी उफान पर, गुरुवार देररात कोटा बैराज से छोड़ा 1.25 लाख क्यूसेक पानी

Gaurav Sen

Publish: Aug 17, 2019 10:20 AM | Updated: Aug 17, 2019 10:20 AM

Bhind

bhind on red alert because of chambal river water level increases: चंबल अंचल में भारी बरसात की संभावना के चलते रेड अलर्टट

 

भिण्ड/कदौरा. चंबल अंचल मेंं भारी बरसात की संभावना और कोटा बैराज से चंबल नदी में लगातार पानी छोड़े जाने के चलते रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। शाम 4 बजे बरही घाट पर चंबल का जल स्तर खतरे के निशान से सिर्फ 4 मीटर नीचे रह गया है। प्रशासन ने खतरे से निपटने के लिए तटीय गंावों में एहतियात के तौर पर पटवारी तथा कोटवारों की तैनाती कर दी है। ग्रामीणों को दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। चिह्नित गंाव में खाद्यान्न तथा दवाओं का भंडारण कर दिया गया है वही बचाव दलों को भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।

मालवांचल एवं राजस्थान में लगातार हो रही वर्षा के चलते राजस्थान का कोटा बैराज खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। गुरुवार की रात को 1.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने तथा चंबल की सहायक नदियों में उफान से चंबल का जलस्तर शुक्रवार की शाम तक दो फीट और बढऩे की संभावना है। इधर कोटा बैराज से चंबल में पानी छोडऩे की खबर से प्रशासन एवं पुलिस अलर्ट पर है। बाढ़ क्षेत्र में आने वाले गंाव के ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही हैं। प्रशासन की ओर से तटीय गांवों में मुनादी करा दी गई है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे नदी के किनारे स्वयं या अपने पशुओं को नहीं ले जाएं। चंबल में जलस्तर बढऩे पर ऊंचाई वाली जगह जाएं। गांव में हल्का-पटवारी के दल को अस्थाई रूप से तैनात कर दिया गया है। होमगार्ड के गोताखोरों की टीम को किसी भी अनहोनी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। अटेर एसडीएम अभिषेक चौरसिया एवं एसडीओपी आरपी मिश्रा अपने अधीनस्थों के साथ लगातार चंबल के जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं।

सिंध नदी में भी छोड़ा गया मड़ीखेड़ा से पानी
शिवपुरी-गुना अंचल में भारी बरसात के चलते मड़ीखेड़ा बांध भी ओवरफ्लो हो गया है। यहां से जिले से गुजरने वाली सिंध नदी में गुरुवार की रात 12 बजे 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर बढऩे की संभावना है। शुक्रवार को कई गांवों में भुजरिया विसर्जन को त्योहार होने से प्रशासन अलर्ट पर है। किनारे के एक दर्जन से अधिक गंावों में मुनादी करा दी गई है कि नदी में उतरकर भुजरियों का विसर्जन न करें। तटों पर भी पटवारी, कोटवार तथा स्थानीय पुलिस के जवानों को लगा दिया गया है। रौन क्षेत्र के इंदुर्खी, मेहंदा, रैमजा, कोट, बहादुरपुरा आदि गंावों में विशेष सतर्कता रखने के लिए कहा गया है। मेड़ीखेड़ा बांध से भिण्ड तक पानी पहुंचने में 24 से 30 घंटे का समय लगने की संभावना है।

अटेर-बरही में चंबल का जलस्तर 112 मीटर पर पहुंचा
सहायक नदियों में उफान ओर कोटा बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ दिए जाने से चंबल नदी का अटेर और बरही में जल स्तर 115 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 119 मीटर पर है। ये हाल तब है, जबकि कोटा बैराज का पानी अभी तक जिले में दाखिल नहीं हुआ है। शनिवार की शाम तक पानी अटेर तक पहुंचने की संभावना है। इससे जलस्तर दो फीट तक बढऩे की आशंका है।

तटीय एक दर्जन से अधिक गांवों पर खतरा, रास्ते भी हुए बंद
चंबल नदी के किनारे अटेर क्षेत्र के कछपुरा, खेराहट, नावली वृंदावन, मुकटपुरा, दिन्नपुरा, चिलोगा आश्रम, बरही, खिपौना, रानीपुरा, सांकरी, ज्ञानपुरा, रमाकोट, नखलोली की मडैया, कोषड की मडैया आदि दर्जनभर गांवों के टापुओं में तब्दील हो जाने की संभावना बनी हुई है।

राज्य आपदा आयुक्त ने दी ये हिदायत

  • चंबल अंचल में भारी बारिश की संभावना के चलते रेड अलर्ट जारी किया
  • कोटा बैराज खतरे के निशान से ऊपर, चंबल में छोड़ा 1.25 लाख क्यूसेक पानी।
  • जिन गांवों में नुकसान की संभावना। वहां पर ऐहतियात बरती जाए।
  • रौन क्षेत्र के इंदुर्खी, मेहंदा, रैमजा, कोट, बहादुरपुरा आदि गंावों में विशेष सतर्कता रखने के लिए कहा गया है

पटवारी और कोटवारों की लगाई ड्यूटी

कोटा बैराज से करीब सवा लाख क्यूसेक पानी छोडऩे की सूचना है, जिससे चंबल में जलस्तर बढने की संभावना के चलते तटीय गांवों में रेड अलर्ट घोषित कर पटवारियों एवं कोटवारों की ड्यूटी लगाई गई है। जो चंबल के बढ़ते हुए जलस्तर पर सतत नजर रखेंगे।
अभिषेक चौरसिया, एसडीएम अटेर

होमगार्ड के गोताखोर हैं तैयार
चंबल नदी में जलस्तर बढऩे पर किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थित से निपटने के लिए होमगार्ड के गोताखोरों की टीम को तैयार रखा गया है। तटीय गांवों में मुनादी करा दी गई है। पशु लेकर अथवा भुजरियां लेकर पानी मेंं नहीं जाने की सलह दी गई है।
आरपी मिश्रा, एसडीओपी अटेर

चंबल का बढ़ा जलस्तर

चंबल नदी में कोटा बैराज से सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ये पानी शनिवार की शाम तक अटेर आने की संभावना है। अभी बरही घाट पर जलस्तर 115 मीटर है। जो खतरे के निशान से 4 मीटर नीचे है। शनिवार की शाम तक दो फीट जलस्तर पर बढऩे की संभावना है।
एचएस शर्मा, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग भिण्ड

भुजरिया के त्योहार के चलते सतर्कता जरूरी
सिंध नदी में 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि वर्तमान में नदी का जलस्तर बहुत कम होने के कारण बाढ़ की संभावना नहीं है, लेकिन भुजरिया का त्योहार होने के कारण हम विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।
आरके मौर्य, तहसीलदार रौन