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समदानी सभापति रहेगी या नहीं ये २८ को हो जाएगा तय

Narendra Kumar Verma

Publish: Nov 21, 2019 12:07 PM | Updated: Nov 21, 2019 12:07 PM

Bhilwara

भीलवाड़ा नगर परिषद सभापति ललिता समदानी की कुर्सी बची रहेगी या नहीं ये अब २८ नवम्बर को तय हो जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने समदानी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद २८ नवम्बर को सुबह ११ बजे नगर परिषद सभागार में विशेष बैठक बुलाई है। दूसरी तरफ भाजपा समर्थित ४३ पार्षद गुरुवार को भी विधायक विट्टलशंकर अवस्थी की अगुवाई में अज्ञातवास पर रहे, वही भाजपा व कांग्रेस के आला नेता मतदान को लेकर अपने-अपने राजनीतिक दावपेच लगा रहे है।

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा नगर परिषद सभापति ललिता समदानी की कुर्सी बची रहेगी या नहीं ये अब २८ नवम्बर को तय हो जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने समदानी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद २८ नवम्बर को सुबह ११ बजे नगर परिषद सभागार में विशेष बैठक बुलाई है। दूसरी तरफ भाजपा समर्थित ४३ पार्षद गुरुवार को भी विधायक विट्टलशंकर अवस्थी की अगुवाई में अज्ञातवास पर रहे, वही भाजपा व कांग्रेस के आला नेता मतदान को लेकर अपने-अपने राजनीतिक दावपेच लगा रहे है।

जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट ने बताया कि राजस्थान नगर पालिका (सभापति एवं उप सभापति के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव नियम 2017 के नियम 3,उप नियम 2) के अंतर्गत नगर परिषद भीलवाड़ा की सभापति ललिता समदानी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर विचार विमर्श के लिए 28 नवंबर को सुबह 11 बजे नगर परिषद के सभा भवन में विशेष बैठक रखी गई है।

विशेष बैठक की अध्यक्षता करने एवं नियमों के परिप्रेक्ष्य में अग्रिम में समुचित कार्यवाही संपादन के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) को मनोनीत किया गया है। उन्होंने बताया कि विशेष बैठक को लेकर जारी नोटिसों को भी तामिल करवा जा रहे है।

गोपनीय तरीके से होगा मतदान
सूत्रों के अनुसार विशेष बैठक में शामिल होने के लिए सभी ५७ सदस्यों को सुबह ११ बजे तक पहुंचना होगा। इसके बाद बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी और जरुरी हुआ तो सदस्यों का प्रस्ताव पर मत जानने के लिए गोपनीय तरीके से मतदान होगा। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की स्थिति में समदानी को सभापति की कुर्सी छोडऩी पड़ेगी।

चौथे दिन भी भाजपा की बाड़ाबंदी
समदानी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद भाजपा विधायक अवस्थी की अगुवाई में भाजपा पार्षदों की बाड़ाबंदी अज्ञात स्थल पर गुरुवार को चौथे दिन भी रही। यहां अवस्थी, परिषद के उपसभापति मुकेश शर्मा का पार्षदों के साथ अगली रणनीति को लेकर मंथन जारी रहा।

१८ को पेश हुआ था अविश्वास प्रस्ताव
११ सितंबर २०१९ को कांग्रेस में आई नगर परिषद की सभापति ललिता समदानी के खिलाफ भाजपा के ४३ पार्षदों ने विधायक वि_लशंकर अवस्थी के नेतृत्व में १८ नवम्बर को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इस निर्णय से राजनीतिक गलियारे में सोमवार से सियायत गरमाई हुई है। जिला कलक्टर राजेंद्र भट्ट के समक्ष पेश किए प्रस्ताव के समय भाजपा के ३६ पार्षद तथा नौ निर्दलीय में से सात निर्दलीय पार्षद मौजूद थे।

कलक्ट्रेट सभागार में उपसभापति मुकेश शर्मा ने सभी पार्षदों का हस्ताक्षरयुक्त प्रस्ताव जिला कलक्टर को सौंपा था। भाजपा पार्षदों पर नजरनगर परिषद में अभी ५५ पार्षद है। सांसद व विधायक भी मनोनित सदस्य होते हैं। एेसे में ५७ के हिसाब से अब ४३ पार्षद अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी है। ५५ सदस्यीय बोर्ड में अभी भाजपा के ३७, कांग्रेस के ९व निर्दलीय पार्षद ९ है।

अभी तक दूसरी बार अविश्वास प्रस्ताव
नगर परिषद के इतिहास में महिला सभापति को भाजपा के निष्कासन के बाद कांग्रेस का दामन थामने के बाद अविश्वास प्रस्ताव पेश करने का यह दूसरा मामला है। इसमें पहले भाजपा ने मधु जाजू को 23 अगस्त 1995 को सभापति बनाया था। हालांकि यह अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।

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