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देश ने ऐसा क्या आयात किया जो स्पिनिंग मिले संकट में आ गई

Suresh Jain

Publish: Jan 23, 2020 11:26 AM | Updated: Jan 23, 2020 11:26 AM

Bhilwara

चीन से विस्कोस यार्न का आयात बढ़ा

भीलवाड़ा ।
Viscose yarn अमरीका-चीन व्यापार विवाद के चलते चीन में विस्कोस यार्न की खपत में भारी गिरावट आई है। चीन अब विस्कोस यार्न भारत में डम्प करने लगा है। इसी प्रकार इंडोनेशिया भी भारत को विस्कोस यार्न का भारी मात्रा में निर्यात कर रहा है। इससे देश की स्पिनिंग मिल के सामने संकट खड़ा हो गया है। उनका बाजार गड़बड़ाने लगा है।
Viscose yarn केंद्र सरकार की ओर से विस्कोस फाइबर और यार्न पर आयात शुल्क संरचना में असमानता के चलते विस्कोस यार्न का आयात बढ़ रहा है। औद्योगिक संगठनों के अनुसार मई २०१९ से देश में विस्कोस यार्न का आयात लगातार बढ़ रहा है। भारत ने मई से सितम्बर तक 12.51 लाख किलो यार्न आयात किया है, जो गत वर्ष की तुलना में 195 प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष केवल 4.92 लाख किलोग्राम विस्कोस यार्न आयात किया था।

विश्व में विस्कोस यार्न की गिरती मांग के कारण भारत में डम्पिंग बढ़ गई है। चीन-इंडोनेशिया इसे भारत में निर्यात में लगे हैं। जो भारत के स्पिनिंग उद्योग को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। चीन से सस्ते विस्कोस यार्न की अधिक उपलब्धता के कारण कॉटन यार्न की खपत और भाव पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा। फैब्रिक निर्माता विस्कोस यार्न का उपयोग अधिक कर रहे हैं। कच्चे माल की तुलना में तैयार माल पर आयात शुल्क कम होने के कारण विस्कोस यार्न का आयात अधिक हो रहा है। औद्योगिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि वह विस्कोस यार्न के आयात पर एंटी डम्पिंग ड्यूटी लगाए, ताकि आयात कम हो सके। साथ ही विस्‍कोस फाइबर पर आयात ड्यूटी कम की जाए ताकि स्‍थानीय स्पिनिंग मिले प्रतिस्पद्र्धात्मक दर पर अधिक विस्‍कोस यार्न उत्‍पादित कर सके। इससे उनकी क्षमता का भी पूरा उपयोग हो सकेगा।

नहीं हो पा रहा उत्पादन
केंद्र सरकार ने विस्कोस फाइबर पर आयात व एंटी डम्पिंग ड्यूटी दोनों लगा रखी है। इससे ड्यूटी का कुल भार लगभग 20 प्रतिशत है। विस्कोस यार्न पर आयात ड्यूटी केवल 5.5 प्रतिशत ही है। भारत विस्कोस यार्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है और आयात की जरूरत नहीं है। सरकार को विस्‍कोस फाइबर पर आयात ड्यूटी और एंटी डम्पिंग ड्यूटी दोनों में कमी करनी चाहिए ताकि सभी स्पिनिंग मिलें क्षमता से चल सके। ऐसा नहीं हुआ तो स्पिनिंग मिले संकट में आ जाएगी।
आरके जैन, महासचिव मेवाड़ चेम्‍बर ऑफ कॉमर्स

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