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डीएसपी ने एेसा भी क्या कर दिया, बैकफुट पर आ गई भीलवाड़ा पुलिस

Akash Mathur

Publish: Dec 05, 2019 11:40 AM | Updated: Dec 05, 2019 11:40 AM

Bhilwara

विवाहिता के फंदे पर लटककर जान देने पर दहेज हत्या के मामले में बिना जांच पति को जेल भिजवाने वाले तत्कालीन सदर डीएसपी राजेश आर्य व उनके रीडर हैड कांस्टेबल समीर सेन समेत पांच जनों के खिलाफ बुधवार को सदर थाने में मामला दर्ज हुआ।

भीलवाड़ा. विवाहिता के फंदे पर लटककर जान देने पर दहेज हत्या के मामले में बिना जांच पति को जेल भिजवाने वाले तत्कालीन सदर डीएसपी राजेश आर्य व उनके रीडर हैड कांस्टेबल समीर सेन समेत पांच जनों के खिलाफ बुधवार को सदर थाने में मामला दर्ज हुआ। अदालत के आदेश से दर्ज मामले की जांच सहाड़ा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश भारद्वाज करेंगे। डीएसपी की गलती सामने आने के बाद पुलिस ने मामले झूठा मानते हुए एफआर लगाई और पति को जेल से छुड़ाया।


बिना जांच पति गिरफ्तार
13 मई को रूपाहेली के श्यामलाल बलाई की पुत्री ने पीहर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। मृतका के पिता ने सदर थाने में पति कांदा निवासी रामलाल बलाई के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया। जांच अधिकारी डीएसपी आर्य ने बिना जांच के बाद अगले दिन रामलाल को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।


जांच पर उठे सवाल
रामलाल को जेल भेजने को लेकर रूपाहेली और कांदा के ग्रामीणों ने आवाज उठाई। दोषपूर्ण जांच के खिलाफ कलक्टे्रट पर प्रदर्शन किया। पुलिस अधीक्षक ने नए सिरे से तत्कालीन एएसपी दिलीप सैनी को जांच के आदेश दिए। एएसपी ने जांच में रामलाल को क्लिनचिट दी। मामले में एफ आर लगी और तीन माह बाद रामलाल जेल से छूटा।


मोबाइल बना आधार, नजरअंदाज किया
मृतका का मोबाइल जांच का आधार बना, जिसे डीएसपी आर्य ने नजरअंदाज किया। मृतका का मोबाइल बरदीशंकर खारोल के साथी मदनलाल ने दिया। रिश्तेदार मदन और महिला घंटों बातें करते थे। महिला का पति रामलाल पहले जोधपुर में जेसीबी चलाता था। घटना के एक पखवाड़े पहले हमीरगढ़ में काम कर रहा था। महिला और रामलाल के बीच कोई बातचीत सामने नहीं आई। तीन माह से महिला पीहर में थी। ससुराल पक्ष से संबंध भी मधुर थे। रामलाल ने अधिवक्ता लादूलाल तेली के मार्फत डीएसपी राजेश आर्य, उनके रीडर सेन, मृतका का पिता श्यामलाल, मदनलाल व बरदीशंकर खारोल के खिलाफ अदालत में इस्तगासा दर्ज किया था। अदालत ने मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे।

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