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छात्रसंघ चुनाव: एडमिशन और चुनाव के समय ही रहती है कैंपस में हलचल

Rajesh Kumar Jain

Publish: Aug 14, 2019 02:00 AM | Updated: Aug 13, 2019 20:19 PM

Bhilwara

कॉलेजों के हालात यह है कि या तो प्रवेश प्रक्रिया के समय भीड़ रहती है या फिर चुनाव के समय ही छात्र-छात्राओं की लाइनें नजर आती है। विद्यार्थियों की असल समस्याएं किसी की प्रथमिकता में नहीं है।




भीलवाड़ा।

 

छात्रसंघ चुनाव होते ही कॉलेजों में कैंपस हलचल शुरू हो गई है। उधर, कॉलेजों में समस्याएं इतनी है कि नियमित कक्षाएं लगने की व्यवस्थाएं नहीं सुधर रही है। अभी लगभग कॉलेजों के हालात यह है कि या तो प्रवेश प्रक्रिया के समय भीड़ रहती है या फिर चुनाव के समय ही छात्र-छात्राओं की लाइनें नजर आती है।

 

कॉलेज निदेशालय ने अब छात्र-छात्राओं को कक्षाओं से जोडऩे के लिए कई योजनाएं भी शुरू की लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है। इसकी बड़ी वजह है कि कॉलेजों में पर्याप्त स्टाफ नहीं है। माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय की स्थिति यह है कि कला संकाय में 58 प्रोफेसर के पद स्वीकृत है इनमें से 27 पद रिक्त है।

 

विज्ञान में 39 में से 10 पद खाली है। वाणिज्य संकाय में तो छात्र-छात्राएं यदि नियमित प्रवेश भी ले ले तो उन्हें घर पर ही पढऩा पड़ेगा। एेसा इसलिए क्योंकि 31 में से 27 पद रिक्त है। मतलब वाणिज्य संकाय की पढ़ाई कराने वाला ही कोई नहीं है। एेसे में समस्याएं रहती है।

 

यह है चुनाव कार्यक्रम


19 अगस्त: मतदाता सूचियों का प्रकाशन होगा।

20 अगस्त: मतदाता सूचियों पर आपत्ति प्राप्त कर अंतिम प्रकाशन करेंगे।
22 अगस्त: उम्मीदवारी के लिए नामांकन प्रस्तुत होंगे।

२३ अगस्त: जांच के बाद वैध उम्मीदवारों की सूची का प्रकाशन। नाम वापसी व अंतिम सूची।
27 अगस्त: सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक मतदान।

28 अगस्त: मतगणना व शपथग्रहण कार्यक्रम।


नहीं मिले परिचय पत्र


कॉलेजों में अभी नियमित विद्यार्थियों को परिचय पत्र भी नहीं मिले हैं। कारण है कि अभी कई कक्षाओं का परिणाम ही जारी नहीं किया गया है। एेसे में वे पास होंगे या फेल इसकी जानकारी नहीं होने से परिचय पत्र नहीं बने हैं। साथ ही एनएसयूआई व एबीवीपी ने तैयारियां तो शुरू कर दी है लेकिन प्रत्याशियों के नाम फाइनल नहीं किए हैं।