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दुपहिया वाहनों पर अब नही मिलेगा लोन

Suresh Jain

Publish: Aug 25, 2019 11:27 AM | Updated: Aug 25, 2019 11:27 AM

Bhilwara

आरसी बनी फाइनेंस कंपनियों के लिए गलफांस, घर बैठे आरसी पहुंचाने से कंपनियां गफलत में, प्रदेश में हजारों कर्मचारी हो जाएंगे बेरोजगार

भीलवाड़ा।
Loan on two wheeler घर बैठे वाहन पंजीयन दस्तावेज (आरसी) पहुंचाने के सरकार के निर्णय फाइनेंस कंपनियों के लिए गले की फांस बन गया है। आरसी जिम्मेदार को मिल रही या नहीं, इसका पता नहीं चलने से परेशान निजी फाइनेंस कम्पनियों ने आवाज मुखर कर दी है। जिले की कंपनियां शनिवार से ही दुपहिया वाहनों पर लोन नहीं देंगी। पूरे प्रदेश में यह निर्णय हो सकता है। माना जा रहा है कि कम्पनियों के इस निर्णय से दुपहिया वाहन फाइनेंस से जुड़े प्रदेश में हजारों कर्मचारियों पर बेरोजागरी के बादल मंडरा सकते हैं। आमजन को भी फाइनेंस पर वाहन लेने में मुश्किल खड़ी हो सकती है।

https://www.patrika.com/economy-news/tips-to-get-cheaper-two-wheeler-loan-1460700/

समस्या की जड़
Loan on two wheeler सरकार ने एक जुलाई से वाहन चालक व मालिक को घर बैठे लाइसेंस व आरसी डाक से पहुंचाने का आदेश परिवहन विभाग के दिए हैं। जिला परिवहन कार्यालयों ने यह कार्य शुरू कर दिया है। भीलवाड़ा फाइनेंस एसोसिएशन का मानना है कि इस व्यवस्था से आरसी वाहन मालिक को मिल रही है या नहीं। वाहन नंबर क्या दिए है। आरसी में लोन की सूचना या एचपीएन का नाम दिया गया है या नहीं। इसकी स्थिति भी साफ नहीं हो रही है।

फाइनेंसरों को यह समस्या
लोन देने के बाद उसकी किस्त कब से शुरू होगी, इसकी जानकारी नहीं मिल रही है। फाइनेंसरों का कहना है कि आरसी मालिक तक पहुंची है या नहीं, यह सूचना परिवहन विभाग फाइनेंस कम्पनी को मेल पर भेजे। वाहन मालिक को आरसी जारी होने की सूचना दी जाए, ताकि कम्पनियों को पता चल सके कि आरसी में एचपीएन का नाम जुड़ा या नहीं।

हर माह चार हजार वाहन उतरते सड़क पर
जिले से त्योहारी सीजन को छोड़कर औसतन प्रतिमाह चार हजार दुपहिया वाहन सड़क पर उतरते हैं। फाइनेंस कंपनियां एक वाहन पर ५० हजार तक का लोन देती है। एक माह में २० करोड़ का लोन दुपहिया वाहनों पर दिया जा रहा है, जो भीलवाड़ा फाइनेंस एसोसिएशन के अनुसार अब असुरक्षित हो गया है। लोन देने के लिए परिवहन विभाग में ६०० कम्पनियां पंजीकृत हैं। वर्तमान में सौ कम्पनियां काम कर रही हैं। एक कंपनी में औसतन २० कर्मचारी काम करते हैं। एेसे में जिले में दो हजार लोगों का रोजगार जा सकता है।

त्योहारी सीजन, निपटेंगे कैसे
शनिवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर भी दुपहिया वाहन खरीदने वालों को लोन नहीं मिल पाया। गणेश चतुर्थी, नवरात्र व दीपावली करीब है। मध्यम परिवार के लिए एकमुश्त राशि देकर वाहन खरीदना संभव नहीं है। वह लोन से ही वाहन खरीदता है।

लोन देना बन्द
नई व्यवस्था को लेकर फाइनेंस कंपनियों को परेशानी आ रही है। इसे लेकर शनिवार को भीलवाड़ा फाइनेंस एसोसिएशन की बैठक के बाद लोन नहीं देने का निर्णय किया गया है। यह निर्णय प्रदेश स्तर पर जल्द लागू होगा।
जितेन्द्र शर्मा, संगठन मंत्री, भीलवाड़ा फाइनेंस एसोसिएशन