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प्रोसेस हाउस के बाहर शव रख कर देर रात तक नारेबाजी

Rajesh Kumar Jain

Publish: Sep 22, 2019 03:06 AM | Updated: Sep 22, 2019 03:06 AM

Bhilwara

चार दिन पूर्व कार्य के दौरान घायल हो गया था श्रमिक, उदयपुर में मौत

 

मांडल (भीलवाड़ा)।

भीलवाड़ा मार्ग स्थित प्रोसेस हाउस में चार दिन पूर्व घायल हुए श्रमिक ने शनिवार को उपचार के दौरान उदयपुर में दम तोड़ दिया। श्रमिकों व परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर देर रात शव प्रोसेस हाउस के बाहर रखकर नारेबाजी की। कुछ श्रमिकों ने प्रबंधन के वाहन पर पथराव कर दिया। पुलिस उपाधीक्षक भंवर रणधीर सिंह व थानाप्रभारी गजेन्द्र सिंह नरूका देर रात तक समझाइश के प्रयास में जुटे हुए थे। मौके पर अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात रहा।

कंचन प्रोसेस हाउस की निर्माणाधीन इकाई में चार दिन पूर्व काम करते समय बनेड़ा थाना क्षेत्र के मुशी निवासी राजेश प्रजापति पर भारी वजन गिरने से घायल हो गया था। उसे भीलवाड़ा में प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर ले जाया गया। वहां उसने शनिवार को दम तोड़ दिया। पुलिस ने शाम को शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

परिजन उदयपुर से शव को गांव ले गए। वहां शव को अन्तिम संस्कार के लिए ले जाते समय ग्रामीणों ने मौताणे की राशि का जिक्र किया। इस पर मृतक के साले रतन ने ग्रामीणों को बताया कि मुआवाजा राशि तय हुई, वह कम्पनी ने नहीं दी। इस पर गुस्साए ग्रामीण शव फैक्ट्री के बाहर ले गए। वहां शव रखकर के परिजनों को ३० लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग करते हुए प्रदर्शन करने लगे।

मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक सिंह व थानाप्रभारी नरूका ने देर रात समझाइश की। इसी दौरान श्रमिकों की तरफ से आए पत्थर से प्रबंधन के एक वाहन के कांच फूट गए। पुलिस जाप्ते ने बाद में स्थिति को संभाला। रात ११ बजे बाद श्रमिकों ने शव को एसी वैन में रखवाया और मौके पर जमे रहे।