स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

तय था दिसम्बर में ही सभापति का चुनाव करवाना

Narendra Kumar Verma

Publish: Dec 08, 2019 12:29 PM | Updated: Dec 08, 2019 12:29 PM

Bhilwara

पार्षद ललिता समदानी को नगर परिषद सभापति पद से हटते ही स्वायत्त शासन विभाग ने दिसम्बर माह में भीलवाड़ा नगर परिषद में सभापति पद के रिक्त हुए पद के चुनाव कराने की तैयारी कर ली थी और इसके लिए विभाग ने राज्य निर्वाचन विभाग को पत्र लिख कर चुनाव की तारीख जल्द घोषित करने की सिफारिश की थी।

नरेन्द्र वर्मा

भीलवाड़ा। पार्षद ललिता समदानी को नगर परिषद सभापति पद से हटते ही स्वायत्त शासन विभाग ने दिसम्बर माह में भीलवाड़ा नगर परिषद में सभापति पद के रिक्त हुए पद के चुनाव कराने की तैयारी कर ली थी और इसके लिए विभाग ने राज्य निर्वाचन विभाग को पत्र लिख कर चुनाव की तारीख जल्द घोषित करने की सिफारिश की थी। इस संदर्भ में विभाग के निदेशक उज्जवल राठौड़ ने राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में सम्पूर्ण तथ्यों से अवगत कराया था।

इसी आधार पर राजस्थान पत्रिका ने ०४ दिसम्बर २०१९ को 'निर्वाचन विभाग को आदेश: सभापति चुनाव के लिए तय करें तारीखÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था, इसके बावजूद राजनीतिक गलियारे व नुक्कड़ों पर अब चर्चा है कि कांग्रेस समर्थित पार्षद मंजू पोखरना के सभापति मनोनीत किए जाने के बाद कांग्रेस के ही एक धड़े ने ये चुनाव तारीख घोषित करवाने में अपना पूरा जोर लगा दिया था। पोखरना से छल करने की भी चर्चा उठ रही है, जबकि पोखरना का मनोनयन शुक्रवार यानि ६ दिसम्बर २०१९ को हुआ था। इस राजनीतिक नियुक्ति को लेकर कई तरह की चर्चा भी आम है, जिसे लोग अपने अपने नजरिए तिल का पहाड़ बना रहे है।

चर्चाओं के इस दौरे में ये तय है कि चुनाव की तारीख घोषित किए जाने का बड़ा फायदा उठाने का भाजपा के पास फिर से मौका है और कांग्रेस के पाले में गए सभापति का पद फिर से अपने खाते में लाने का सुनहरा अवसर भी है। हालांकि नया सभापति सिर्फ सात माह का होगा और अगस्त २०२० में भीलवाड़ा जिले में नगर परिषद व छह नगर पालिका के चुनाव होना तय है। कुल मिला कर यह कहा जा सकता है राजनीति कयासों पर नहीं वरन व समीकरण व दावपेचों पर टिकी है।

............................

[MORE_ADVERTISE1]