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अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, सात वाहन बरामद, सरगना समेत छह गिरफ्तार

Akash Mathur

Publish: Nov 21, 2019 11:41 AM | Updated: Nov 21, 2019 11:41 AM

Bhilwara

आसींद और शम्भूगढ़ थाना पुलिस ने बुधवार को अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरोह के सरगना समेत छह जनों को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर चार पिकअप, दो ट्रैक्टर और एक जीप बरामद की गई। आरोपियों ने राजस्थान और मध्यप्रदेश में १८ वारदातें कबूली।

आसींद. आसींद और शम्भूगढ़ थाना पुलिस ने बुधवार को अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरोह के सरगना समेत छह जनों को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर चार पिकअप, दो ट्रैक्टर और एक जीप बरामद की गई। आरोपियों ने राजस्थान और मध्यप्रदेश में १८ वारदातें कबूली।


पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर ने बताया कि ४ नवम्बर को आसींद निवासी रतनसिंह राजपूत की पिकअप घर के बाहर से चोरी हो गई थी। आसींद थाने में १५ नवम्बर को मामला दर्ज कराया गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सहाड़ा) राजेश भारद्वाज की अगुवाई में टीम का गठन कर आसींद थानाप्रभारी राजकुमार नायक व शम्भूगढ़ थानाप्रभारी रामस्वरूप समेत कई पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। टीम ने सरगना करजालिया निवासी प्रेमचंद रेगर को पकड़ा। उससे पूछताछ के बाद अंटाली निवासी कालू उर्फ सलामुद्दीन, जीवणपुरा (छोटीसादड़ी) निवासी विजयकुमार पाटीदार, शेखजी का खेड़ा (मांडल) निवासी राजू उर्फ राजूराम भील, भैरूखेड़ा (आगूंचा) निवासी ताराचंद उर्फ तारू भील तथा अंटाली निवासी फारूख मोहम्मद को गिरफ्तार किया यगा। विजय पाटीदार को चोरी का माल खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

यहां से चुराए वाहन
गिरोह ने ब्यावर रोड चुंगी नाका आसींद, दौलतगढ़, बनेड़ा, तिलस्वां, लक्ष्मीनिवास बिजौलियां, बिजौलियां खुर्द, चपरासी कॉलोनी, त्रिवेणी से पिकअप, अंटाली से जीप, ट्रैक्टर, बेरा हाईवे, देवगढ़ से कार, भीलवाड़ा सुखाडि़या सर्किल, मलाण, मंडफिया (चित्तौडग़ढ़) से ट्रैक्टर, भीलवाड़ा डेयरी के पीछे व भदाली खेड़ा में कुएं से पानी की दो मोटर चुराई। इसी प्रकार मध्यप्रदेश के नीमच व मंदसौर से भी वाहन चुराए।

रात में चुराते वाहन
गिरोह में शामिल अपराधी नशे के आदी हैं। ये दिन में मोटरसाइकिल पर जाकर रैकी करते थे। रात में घर के बाहर खड़े चार पहिया वाहन चुरा लाते थे। ये मास्टर चाबी से लॉक खोल लेते थे। पिकअप और ट्रैक्टर स्टार्ट करने में आसानी होने से इन पर ज्यादा निगाह रखते थे। गिरोह का एक सदस्य वाटर कैन दिखाने के बहाने घरों में रैकी करता था।

औने-पौने दामों में बेचते वाहन

ये लोग तीन लाख के वाहन को ४० हजार रुपए में बेच देते थे। जो रकम मिलती थी उसे उसे बराबर बांट लेते थे। इनको शराब व महंगे कपड़ों का शौक था।

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