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हिमाकत: अफसरों पर हमले से भी नहीं चूकते बजरी माफिया

Tej Narayan Sharma

Publish: Jan 17, 2020 01:40 AM | Updated: Jan 17, 2020 01:40 AM

Bhilwara

अवैध बजरी खनन करने वाले गिरोह के हौसले इतने बुलंद हैं कि नदी क्षेत्र में खान विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने जाते हैं तो माफिया हमले से भी नहीं झिझकते।

भीलवाड़ा।

अवैध बजरी खनन करने वाले गिरोह के हौसले इतने बुलंद हैं कि नदी क्षेत्र में खान विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने जाते हैं तो माफिया हमले से भी नहीं झिझकते। जिले में एेसा कई बार हो चुका है। इधर, प्रशासन की ओर से बजरी परिवहन की सोशल मीडिया से निगरानी करने वाले लोगों को पकड़ लिया। अब इनके व्हाट्सअप ग्रुप में शामिल लोगों से पूछताछ की जा रही है। उनसे पूछा जा रहा है कि बताओ, आपको ग्रुप में क्यों शामिल किया? उनके बताए रूट पर अब निगरानी रखी जा रही है।


मालूम हो, बजरी माफिया जिले के कोटड़ी, हमीरगढ़ उपखंड अधिकारी की गाड़ी घेर चुके हैं। जहाजपुर क्षेत्र में तहसीलदार की गाड़ी पर पत्थर फेंक चुके हैं। कोटड़ी क्षेत्र में कार्रवाई को गए अतिरिक्त ख्नि अभियंता नवीन अजमेरा की गाड़ी को घेर लिया था। एेसे कई अन्य मामले हैं जिसमें खान विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने गए तो माफिया ने भगाने का प्रयास किया। माफिया ने पकड़े ट्रैक्टर भी छुड़ा लिए। शहर के निकट सुवाणा में कुछ समय पहले खान विभाग की महिला अधिकारी से अभद्रता की। अधिकांश मामलों में पुलिस में शिकायत हुई लेकिन खास कार्रवाई नहीं हुई है।


ट्रैक्टर छुड़ाने की राशि तक नहीं
जिले में कई ट्रैक्टर चालक एेसे हैं जो बजरी का अवैध परिवहन करते हैं। यदि टै्रक्टर को पकड़ में आ जाए तो एक लाख २६,४०० रुपए जुर्माना है। कई चालक एेसे हैं जिनके पास राशि ही नहीं है। एेसे में वे पुलिस थानों से ट्रैक्टर तक नहीं छुड़ा पा रहे हैं।


कार्रवाई से पहले सूचनाएं लीक
खान विभाग के अधिकारी पहले बजरी पर कार्रवाई को जाते थे तो पुलिस का पूरा सहयोग नहीं मिलता था। कई बार सूचनाएं लीक हो जाती थी। एक बार जिला प्रशासन ने बजरी पर कार्रवाई की योजना बनाई। पुलिस व प्रशासन को शामिल किया। सुबह अफसर पहुंचे लेकिन बजरी माफिया गायब थे। एेसे में विभाग के अधिकारी या पुलिस थानों से सूचनाएं लीक होती है।


अब मिला संबल
अब बजरी खनन पकडऩे के लिए खान विभाग ने बॉर्डर होमगार्ड भेजे हैं। ये सशस्त्र जवान है। इससे विभाग को राहत मिली है। अब बजरी पर कार्रवाई करते हैं तो गार्ड साथ रहते हैं। इससे माफिया में डर पैदा हुआ है। पहले कई बार हमले हो चुके हैं इसलिए विभाग ने सभी जिलों में गार्ड पहुंचाए हैं।


दे रहे हैं गलत सूचना
पंचायत चुनाव के चलते जिला कलक्टर राजेंद्र भट्ट के निर्देश पर स्पेशल टास्क फोर्स गठित है। इसके प्रभारी अतहर आमीर खान है। इन्होंने एक नंबर भी जारी कर रखे हैं। इस पर कई लोग गलत सूचनाएं भी दे रहे हैं। आसींद क्षेत्र में कार्रवाई करने गई टीम को मौके पर कुछ नहीं मिला। इस तरह माफिया अब अफसरों को ही चकमा दे रहे हैं।
जिले भर में अवैध बजरी खनन व परिवहन पर कार्रवाई कर रहे हैं। बुधवार को भी एक दर्जन से अधिक वाहन जब्त किए हैं। अब बॉर्डर होमगार्ड की मदद भी मिली है। जहां से भी सूचनाएं आ रही है वहां टीम को भेज रहे हैं।
आसिफ मोहम्मद अंसारी, खनि अभियंता

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