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नहीं मिली बिजली तो उद्योग होंगे पलायन

Suresh Jain

Publish: Jan 17, 2020 11:28 AM | Updated: Jan 17, 2020 11:28 AM

Bhilwara

उद्यमियों की कांग्रेस सरकार के बजट से है कई उम्मीदें
कांग्रेस सरकार का दूसरा बजट अगले माह

भीलवाड़ा।
Discussion on Budget 2020 राज्य सरकार का बजट अगले माह विधानसभा में पेश किया जाएगा। कांग्रेस सरकार का यह दूसरा बजट होगा। इस बजट से लेकर राजस्थान के उद्यमियों को सरकार से कई उम्मीदे है। कपड़ानगरी के नाम से विश्व में विख्यात भीलवाड़ा के उद्यमियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिजली की दरें बनी हुई है।Discussion on Budget 2020 अगर सरकार ने अपने बजट में बिजली की दरों को कम नहीं किया तो उद्योग राजस्थान से पलायन कर जाएंगे। वस्त्रनगरी में उद्योग को चलाने के लिए स्वयं उद्यमियों को पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इसके चलते भूजल स्तर पर भी असर पड़ा है। हालांकि सरकार की नीति के अनुसार पानी की प्रथम प्राथमिकता पीने के लिए, दूसरी खेती व तीसरे स्तर पर उद्योग को रखा गया है। उद्योगों को महंगी बिजली मिलना प्रमुख है। ऐसे में उद्यमी राहत की उम्मीद लगाए हुए है। राजस्थान पत्रिका ने बजट से पूर्व शहर के उद्यमियों के साथ बुधवार को चर्चा की। इसमें लघु उद्योग भारती से जुड़े उद्यमियों ने कई मुद्दे बताएं हैं।
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- आईना:
उद्यमियों को इस बात को लेकर विश्वास था कि चालू वित्तीय वर्ष में बिजली की दरों को कम किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार ने भी बिजली की दरों को लेकर कई बार बैठकें कर चुकी है। फिर भी लाभ नहीं मिला है। रीको की ओर से ग्रोथ सेन्टर में भूखण्ड दिए जाने के कई सालों बाद ११० रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से अतिरिक्त राशि को समाप्त करने की मांग की जा रही है वह अब भी अधूरी है। नए उद्योग लगाने के लिए जमीन तक नहीं मिल रही है।
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- अपेक्षा:
उद्यमियों को आगामी बजट से कई तरह की उम्मीदें है। प्रमुख तौर से बिजली की दरों में दो रुपए की छूट की उम्मीद है। छूट नहीं मिली तो उद्योग पलायन हो जाएंगे। पीने का पानी तो नहीं मिल रहा है, लेकिन वाटर सेस वसूला जा रहा है। इस सेस को समाप्त करने की प्रमुख मांग है।
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- मंदी की बात:
पिछले दो साल से टेक्सटाइल उद्योग मंदी की मार झेल रहा है। इसे उभारने के लिए केन्द्र व राज्य सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है। पिछले तीन साल में ८४ यूनिट बंद हुई है। कांग्रेस सरकार की ओर से घोषित नई टेक्सटाइल नीति से भी उद्यमियों को ज्यादा लाभ मिलने की संभावना नहीं है। हालांकि सरकार ने रिप्स योजना को जारी रखते हुए उसमें कुछ बदलाव किया है। फिर भी उद्यमी मंदी की मार से उभर नहीं पा रहे है। उद्यमी अपने स्तर पर प्रयास करके बाजार की तलाश कर रहे है।
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- संभावना:
यदि सरकार अपने बजट में टेक्सटाइल उद्योग के लिए बिजली की दर २ रुपए प्रति यूनिट कम किया जाता है तो उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी। अन्य टेक्सटाइल उद्योगों से प्रतिस्पद्र्धा में टीक सकेंगे। नए रोजगार के रास्ते खुलेंगे। जमीन के लिए नए विकल्प रखे जाते है तो नए उद्योग स्थापति होंगे तो हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। कपड़ा उद्योग के लिए कोई अच्छे पैकेज की मांग रहेगी।
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मेरी बात:
- लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य केके जिंदल ने बताया कि अन्य प्रान्तों के मुकाबले राजस्थान में उद्योगों की बिजली की दरें कई अधिक है। अन्य राज्यो में दर कम होने से प्रतिस्पर्धा में उद्योग पिछड़ रहे हैं। भीलवाड़ा में टेक्सटाइल उद्योग का विकास होना चाहिए वह नहीं हो पा रहा है। गुजरात व महाराष्ट्र सरकार ने टेक्सटाइल में बिजली की दरों में छूट दी है। सरकार से बिजली की दरों में कमी की आशा है।
- लद्यु उद्योग भारती के सचिव अनुप बागडोदिया ने कहा कि रीको ग्रोथ सेंटर में उद्यमियों को दिए गए भूखण्डों की अतिरिक्त डिमांड राशि निकाली गई है। उसे समाप्त करने के लिए पिछले पांच साल से लड़ाई लड़ रहे हैं। रीको ने उद्योगों पर 110 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से मांग पत्र जारी कर रखा है। लेकिन सरकार इस मांग को समाप्त नहीं कर रही है।
- लद्यु उद्योग भारती अध्यक्ष महेश हुरकट का कहना है कि रूप टॉप सोलर प्लांट छोटे उद्योग लगा सके इसके लिए सरकार से मांग है कि इस योजना को रिफ्स में शामिल किया जाए ताकि छोटे व मध्यम उद्योगों को भी इसका लाभ मिल सके।
-उद्यमी संजीव चिरानिया ने बताया कि बिजली के बिलो में वाटर सेस के नाम से टेक्स वसूला जा रहा है। जो सरासर गलत है तथा उद्योगों के साथ कुठाराघात है। इस सेस को समाप्त किया जाना चाहिए।
- लघु उद्योग भारती चित्तौड़ प्रांतीय महासचिव राजकुमार मैलाना ने बताया कि रीको की ओर से दस प्रतिशत सर्विस चार्ज वसूला जाता है। यह राशि प्रतिवर्ष के आधार पर वसूली जा रही है। आने वाले समय में यह राशि आवंटन राशि से भी अधिक हो जाएगी। इस सर्विस चार्ज को समाप्त करे ताकि उद्योगों का विकास हो सके।
- उद्यमी अजय मून्दड़ा ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद भी सेल टेक्स विभाग में कई पुराने मामले अटके हुए है। ऐसे मामले को एमनेस्टी स्कीम लाकर पुरानी डिमांड को समाप्त किया जाना चाहिए।
- महिला उद्यमी चन्दा मून्दड़ा का कहना है कि भीलवाड़ा में चम्बल का पानी आने के बाद भी रीको इण्डस्ट्रीयल एरिया में श्रमिकों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है।
- महिला उद्यमी विमला मुणोत का कहना है कि हमीरगढ़ स्थित हवाई पट्टी का विस्तार होना चाहिए। यहां के उद्यमियों को अपने व्यापार व उद्योग के लिए हर दिन दिल्ली व मुम्बई आना जाना पड़ता है। ऐसे में यहा से हवाई सेवा मिले तो उद्योग का भी विस्तार होगा। उद्यमी सुमित जालान ने उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए विशेष योजना बनाने पर जोर दिया। कमलेश मुणोत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
उद्यमियों की हर समस्या को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे
देश में राजस्थान में ही ऐसी सरकार है जिसके पारदर्शी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत है। जो सम्पूर्ण वर्ग, हर तबके का ध्यान रखते है। नीचे के स्तर से लेकर बड़े स्तर की जो समस्या है उसका निदान करके हर आदमी को राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहे है। मुख्यमंत्री को यह मालूम है कि औद्योगिक नगरी के नाम से भीलवाड़ा की पहचान है। औद्योगिक क्षेत्र में जो भी समस्या आ रही है वह इस बजट में पूरी होगी तथा उद्यमियों को राहत मिलेगी। नए उद्योग स्थापित हो, नए व्यापार की शुरूआत हो यह प्रयास गहलोत सरकार कर रही है। भीलवाड़ा के उद्यमियों के सामने जो भी समस्या आ रही है। उन सभी समस्याओं को मुख्यमंत्री को अवगत करवाया जाएगा। ताकि यहां का उद्योग विकसित हो, लोगों को रोजगार मिल सके। देश की गलत नितियों से जो कपड़ा उद्योग तबाह होने जा रहा है चाहे जीएसटी, नोटबंदी या आर्थिक मंदी हो इन सब से उभारने के लिए राज्य सरकार के माध्यम से कांग्रेस सरकार सफल प्रयास करेगी।
महेश सोनी, महासचिव जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा

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