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अस्पताल में आधी दुनिया झेल रही शर्मिन्दगी

Suresh Jain

Publish: Jan 17, 2020 11:55 AM | Updated: Jan 17, 2020 11:55 AM

Bhilwara

एमजीएच के हाल : खुले में शौच को मजबूर मरीज
फिमेल सर्जिकल वार्ड में शौचालयों के टूटे दरवाजे

भीलवाड़ा।
Mahatma Gandhi Hospital जिले के सबसे बड़े महात्मा गांधी अस्पताल में महिला मरीज शर्मिन्दगी झेल रही है। अस्पताल के फीमेल सर्जिकल वार्ड के टॉयलेट का दरवाजा तक नहीं है। शर्म से बचने के लिए महिला मरीज सुलभ सुविधा के लिए बाहर का रास्ता देखने को मजबूर है। राजस्थान पत्रिका ने बुधवार को एमजीएच का दौरा किया तो हालात बहुत चौंकाने वाले मिले, खासकर महिला वार्डों में।
स्थिति एक
Mahatma Gandhi Hospital फिमेल सर्जिकल वार्ड में करीब ५० बैड है। रोजाना करीब सौ तीमारदार भी आते हंै। वार्ड के शौचालय के दरवाजे का निचला हिस्सा टूटा है। पास के वार्ड में मरीजों की आवाजाही के चलते टूटे हिस्से के शौचालय का इस्तेमाल करने में महिलाएं शर्मसार हो रही है। स्वच्छ भारत में भले ही टॉयलेट को इज्जतघर नाम दिया लेकिन जिले के इस बड़़े अस्पताल के शौचालय कतई इज्जतघर नहीं कहला सकते।
स्थिति दो
मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में भर्ती महिलाओं के लिए हर वार्ड में एक-एक शौचालय है, लेकिन हर वार्ड में २०-२० मरीज हैं। इनके साथ दो-दो महिलाएं हर समय रहती है। ऐसे में महिलाओं को शौच के लिए अस्पताल के बाहर पीछे और खुले में शौच जाना पड़ता है। एक कॉमन शौचालय है, लेकिन उसमें बायोमेडिकल वेस्ट डाल रखा है। ट्रॉली में कपड़े सुखाए जाते है। इससे संक्रमण का खतरा रहता है। उपचार कराने आए मरीज के और बीमार होने का खतरा रहता है।

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