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आठ अर्थियां देख दहल गया शाहपुरा

Mahesh Kumar Ojha

Publish: Aug 25, 2019 02:15 AM | Updated: Aug 25, 2019 02:15 AM

Bhilwara

देसूरी हादसे में मरने वाले दो परिवारों के आठ जनों की अंतिम यात्रा

शाहपुरा।


राजसमंद जिले की देसूरी नाल में शुक्रवार को हुए सड़क हादसे ने शाहपुरा कस्बे को रुला दिया। दो परिवार के आठ जनों की एक साथ अर्थियां शुक्रवार सुबह उठी तो हर आंख नम हो गई। परिवारों में कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। दोपहर तक बाजार बंद रहे।

शाहपुरा निवासी मुकेश अग्रवाल और पंकज जैन के परिवार शुक्रवार सुबह वैन में रवाना हुए थे। वे लोग गढ़बोर चारभुजा के दर्शन के बाद दोपहर में नाकोड़ा जा रहे थे। देसूरी नाल में एसिड से भरा टैंकर वैन पर पलट गया। इससे मुकेश, उसकी पत्नी ममता, बेटे यश व दर्शिल तथा पंकज जैन, उसकी पत्नी संगीता, बेटी अंगना, अनन्या तथा मुकेश के साढू के पुत्र नीमच निवासी जयंत अग्रवाल की मौत हो गई। देर रात आठ शव शाहपुरा लाकर मोर्चरी में रखवाए गए। जयंत का शव नीमच भेजा गया। सुबह आठों शव घर लाए जाने पर रातभर आंखों में आंसू समेटे बैठे परिजनों के सब्र का बांध टूट गया। परिजनों को संभालना भारी पड़ गया। रीति-रिवाज के बाद अंतिम यात्रा उनके घरों से रवाना हुई। अंतिम संस्कार में सांसद सुभाष बहेडि़या, जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट, पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुकृति उच्चैनिया, उपाधीक्षक भारत सिंह, तहसीलदार अशोक सोनी, थानाधिकारी भजन लाल समेत बड़ी संख्या में मृतकों के रिश्तेदार व कस्बे के बाशिंदे शामिल हुए।

 

अंतिम यात्रा में दो परिवारों के मृतकों की अर्थियां कतारबद्ध चल रही थी। मकानों की छतों से लोगों ने फूल बरसाए। महिलाएं और बच्चें आंसू नहीं रोक पाए। कस्बे के निजी विद्यालयों में अवकाश रहा।


दो चिताओं पर अंतिम संस्कार

मोक्षधाम में दो बड़ी चिताओं पर पंकज और मुकेश व उनके मृत परिजनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के बाद जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक ने मृतकों के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।

 

जन्माष्टमी के कार्यक्रम रद्द


कस्बे में शनिवार को जन्माष्टमी पर कई आयोजन होने थे, लेकिन मंदिरों में भोग आरती के अलावा ज्यादातर कार्यक्रम रद्द कर दिए गए।

 

खींच लाई मौत

गढ़बोर से नाकोड़ा की ओर निकले मार्ग पर रामदेवरा जाने वाले पदयात्रियों की भीड़ देख कर मुकेश ने वैन को वापस घुमाकर दूसरे रास्ते से जाने का विचार किया। उसे किसी रिश्तेदार को मोबाइल पर कार्यक्रम के बदलाव की सूचना दी। इसके कुछ देर बाद ही हादसा हो गया।


बदला कार्यक्रम, बुझ गया चिराग

मुकेश के साथ उसके साढू नीमच निवासी महावीर अग्रवाल का बेटा जयंत (17) भी था। जयंत इकलौता पुत्र था। मां लकवे में होने से जयंत राखी पर मौसा के घर आया था। उसे २२ अगस्त को लौटाना था, लेकिन 23 को नाकोड़ा यात्रा कार्यक्रम बनने से जयंत को रोक लिया गया।


रिश्तेदारों को धर्मशाला ठहराया

आठों शव देर रात शाहपुरा पहुंच गए थे। उनको मोर्चरी में रखवाया गया था। मृतकों के रिश्तेदारों के शाहपुरा पहुंचने पर उनको घर नहीं भेजा गया। उनको लोगों ने धर्मशाला में ठहरा दिया गया। मुकेश और पंकज के परिजनों को तड़के तक हादसे की जानकारी नहीं दी गई थी। सुबह शव पहुंचने से कुछ देर पहले मौत की सूचना दी गई।

 

हॉकी मैदान पर पंकज को श्रद्धांजलि

पंकज जैन को शनिवार शाम शाहपुरा हॉकी क्लब की ओर से खिलाडिय़ों ने श्रद्धांजलि दी गई।  जैन हॉकी के खिलाड़ी थे। वे बच्चों को हॉकी का प्रशिक्षण देते थे।