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किसान को अपनी आय बढ़ानी तो करना होग ये काम

Suresh Jain

Publish: Dec 05, 2019 21:28 PM | Updated: Dec 05, 2019 21:28 PM

Bhilwara

स्वस्थ मृदा खेती का मुख्य आधार

भीलवाड़ा।
Agricultural science center कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से विश्व मृदा दिवस का आयोजन सुवाणा में आयोजित किया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ. सीएम यादव ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने के लिए कृषि तकनीक के साथ स्वस्थ मृदा आवश्यक है। असंतुलित ढंग से रासायनिक खाद से उत्पादकता में गिरावट आ रही है। प्रत्येक किसान को मिट्टी की जांच कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिश के अनुसार फसल की बुवाई करनी होगी। शस्य वैज्ञानिक डॉ. केसी नागर ने आवश्यक पौषक तत्वों एवं मिट्टी जांच के लिए नमूना लेने की विधि बताई। यादव ने अरणिया घोड़ा शाहपुरा में आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।

Agricultural science center आरजिया स्थित बारानी कृषि अनुसंधान केन्द्र में संगोष्ठी हुई। राष्ट्रीय कृषि प्रसार प्रबन्धन संस्थान (मेनेज) हैदराबाद की ओर से भेजे गए पंजाब, हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं महाराष्ट्र के 74 कृषि वैज्ञानिकों, कृषि अधिकारियों, एवं आत्मा परियोजना के तहत किसानों ने हिस्सा लिया। मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अनिल कोठारी ने 120 क्यूबिक मीटर बायोगैस सयंत्र की जानकारी दी। शस्य वैज्ञानिक डॉ. जेके बालियान ने कृषि अपशिष्ट प्रबन्धन सयंत्र का अवलोकन करवाया। डॉ. ललित छाता ने बताया कि सयंत्र से प्राप्त बायोस्लरी को खेत में सीधे प्रयोग कर सकते हैं। कृषि महाविद्यालय के मृदा वैज्ञानिक डॉ. रविकान्त शर्मा ने मृदा के पोषक तत्वों का महत्व बताया।

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