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संविदा चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू: रोडवेज की फूली सांस, डबल ड्यूटी करा पाई निजात

Rajesh Kumar Jain

Publish: Aug 14, 2019 03:36 AM | Updated: Aug 14, 2019 03:36 AM

Bhilwara

एक साथ 40 चालकों के बस संचालन से हाथ खड़े करने से रोडवेज प्रशासन की सांस फूल गई। बसों के सुचारू संचालन के लिए रोडवेज के स्थाई चालकों से डबल ड्यूटी कराई गई। उदयपुर रूट की एक बस निरस्त करनी पड़ी।

 

 

 

भीलवाड़ा।

 

राजस्थान रोडवेज संविदा चालक संघ के आह्वान पर मंगलवार को आगार के संविदा चालक हड़ताल पर चले गए। भीलवाड़ा शाखा के उपाध्यक्ष राजेश पंचोली के नेतृत्व में सुबह पांच बजे से संविदा चालकों ने बसें नहीं चलाई। दिनभर बस स्टैण्ड पर प्रदर्शन किया व रोडवेज प्रबंधकों के खिलाफ नारे लगाए। हालांकि हड़ताल को देखते सुभाषनगर थाने से जाप्ता बस स्टैंड पर तैनात रहा। संविदा चालकों ने स्थाई चालकों को ड्यूटी पर जाने से नहीं रोका। बस स्टैंड के दुर्गा माता मंदिर में हड़ताली डेरा डाले रहे।

 

ठेकेदार को बुला समझाया, नहीं बनी बात

 

जिन चालकों को कम्पनी के अधीन नियुक्ति दी गई। उसके ठेकेदार को मुख्य प्रबंधक ने बुलाया। ठेकेदार के साथ संघ के पदाधिकारी भी आए। करीब आधा घंटे वार्ता चली व काम पर लौटने का आग्रह किया लेकिन चालक संघ ने मांगें मानने तक काम पर लौटने से मना कर दिया। आगार प्रबंधक ने ठेकेदार को दूसरे चालकों की व्यवस्था नहीं करने पर सिक्युरिटी राशि जब्त करने और हड़ताली कर्मचारियों को ब्लैकलिस्टेड करने तक की धमकी दी।

 

महिलाओं की लंबी कतारें

 

रक्षाबंधन में महज एक दिन शेष रहने से बस स्टैंड पर दिनभर यात्रियों की भीड़ रही। खासतौर से महिलाओं की भीड़ ज्यादा थी। बुकिंग खिड़की पर महिलाओं की कतारें रही। हालांकि हड़ताल की पहले से घोषणा से यात्रियों में संचालन को लेकर संशय था। स्टैंड पहुंचने पर बस देखकर राहत की सांस ली।

 

पीक सीजन, व्यवस्था के लिए झोंकी ताकत

 

त्योहार के मद्देनजर रोडवेज के लिए पीक सीजन है। हड़ताल से प्रबंधक को बस संचालन के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई रूटों पर प्रशिक्षित परिचालकों से बस चलवाई तो आगार के बाबूओं को परिचालक भी बनाया गया। एक रूट से लौटे स्थाई चालकों को तुरंत दूसरे रूट पर भेजा। इस व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में रोष देखा गया।