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सर्दी से बचने को खिड़कियों पर लगा रहे बैडशीट का पर्दा

Suresh Jain

Publish: Jan 17, 2020 12:10 PM | Updated: Jan 17, 2020 12:10 PM

Bhilwara

एमजीएच के हाल

भीलवाड़ा।
MGH conditions टूटी व बिना शीशे की खिड़की। कहीं बिस्तर पर चद्दर नहीं तो कहीं कंबल तक मयस्सर नहीं। दीवारों पर रिसता पानी और सीलन। यह तस्वीर सामने आई जिले के सबसे बड़े महात्मा गांधी जिला अस्पताल की, जो टीम राजस्थान पत्रिका को सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था के जायजा लेते समय दिखी।
एमजीएच के मेल सर्जिकल वार्ड में तो खिड़कियां ही टूटी हुई है। कड़ाके की ठंड में टूटी खिड़की से आ रही सर्द हवा मरीज व उसके तीमारदारों को ठिठुरा रही थी।MGH conditions बचाव में कई मरीज बिस्तर से बैडशीट उतारकर खिड़कियों पर लगा रहे तो कुछ घर से लाई चद्दर का पर्दा बना रहे। अस्पताल के सभी वार्डों में एेसे हालत नजर आए। कुछ वार्डों में मरीजों ने कंबल नहीं मिलने की शिकायत की। बताया-घरों से ओढऩे के कपड़े लाने पड़े। वहीं मातृ एवं शिशु वार्ड में महिला मरीजों की तादाद इतनी बढ़ गई कि अस्पताल की गैलेरी को ही वार्ड बना दिया गया। मेटरनिटी वार्ड की दीवारों में सीलन ने सर्दी और बढ़ा दी। मरीजों का कहना है कि यहां छत से पानी टपकता है। लिहाजा रात में इधर से बचकर निकलना पड़ता है। वहां कर्मचारियों का भी मानना था कि छत से पानी टपकने से थोड़ा दूर बैठना पड़ता है। कई बार अस्पताल प्रशासन को शिकायत दर्ज कराई पर सुनवाई नहीं हुई। टीम पत्रिका ने देर रात मातृ एवं शिशु इकाई का निरीक्षण किया तो अस्पताल के मुख्य द्वार से सुरक्षाकर्मी नदारद मिला।

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