स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

विद्युत दरों में वृद्धि पर मेवाड़ चेम्बर ने दायर की पिटिशन

Suresh Jain

Publish: Oct 05, 2019 04:02 AM | Updated: Oct 04, 2019 21:16 PM

Bhilwara


- आपत्ति दर्ज कराने का था अन्तिम दिन

भीलवाड़ा।
Ajmer Power Distribution Corporation अजमेर विद्युत वितरण निगम की ओर से आगामी वर्ष के लिए प्रस्तावित विद्युत दरों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी को लेकर मेवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने राजस्थान राज्य विद्युत नियामक आयोग में पिटिशन दायर की है। पिटिशन के साथ ही व्यक्तिगत सुनवाई के लिए समय मांगा है। प्रस्तावित विद्युत दर को लेकर निगम ने शुक्रवार तक लोगों से आपत्तियां मांगी थी।

Ajmer Power Distribution Corporation महासचिव आरके जैन ने बताया कि घरेलू, गैर औद्योगिक एवं अन्य क्षेत्रों में विद्युत दरों में बढ़ोतरी प्रस्तावित है। स्थाई शुल्क भी दुगुने से अधिक हुआ तो उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक भार पड़ेगा। घरेलू दरें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की प्रस्तावित है। साथ ही 150 यूनिट तक न्यूनतम वर्तमान विद्युत दर 3.50 रुपए से बढ़ाकर 5.75 रुपए होने पर मध्?यमवर्गीय परिवार का विद्युत खर्च प्रतिमाह 600 से 1000 रुपए तक बढ़ जाएगा।

जैन ने बताया कि पावर इंसेटिव उद्योगों को दरों में कटौती कर प्रति यूनिट 5 रुपए करने की मांग के साथ सभी टेक्सटाइल एवं अन्य उद्योगों को इसमें सम्मिलित करने, स्थाई शुल्क 185 रुपए प्रति केवीए पर रखने, क्रॉस सब्सिडी चार्जेज, फ्यूल सरचार्ज समाप्त करने, घरेलू दरों में प्रस्तावित वृद्धि वापस लेने की मांग की गई है।
..................
वर्तमान विद्युत दरें व प्रस्तावित
राज्य दर प्रति यूनिट स्थाई शुल्क
हिमाचल प्रदेश 4.85 रुपए १25 रुपए
मध्यप्रदेश 6.30 रुपए 100 रुपए
पंजाब 4.99 रुपए 45 रुपए
राजस्थान 7.35 रुपए 275 रुपए
औद्योगिक दरों में वृद्धि के साथ स्थाई शुल्क भी दुगुना प्रस्तावित
हिमाचल प्रदेश 4.35 रुपए 400 रुपए प्रति केवीए
मध्यप्रदेश 5.90 रुपए 120 रुपए प्रति केवीए
पंजाब 5.89 रुपए 165 रुपए प्रति केवीए
राजस्थान 7.30 रुपए 270 रुपए प्रति केवीए।
वर्तमान में 185 रुपए है।
.....................................
लघु उद्योग भारती ने भी दर्ज कराई आपत्ति
लघु उद्योग भारती ने भी प्रस्तावित विद्युत दरों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई है। प्रस्तावित दरों में टेक्सटाइल उद्योग में 125 केवीए से अधिक भार वाले उद्योगों को ही बिजली कम दरों पर उपलब्ध कराने की तैयारी है, जो अन्य उद्योगों के साथ कुठाराघात है। इससे छोटे उद्योग बन्द हो जाएंगे। प्रांतीय महासचिव राजकुमार मेलाना व सह सचिव सुमित जागेटिया ने बताया कि राज्य की विद्युत कंपनियां राजस्थान से बाहर 3.40 रुपए प्रति यूनिट में बिजली बेच रही है। इसका लाभ स्थानीय उद्योगों को मिलना चाहिए। ऑफ पीक आवर्स में विद्युत दरों में कम से कम 25 प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए। एवीवीएनएल की ओर से खरीदी गई बिजली एवं वितरण में 24 प्रतिशत बिजली की खपत छीजत में चली जाती है, जो कि निगम के अक्षमता है। वितरण व्यवस्था को दुरुस्त कर इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। लद्यु उद्योग भारती अध्यक्ष महेश हुरकट व सचिव अनूप बागरोदिया ने भी आपत्ति दर्ज कराई है।