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ठगी का बड़ा खेल: सोशल साइट पर हाई-प्रोफाइल महिला से फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार, फिर प्रश्नों की बौछार कर जान लेते परिवार की स्थिति

Mahesh Kumar Ojha

Publish: Oct 22, 2019 05:03 AM | Updated: Oct 22, 2019 02:35 AM

Bhilwara

कोतवाली पुलिस ने सोशल साइट पर दोस्ती करके ठगी करने वाले नाइजीरिया के ठगी गैंग के एक और सदस्य अगुगुआ संडे इक्चुयूक्वाव को गिरफ्तार किया है।

भीलवाड़ा।

कोतवाली पुलिस ने सोशल साइट पर दोस्ती करके ठगी करने वाले नाइजीरिया के ठगी गैंग के एक और सदस्य अगुगुआ संडे इक्चुयूक्वाव को गिरफ्तार किया है। गैंग के सदस्य को पकडऩे के लिए पुलिस को रिश्तेदारी का जाल बुनना पड़ा। इसके पास से 8 लेपटॉप, 22 मोबाइल, 4 टेबलेट, 7 डोंगल तथा अनेक सिमें बरामद हुई है। अब तक इस गैंग की महिला सदस्य समेत तीन जने गिरफ्तार हो चुके है। सभी आरोपी २४ तक रिमांड पर लिया गया। इनका आका बोनीफोट अब तक पुलिस के हाथ नहीं आया है।

पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर ने बताया कि कोतवाली प्रभारी यशदीप भल्ला के नेतृत्व में दिल्ली गई टीम ने नाइजीरिया के संडे को मोहन गार्डन इलाके से हिरासत में लिया। पुलिस की भनक लगते ही सरगना बोनीफोट दीवार कूदकर भाग गया। पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली तो वहां विजिटिंग कार्ड मिला,जिसमें वह बिल्डिंग मेटेरियल कम्पनी का डायरेक्टर बना हुआ था। इसकी आड़ में वह दिल्ली में ठगी की साइबर सेल चला रहा था। उसके इशारे पर ही गैंग देश में सोशल साइट पर महिला से दोस्ती करके ठगी करती थी।

छह प्रश्नों का पत्र, उसी पर दोस्ती की नींव

एसपी महावर ने बताया कि सोशल साइट पर हाई-प्रोफाइल महिला से फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार होते ही वह रटे-रटाए प्रश्न करते थे। इसके लिए बाकायदा छह प्रश्नों का पत्र सामने रखते थे। हैलो करके दोस्ती होती और एक के बाद एक प्रश्न में परिवार की स्थिति जान लेते। उसके बाद महिला का वॉट्सअप नम्बर ले लेते। उस नम्बर पर चैटिंग करते थे और बाद में उसके मोबाइल नम्बर जान लेते। इसके लिए हाईटेक मकान में बीस लोग काम करते थे। यह दिनभर शिकार के लिए महिला की तलाश करते रहते थे।

दस लेपटॉप एक साथ, छह महिलाओं से बातचीत

ठगी की साइबर सेल चला रहे मकान में दस लेपटॉप एक साथ चलते थे। एक लेपटॉप पर छह-छह महिलाओं से एक साथ चैटिंग होती थी। हर महिलाओं को अलग-अलग नाम बताकर चैटिंग करते। इन नामों को लेकर जरा सी गलती ना हो, इसके लिए पास में एक डायरी रखते थे। उस डायरी में क्रमवार फर्जी प्रोफाइल वाले का नाम लिखकर रखते थे।

पढ़े लिखे ठगी करते, बाकी नशे के सौदागर

नाइजीरिया से आई ठग गैंग में जो पढ़े-लिखे है, वे ही सोशल साइट पर ठगी करते थे। कम पढ़े-लिखे दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में नशे के सौदागर बने हुए थे। यह लोग चरस, गांजा, स्मैक, हेरोईन की तस्करी करते। इनके ग्राहक तय होते थे और जिनसे खरीदी जाती, वे पहचान वाले होते थे।

बदला पैंतरा, फिर घुसे मकान में
कोतवाली टीम को गैंग के एक और आरोपी को दबोचने के लिए चाल चलनी पड़ी। नाइजीरियाई ठग गैंग के पास जो चार मंजिला मकान किराए पर था। दिल्ली पुलिस के सहयोग से उसके मकान मालिक को बुलाया गया। गैंग ने उस मकान को हाईटेक बना रखा था। पुलिस ने उपनिरीक्षक प्रेमसिंह को मकान मालिक के साथ घर पर भेजा। मकान मालिक ने उपनिरीक्षक को अपना रिश्तेदार बताकर मकान दिखाने की बात कहीं। उसके बाद गैंग के सदस्य ने दरवाजा खोल दिया। पीछे दलबल के साथ पुलिसकर्मी थे। हथियारबंद पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खुलते ही पहरेदार को दबोच लिया। उसके बाद संडे को हिरासत में लिया। हालांकि सरगना दीवार कूदकर भाग गया। पुलिस ने मकान की तलाशी ली तो फ्रीज में बड़ी मात्रा में मांस, अंडे समेत वहां काफी खाद्य सामग्री मिली। इससे माना जा रहा है कि यह लोग घर से कम ही बाहर निकलते थे।