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टूटे दिल फिर मिले, शिकवें शिकायतें हुई दूर

Narendra Kumar Verma

Publish: Sep 15, 2019 12:02 PM | Updated: Sep 15, 2019 12:02 PM

Bhilwara

भीलवाड़ा। राष्ट्रीय लोक अदालत शनिवार को खुशियों का पैगाम लाई, कई टूटे दाम्पत्य जीवन फिर एक डोर में बंधे। कई लोगों की सालों पुरानी अदावत दूर हुई और रूठे गले मिलें, बीमा दावा राशि के लिए भटक रहे लोगों की आस पूर्ण हुई, कई आपसी विवाद निपटे, बाकियात की डूबी राशि मिलने की उम्मीद बंधी। जिले में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को जिले मेें लोक अदालत की २३ बैंचों में समझोता योग्य प्रकृति के १२३२ प्रकरणों का निस्तारण हुआ। इनमें सर्वाधिक मामले

भीलवाड़ा। राष्ट्रीय लोक अदालत शनिवार को खुशियों का पैगाम लाई, कई टूटे दाम्पत्य जीवन फिर एक डोर में बंधे। कई लोगों की सालों पुरानी अदावत दूर हुई और रूठे गले मिलें, बीमा दावा राशि के लिए भटक रहे लोगों की आस पूर्ण हुई, कई आपसी विवाद निपटे, बाकियात की डूबी राशि मिलने की उम्मीद बंधी। जिले में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को जिले मेें लोक अदालत की २३ बैंचों में समझोता योग्य प्रकृति के १२३२ प्रकरणों का निस्तारण हुआ। इनमें सर्वाधिक मामले दीवानी, फ ौजदारी , पारिवारिक, चेक अनादरण श्रम, बैंक रिकवरी से जुडे़ प्रकरण थे। जिले में विभिन्न अदालतों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति खासा उत्साह रहा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्राधिकरण सचिव राजीव चौधरी ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चन्द्र पगारिया के मार्ग दर्शन में जिले में कुल 12573 प्रकरण लोक अदालत में रखे गए। जिसमें से 1232 प्रकरण लोक अदालत की भावना से निस्तारित हुए तथा 9 करोड़ 13 लाख 73 हजार 415 रुपए अवार्ड राशि पारित की गई। इसमें से प्रि-लिटिगेशन के 8718 प्रकरण रखे गए, जिसमें से 329 प्रकरणों का राजीनामा द्वारा निस्तारण हुआ और 1 करोड 66 लाख 59 हजार 343 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। न्यायालयों में लंबित 3855 प्रकरण चिन्हित किए गये व 903 प्रकरणों को निस्तारित किया गया, इनमें 07 करोड़ 47 लाख 14 हजार 72 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। जिले में लोक अदालत की 23 बैचों के माध्यम से न्यायिक अधिकारी गण एवं अधिवक्ताओं ने समझाइश कर मामलों मे राजीनामें करवा कर पक्षकारान के मामलों को अंतिम रूप से फैसल करवाया गया ।

भीलवाड़ा न्यायालय में 45 प्रकरणों का बैंच अध्यक्ष न्यायाधीश गम्भीर सिंह एवं सदस्य अधिवक्ता राकेश वैष्णव के प्रयास से बीमा कम्पनी एवं प्रार्थी अधिवक्ता ने समझाइश कराकर 1 करोड 83 लाख 62 हजार रुपए का कुल अवार्ड पारित किए गए। एक प्रकरण में पिता के हादसे में मृत्यु के बाद नाबालिग दो बच्चियों को 9 लाख 51 हजार रुपए का बीमा कम्पनी से अवार्ड पारित किया ।

पारिवारिक न्यायालय में 67 प्रकरणों में राजीनामा
पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश मुकेश भार्गव ने बताया कि लोक अदालत में जोडो को माला पहना कर पुन: राजी खुशी एक कर घर विदा किया और सभी जोडों ने साथ खुशी खुशी रहने का वचन लिया । वर्षो से अलग रह रहे दम्पती पुन: एक साथ रहने के लिए राजी हुए। दम्पतियों ने जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों से आर्शीवाद लिया ।

प्रि-लिटिगेशन मामलें
प्रि-लिटिगेशन मामलों में बैंक, बीएसएनएल के रिकवरी मामलो का भी लोक अदालत में मूल राशि से भी कम में राजीनामा करवा कर बैंक, बीएसएनएल एवं विपक्षी पक्ष को लाभ करवाया । लोक अदालत पक्षकारान में आपसी राजीनामें से निस्तारण हुआ एवं आपसी समझाइश कराकर मामले को मुकदमा पूर्व स्टेज पर ही खत्म कर दिया गया ।