स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

दुबई की मुर्गी को भा रहा भीलवाड़ा का मक्का

Narendra Kumar Verma

Publish: Nov 21, 2019 22:11 PM | Updated: Nov 21, 2019 22:11 PM

Bhilwara

भीलवाड़ा मंडी से रोजाना १० ट्रक अमीरात के दुबई, कुवैत, कतर आदि देश में गुजरात के गांधीधाम बंदरगाह से जा रहे है। गत वर्ष हाईब्रिड मक्का की कीमत प्रति क्विंटल १२०० रुपए थी, इस साल विदेश में मांग बढऩे से ये कीमतें २०५० रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। अरब अमीरात समेत अन्य देशों में हाईब्रिड मक्का पोल्ट्री फार्म में दाने के रूप में सर्वाधिक काम आता है।

दुबई की मुर्गी को भा रहा भीलवाड़ा का मक्का

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा के हाईब्रिड मक्के की संयुक्त अरब अमीरात में मांग बढऩे से कीमतों ने उछाल मारी है। गत वर्ष के मुकाबले कीमत इस बार प्रति क्विंटल आठ सौ रुपए तक बढऩे से काश्तकारों की भी बल्ले-बल्ले हो गई है। जिले में अतिवृष्टि के बावजूद हाईब्रिड व देशी मक्का की बम्पर उपज हुई है।

यहीं कारण है कि जिले के विभिन्न हिस्सों से हाईब्रिड व देशी मक्का की भीलवाड़ा कृषि मंडी समिति के प्रांगण में रोजाना चार हजार से अधिक बोरी पहुंच रही है। इनमें हाईब्रिड किस्म मक्का की बोरी करीब साढ़े तीन हजार है।

भीलवाड़ा मंडी के पूर्व निदेशक शिव गगरानी ने बताया कि इस बार जिले का किसान उपज अच्छी होने से खुश है, देश के कई हिस्सों में हाईब्रिड व देशी मक्का की फसल खराब होने से भीलवाड़ा के मक्का की मांग संयुक्त अरब अमीरात में कही अधिक बढ़ गई है।

गगरानी बताते है कि भीलवाड़ा मंडी से रोजाना १० ट्रक अमीरात के दुबई, कुवैत, कतर आदि देश में गुजरात के गांधीधाम बंदरगाह से जा रहे है। गत वर्ष हाईब्रिड मक्का की कीमत प्रति क्विंटल १२०० रुपए थी, इस साल विदेश में मांग बढऩे से ये कीमतें २०५० रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। अरब अमीरात समेत अन्य देशों में हाईब्रिड मक्का पोल्ट्री फार्म में दाने के रूप में सर्वाधिक काम आता है।

मंडी व्यवसायी दुर्गालाल मून्दड़ा ने बताया कि भीलवाड़ा मंडी में अभी मक्का की आवक बढऩे से बोरियों के ढेर जगह-जगह लगे हुए है। देशी मक्का की मांग भी लगातार पंजाब, हरियाणा व गुजरात क्षेत्र में बढ़ी है। गत वर्ष प्रति क्विंटल १६०० रुपए में बिकने वाली देशी मक्का २४०० रुपए तक बिक रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में देशी मक्का की उपयोगिता रोटी व दाल ढोकले बनाने के साथ ही विभिन्न व्यंजनों में बढ़ी है।

[MORE_ADVERTISE1]