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कई घंटों की वार्ता के बाद शव लेने पर राजी हुए ग्रामीण

Rohit Sharma

Publish: Oct 17, 2019 04:04 AM | Updated: Oct 16, 2019 23:24 PM

Bharatpur

जम्मू-कश्मीर में सोमवार रात आंतकियों के हमले का शिकार हुए पहाड़ी के गांव उभाका निवासी ट्रक चालक शरीफ का शव मंगलवार रात पहाड़ी पहुंचा।

भरतपुर. जम्मू-कश्मीर में सोमवार रात आंतकियों के हमले का शिकार हुए पहाड़ी के गांव उभाका निवासी ट्रक चालक शरीफ का शव मंगलवार रात पहाड़ी पहुंचा। लेकिन ग्रामीणों ने रास्ते में गांव तिलकपुरी के पास विरोध कर एम्बुलेंस को रोक दिया, जिस पर प्रशासन ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। बुधवार सुबह भी ग्रामीण व परिजन मांग मनाने पर ही शव लेने पर अड़ गए। एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों ने कई घंटे तक समझाइश की लेकिन बात नहीं बनी। बाद में कामां विधायक जाहिदा खान की समझाइश और सहायता के रूप में 12 लाख रुपए दिलवाने के आश्वासन पर ग्रामीण शव लेने को तैयार हुए। शाम 5.30 बजे मृतक के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।


एसडीएम जगदीश आर्य ने बताया कि ग्रामीणों ने मंगलवार रात दिल्ली से शव पहुंचने पर लेने से इनकार कर दिया था, जिस पर शव को मोर्चरी में रखवा दिया। बुधवार सुबह ग्रामीणों को पहले तहसीलदार राजकुमार समेत अन्य अधिकारियों ने समझाइश की और राज्य सरकार से 2 लाख, जम्मू-कश्मीर शासन से 3 और रेडक्रॉस सोसायटी से 50 हजार रुपए सहायता राशि दिलवाने की बात कही। लेकिन ग्रामीण 50 लाख रुपए, मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी समेत अन्य मांगों पर अड़े रहे। बाद में एसडीएम, सीओ समेत अन्य अधिकारियों ने समझाइश की लेकिन बात नहीं बनी। दोपहर बाद क्षेत्रीय विधायक खान गांव पहुंची और परिजन व ग्रामीणों को समझाइश की और ज्यादा से ज्यादा सहायता दिलाने का भरोसा दिया। विधायक ने स्वयं की ओर से 4 लाख रुपए, राज्य सरकार से 2 लाख, केन्द्र की तरफ से 5 लाख, रेडक्रॉस सोसायटी से 50 हजार और सरपंच की ओर से 50 हजार रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की। जिस पर ग्रामीण शव लेने को राजी हो गए।


चालक को धमका कर ले गए थे आंतकी

हरियाणा के नूंहू जिले के ताबडू थाने के गांव मल्हाका निवासी परिचालक इकराम पुत्र रमजान घटना की रात की जानकारी देते हुए सहम गया। उसने बताया कि सोमवार रात खाना बनाने के बाद वह ट्रक में सो गया। चालक शरीफ घर पर बात कर रहा था। अचानक दो आंतकी आए और शरीफ को पकड़ लिया। उसने शोर मचाया कि ये लोग उसका मोबाइल छीन रहे हैं। वह जागा तो उसे दूसरे आंतकी ने पकड़ कर गाड़ी में पटक दिया। शरीफ से उनसे कहा कि उसकी क्या गलती है, जिस पर आंतकी ने गाड़ी स्टार्ट करने के लिए कहा। शरीफ गाड़ी को आगे ले गया जबकि वह आंतकी से स्वयं को छुड़ा एक किसान के घर में जाकर छिप गया। कुछ दूरी पर गोली चलने की आवाज आई। काफी देर बाद किसान उसे मौके पर ले गया, जहां पर ट्रक खड़ा था। बाद में पुलिसकर्मियों ने शरीफ के थाने पर होने की बात कही, वहां जाकर देखा तो उसका शव रखा था।