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जनप्रतिनिधियों के घरों के बाहर भी सड़कें बदहाल, सरकार का नहीं ध्यान

Rohit Sharma

Publish: Sep 10, 2019 07:04 AM | Updated: Sep 09, 2019 23:32 PM

Bharatpur

शहर में अधिकतर सड़कें बदहाल हैं। आम ही नहीं कुछ खास की सड़कों पर भी बदहाली और अनदेखी का नजारा आसानी से देखने को मिल सकता है।

भरतपुर. शहर में अधिकतर सड़कें बदहाल हैं। आम ही नहीं कुछ खास की सड़कों पर भी बदहाली और अनदेखी का नजारा आसानी से देखने को मिल सकता है। यह समस्या भी आम है और बात भी, लेकिन मुद्दा इतना बड़ा है कि जनप्रतिनिधियों और तमाम छोटे-बड़े अफसरों पर सवाल खड़ा करता है। यह उनके लिए प्रश्नचिन्ह है जो कि आए दिन ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन और बैठकों में इस कदर विरोध दर्जकराते हैं कि जाने शहर के लिए अब ये कुछ न कुछ बड़ा कर सकते हैं, पर कुछ दिन में ही हल्ला शांत हो जाता है। यही कारण है कि शहर की सालों से क्षतिग्रस्त सड़कों पर किसी का भी ध्यान नहीं गया है। जिम्मेदारों की अनदेखी से पूर्व विधायक, पार्षद समेत तमाम जनप्रतिनिधियों के घरों के पास वाली सड़कों की हालत भी अच्छी नहीं है। जनप्रतिनिधि इन सड़कों पर नजर डालें तो जनता की पीड़ा भी महसूस कर सकेंगे। केंद्र और राज्य सरकार में शहर की जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों ने भी सड़कों के हालात पर आंखें मूंद रखी है। बताते हैं कि वर्षभर कभी शहरी सरकार तो कभी प्रदेशस्तर के मुद्दों पर भाषण देने वाले नेताओं के घर के सामने तक सड़कों की हालत दयनीय हो चुकी है।


कृष्णा नगर में पूर्व विधायक विजय बंसल के घर के सामने यूआईटी की ओर से सड़क पर बने गड्ढों को मुर्रम डालकर भर दिया गया है। यहां बारिश होते मुर्रम गड्ढों से बाहर निकल कर बह जाती है, लेकिन जानकर आश्चर्य होगा कि यूआईटी के अधिकारी नईसड़क का निर्माण कराने के बजाय मुर्रम से मरम्मत करना उचित अधिक समझ रहे हैं। इसी प्रकार संभागीय आयुक्त के निवास के ठीक सामने सड़क चमाचम है, लेकिन बगल में आम जनता के घरों को जोडऩे वाली सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जवाहर नगर में स्थित भाजपा के प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा के घर के सामने बनी सड़क से गिट्टियां बाहर आ चुकी है। कॉलोनी के लोग आए दिन शिकायत करते हैं, लेकिन कोईसुनवाईनहीं हो रही है। तहसील कार्यालय के सामने की सड़क पूरी तरह से खराब हो चुकी है। पुलिसकर्मियों के सरकारी आवासों के सामने भी सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। ज्ञात रहे कि शहर में फिलहाल ऐसा एक भी इलाका नहीं है, जहां कहीं सार्वजनिक निर्माण विभाग तो कहीं नगर निगम व नगर सुधार न्यास के क्षेत्राधिकार वाली सड़क क्षतिग्रस्त नहीं हों। इसके बावजूद शहर में क्षतिग्रस्त सड़कों की हालत सुधारने के लिए कोई योजना तक नहीं बन सकी है।


चुनाव करीब...फिर भी जिम्मेदार हुए बेपरवाह

शहर में क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्या पर गौर करें तो सामने आता है कि इस हालत के लिए जिम्मेदार सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगर सुधार न्यास व नगर निगम, तीनों ही विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बेपरवाह बने हुए हैं। क्योंकि शहर में जितनी भी सड़कों का निर्माण पिछले कुछ सालों के दौरान हुआ है, उनमें से ज्यादातर सड़कों को सीवरेज, गैस की लाइन आदि के कारण खोद दिया गया है। अब अधिकारी दावा कर रहे हैं कि बारिश का मौसम गुजरने के बाद इन सभी सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। हाल यह है कि सड़कों की हालत की जानकारी होने के बाद भी अधिकारी गैर जिम्मेदाराना रवैया अपना रहे हैं। बी-नारायण गेटसे अटलबंध तक की सड़क हजारों परिवारों के लिए नासूर बनती जा रही है। फिर भी अधिकारी कोईध्यान नहीं दे रहे हैं। आए दिन यहां बाइक चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बड़े-बड़े गड्ढे जिम्मेदार विभाग की नाकामी बयां करते नजर आ रहे हैं।


यूआईटी सचिव को पता ही नहीं, आयुक्त का मरम्मत कराने का दावा

राजस्थान पत्रिका ने नौ सितंबर के अंक में रसूखदार नेता व अफसरों की सड़कें 'चमाचमÓ और शहरवासी खा रहे हिचकोले शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। जब इस मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष जाना गया तो वह भी हैरान करने वाला था। नगर सुधार न्यास के सचिव दाताराम से जब पूछा गया कि शहर में यूआईटी के क्षेत्राधिकार वाली क्षतिग्रस्त सड़कों की हालत सुधारने के लिए क्या कदम उठाया गया है तो उन्होंने इतना कहकर इतिश्री कर दिया कि वर्कऑर्डर और टेंडर का कार्य एक्सईएन साहब देखते हैं। उनसे जानकारी करने के बाद ही बता सकूंगा। इसी प्रकार नगर निगम के आयुक्त डॉ. मानसिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि अभी बरसात का समय चल रहा है। डामर की सड़क पर बारिश के मौसम में कार्यनहीं कराया जा सकता है। अगर बारिश का मौसम कुछ दिन और बरकरार नहीं रहता है तो अगले सप्ताह से कार्य शुरू कराया दिया जाएगा। शहर के बाजार, गली, मोहल्लों के साथ ही प्रत्येक वार्ड में सड़कों को चिन्हित कर लिया गया है, उन सभी सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी।