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जन्माष्टमी उत्सव: नंद के आनंद भये जय कन्हैया लाल की...

Rohit Sharma

Publish: Aug 25, 2019 00:11 AM | Updated: Aug 24, 2019 23:18 PM

Bharatpur

भादौं की कृष्णपक्ष अष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र में कान्हां का जन्म होते ही चहुंओर नंद के आनंद भये जय कन्हैया लाल की...बधाई गीतों से वातावरण कृष्णमय हो गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं ने कृष्ण-कन्हैया के दर्शन किए।

भरतपुर. भादौं की कृष्णपक्ष अष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र में कान्हां का जन्म होते ही चहुंओर नंद के आनंद भये जय कन्हैया लाल की...बधाई गीतों से वातावरण कृष्णमय हो गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं ने कृष्ण-कन्हैया के दर्शन किए। मंदिरों में दूध, दही, घी, बूरा, शहद से बने पंचामृत से अभिषेक किया। भगवान की आरती उताकर भक्तों को धनियां की पंजीरी व पंचामृत की प्रसादी का वितरण किया।
शहर के प्रमुख किला स्थित बांकेबिहारी जी मंदिर में सुबह श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। वहीं बिजली की रोशनी से जगमग मंदिर में शनिवार रात 11.20 बजे 251 किलो सामग्री से बने पंचामृत से ठाकुर जी का अभिषेक किया। इसके बाद रात 12 बजे कृष्ण का जन्म होते ही जन्माभिषेक कर महाआरती उतारी गई। इसके बाद कान्हां का विशेष श्रृंगार कर मथुरा से मंगाई जड़ाऊ पोशाक पहनाई गई।

 

श्रद्धालु भी अपने श्रीकृष्ण की एक झलक पाने को उत्साहित दिखे। महिलाओं ने ' मैं महल में सुन आई यशोदा जायो ललना..Ó व 'लाला की सुनकर मैं आई, यशोदा मैया को दे दूं बधाई...Ó गीत गाए। मंदिर में उमड़े श्रद्धालुओं को 100 किलो धनियां से बनी पंजीरी व 251 किलो पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया। फलाहार से व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने कृष्ण जन्म के बाद मंदिर में वितरित की गई पंजीरी और पंचामृत की प्रसादी से व्रत खोला। इस दौरान बांकेबिहारी जी, मोहनजी मंदिर, गोपालजी नदिया, राधा-कृष्ण, तारा, मदनमोहन आदि मंदिरों में कृष्ण के जन्म पर फूलबंगला झांकी सजाई, जहां कृष्ण के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ नजर आई। वहीं बाजार को रोशनी से जगमग किया गया। वहीं रविवार को मंदिरों में नंदोत्सव मनाया जाएगा। इसमें महिलाएं बधाई गीत गाएंगी। कृष्ण जन्म की खुशी में श्रद्धालुओं को खिलौने, बिस्किट, टॉफी, सिटी आदि की छैल बांटी जाएगी।


कृष्ण जन्म पर उत्साहित दिखे श्रद्धालु

मथुरा नगरी में भगवान की जन्मस्थली में शनिवार को कन्हैया का जन्म हुआ। रोहिणी नक्षत्र लगते ही अभिषेक का शुभारम्भ रात 11 बजे गणेश एवं नवग्रह पूजन से किया गया। ठाकुर जी के जन्म के लिए कमल पुष्प व तुलसी से सहस्त्रार्चन किया। जन्मस्थान परिसर के गर्भग्रह में पहुंचे रामजन्म भूमि न्यास परिसर अयोध्या के महंत नृत्यगोपाल दास व सेवायतों ने दूध, दही, घी, शहद आदि के पंचामृत से करीब बीस मिनट तक अभिषेक किया। अभिषेक की झलक पाने के लिए भक्त आतुर दिखाई दिए। जन्म के बाद ठाकुर जी की आरती उतारी गई। श्रंृगार स्वर्ण जडि़त पोशाक से किया गया। जन्म से पूर्व मथुरा के रामलीला मैदान में ब्रज संस्कृति की सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। मुंबई के कलाकारों ने मटकी फोड़ कार्यक्रम किया, जिसने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। ब्रज की गोपियों ने दानलीला, मटकी लीला में ,अनूठी छटा दिखाई। ढोलक-मृदंग की धुन पर सभी नाच रहे। कान्हा के मथुरा की गलियां, तिराहे, चैराहे रोशननी से जगमगाते रहे। वृंदावन, गोकुल, नंदगांव, बरसानाए गोवर्धन, राधाकुंड के लोग कान्हां के जन्म पर उत्साहित दिखे।