स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

त्योहार पर झोली में पहुंचे करोड़ों...

Pramod Kumar Verma

Publish: Oct 18, 2019 22:58 PM | Updated: Oct 18, 2019 22:58 PM

Bharatpur

भरतपुर. अनाथ व बेसहारा बच्चों की दीपावली धूमधाम से मन सकेगी। सरकार ने पालनहार योजना के तहत इन बच्चों का भरण-पोषण करने वाले पालनहारों के खातों में सितम्बर माह तक का भुगतान पहुंचा दिया है।

भरतपुर. अनाथ व बेसहारा बच्चों की दीपावली धूमधाम से मन सकेगी। सरकार ने पालनहार योजना के तहत इन बच्चों का भरण-पोषण करने वाले पालनहारों के खातों में सितम्बर माह तक का भुगतान पहुंचा दिया है। गौरतलब है कि वर्ष २०१९-२० में भुगतान नहीं हुआ था। इसका कारण अध्ययन प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं कराना है। इसलिए भुगतान रुका था। अब इनके खातों में ०३ करोड़ रुपए से अधिक राशि पहुंच गई है।

जिले में १० हजार ५८० पालनहारों के ११ हजार बच्चे हैं, जिनकी देखरेख करते हैं। इनमें से करीब ७७ सौ पालनहार ऐसे थे जिन्होंने लगभग ०९ हजार बच्चों का सत्यापन नहीं कराया था। इससे किसी का तीन माह तो किसी का एक वर्ष का भुगतान रुका था। सत्यापन कराने पर अब ३.१० करोड़ का भुगतान किया है।

अब पालनहारों ने अध्ययन का सत्यापन कराया तो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने वर्ष २०१९-२० में सितम्बर माह तक ०३ करोड़ १० लाख रुपए का भुगतान कर दिया है। हालांकि शेष करीब १५०० पालनहारों के २५०० बच्चे योजना के लाभ दूर हैं। इसकी वजह भी सत्यापन नहीं कराना है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार पालनहार योजना के तहत ० से ६ वर्ष तक ५०० रुपए और ६ से १८ वर्ष तक १००० रुपए प्रतिमाह देती है। ये बेसहारा अनाथ बच्चों का पालन-पोषण करने वाले पालनहारों को दिया जाता है। लेकिन, इसके लाभ के लिए बच्चों का अध्ययन प्रमाण पत्र होना जरूरी है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग भरतपुर में उपनिदेशक पूरनसिंह का कहना है कि इस वर्ष सितम्बर तक ७७ सौ पालनहारों के करीब नौ हजार बच्चों को ३.१० करोड़ रुपए का लाभ पहुंचा दिया है। शेष बच्चों का अध्ययन का सत्यापन कराएंगे तो भुगतान कर दिया जाएगा।