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पढ़े, फसल बीमा को लेकर किसानों के प्रदर्शन से कैसे सड़क पर लगा जाम

Devendra Kumar Karande

Publish: Oct 05, 2019 05:03 AM | Updated: Oct 04, 2019 20:59 PM

Betul

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की खामियों को लेकर शुक्रवार को किसान बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। जिससे कलेक्टोरेट जाने वाली मुख्य सड़क पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। सैकड़ों की संख्या में जिले भर से किसान प्रदर्शन के लिए यहां एकजुट हुए थे।

बैतूल। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की खामियों को लेकर शुक्रवार को किसान बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। जिससे कलेक्टोरेट जाने वाली मुख्य सड़क पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। सैकड़ों की संख्या में जिले भर से किसान प्रदर्शन के लिए यहां एकजुट हुए थे। कलेक्टोरेट के सामने धरना प्रदर्शन किया गया तो देखते ही देखते मुख्य सड़क किसानों से भर गई।भाषण सुनने के लिए किसान सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए। जिसके कारण इस मार्ग से वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया था। यातायात विभाग द्वारा रूट डायवर्ट कर वाहनों को निकाला गया लेकिन बस स्टैंड से वाहनों के गुजरने के कारण घंटों जाम की स्थिति बनी रही। बार-बार सड़क पर जाम लगने से वाहन चालकों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सर्वे तत्काल कराए जाने की मांग
अतिवृष्टि से फसलों को पहुंचे नुकसान के बाद सर्वे एवं मुआवजे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान कलेक्टोरेट पहुंचे थे। भारतीय किसान संघ के माध्यम ेसे जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें किसानों ने सभी फसलों का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य दिए जाने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अधिसूचित फसल की सीमा समाप्त कर क्षेत्र में बोई जाने वाली खरीफ एवं रबी फसलों को फसल बीमा के दायरे में लाए जाने की मांग की गई। किसानों ने फसल नुकसानी का आंकलन में खेत को इकाई मानने जाने तथा फसल अनावारी रिपोर्ट प्रत्येक ग्रामपंचायतों में चस्पा किए जाने की मांग की। किसान संघ का कहना था कि जिले में अतिवृष्टि से सभी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। किसान सर्वे की मांग को लेकर कई बार ज्ञापन सौंप चुका है लेकिन अभी तक सर्वे का काम शुरू नहीं कराया गया है। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से तत्काल सर्वे कराया जाकर किसानों को नुकसान का उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की।
दो घंटे तक मार्ग पर रहा बंद
पुराने कलेक्टोरेट के सामने भारतीय किसान संघ द्वारा किसानों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार दोपहर में धरना प्रदर्शन किया गया। इस धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में जिले भर के किसान एकजुट हुए थे। किसानों को संघ के नेताओं द्वारा संबोधित किया गया। चूंकि मामला फसल नुकसानी एवं मुआवजे से जुड़ा था इसलिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। धरना स्थल पर किसानों के बैठने के लिए जगह कम पड़ गई थी। जिसके कारण किसान सड़क पर ही बैठ गए। इस वजह से सड़क को बंद करना पड़ा। पुलिस विभाग द्वारा किसानों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए। कलेक्टोरेट मार्ग पर सर्र्किट हाउस के पास बेरिकेट्स लगाकर वाहनों का आवागमन भी बंद कर दिया गया था। जिसके कारण दोपहिया वाहन भी अंदर नहीं आ सके।
रूट डायवर्ट किया तो लग गया जाम
किसानों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस विभाग द्वारा रूट डायवर्ट कर बस स्टैंड मार्ग से वाहनों को निकालने की व्यवस्था की थी, लेकिन यहां लगातार जाम की स्थिति बनती रही। जिसके कारण दोपहिया वाहन चालकों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नवरात्र पर्व के चलते बाजार में वैसे भी काफी रस बढ़ गया है ऐसे में वाहनों की आवाजाही से आज दिन भर सड़क पर जाम लगता रहा। लल्ली चौक से मुल्ला पेट्रोल पंप तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। चौपहिया वाहनों सहित बसें भी इसी मार्ग से गुजर रही थी। जिसके कारण पूरी सड़क वाहनों से भरी नजर आई।
किसानों से ज्ञापन लेने धरना स्थल पहुंचा प्रशासन
धरना प्रदर्शन में किसानों बड़ी संख्या को देखते हुए कलेक्टोरेट परिसर के अंदर कहीं जाम न लग जाए इसलिए अधिकारी स्वयं ही ज्ञापन लेने के लिए किसानों के पास पहुंच गए थे। किसान संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के बाद अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जल्द सर्वे का काम शुरू किया जाकर पीडि़त किसानों को राहत देने की कोशिश की जाएगी। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी अन्य पीड़ा को भी व्यक्त किया। किसानों का कहना था कि कृषि की उच्च शिक्षा के लिए बैतूल जिले में कृषि महाविद्यालय की स्थापना की जाए। प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक शासकीय संस्थाओं में अध्ययनरत बच्चों को शासकीय एवं अद्र्धशासकीय क्षेत्र में प्राथमिकता से सेवा का अवसर दिया जाए।