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शिवनाथ नदी में दो महिलाओं को डूबते देखकर रोकी बस, फिर बचाने के लिए कूद पड़े छत्तीसगढ़ के तीन-तीन हीरो

Laxmi Narayan Dewangan

Publish: Sep 13, 2019 07:10 AM | Updated: Sep 13, 2019 00:01 AM

Bemetara

दो महिलाओं को डूबता देख एक महिला यात्री ने शिवनाथ नदी के अमोरा पुल पर बस रुकवाई। ड्राइवर ने तुरंत बस रोक दी। इसके बाद ड्राइवर, कंडेक्टर एवं यात्री नदी में कूद गए।

बेमेतरा. गणेश विसर्जन के लिए गई दो महिलाओं को डूबता देख एक महिला यात्री ने शिवनाथ नदी के अमोरा पुल पर बस रुकवाई। ड्राइवर ने तुरंत बस रोक दी। इसके बाद ड्राइवर, कंडेक्टर एवं यात्री नदी में कूद गए। उन्होंने डूब रही मां-बेटी को बाहर निकाला और उन्हें पेट से पानी निकालकर बचाने का प्रयास किया। लेकिन मां की मौत हो गई और बेटी की हालत गंभीर है।

बस में बैठी एक महिला यात्री की पड़ी नजर
शिवनाथ नदी में दो महिलाएं डूब रही थीं और उनके हाथ ऊपर की ओर दिखाई दे रहे थे। इस दौरान अमोरा पुल के ऊपर से एक यात्री बस गुजर रही थी। बस में बैठी एक महिला यात्री की नजर डूबती हुई इन दो महिलाओं पर पड़ी। उन्होंने ड्राइवर को जानकारी देकर उन्हें बचाने के लिए बस रोकने को कहा। महिला की बात सुनते ही ड्राइवर ने तुरंत बस रोक दी। इसके बाद ड्राइवर परमेश्वर तिवारी, कंडेक्टर सुरेश निर्मलकर एवं एक यात्री मोंटी रजक ने अपने पास रखे मोबाइल और अन्य सामान को जल्द निकालकर वहीं पर फेंक दिया। इसके बाद तीनों नदीं में कूद गए। तीनों ने मिलकर दोनों महिलाओं को बाहर निकाला।

दोपहिया वाहन में गणेश विसर्जन करने पहुंची थी महिलाएं
दोनों महिलाओं का पेट दबाकर पानी बाहर निकाला गया। तब तक देर हो चुकी थी। एक महिला माधुरी देवी तिवारी पति मनहरण तिवारी की मौत हो गई। वहीं उनकी बेटी नम्रता तिवारी पिता मनहरण तिवारी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबर लिखे जाने तक नम्रता अचेत अवस्था में थी। जानकारी के अनुसार आज कोबिया वार्ड निवासी माधुरी देवी व नम्रता दोनों स्कूटी से गणपति विसर्जन के लिए अमेारा घाट पहुंची थी। जहां पर एक छोर में कीचड़ होने की वजह से दूसरे छोर पर विसर्जन करने पहुंचे थे, जिसके बाद दोनों हादसे के शिकार हो गए।

ये हैं रीयल हीरो : दो लोगों को डूबते देख उन्हें बचाने नदी में कूद गए
रूब ट्रैवल्स की बस के ड्राइवर परमेश्वर तिवारी ने बताया कि वे बस लेकर बेमेतरा आ रहे थे। महिला यात्री ने दो महिलाओं को डूबते देखकर बस रुकवाई। इसके बाद उनकी नजर डूबने वाली महिलाओं पर गई। उन्होंने अपने साथियों के साथ पुल से 15 फीट नीचे नदी में छलांग लगा दी। दोनों महिलाएं बीच में थीं। इसके बाद एक महिला का बाल पकड़ा, तब तक कंडेक्टर सुरेश निर्मलकर व मोंटी रजक ने दूसरी महिला को बचाने बाल पकड़ लिया। फिर मनोज ठाकुर, टोमन साहू एवं प्रदीप यादव ने मदद कर दोनों को बाहर निकाला। दोनों के पेट से पानी निकालने का प्रयास किया गया। इसके बाद एंबुलेंस आने के बाद उन्हें जिला अस्पताल रवाना किया गया। इसके बाद वे बस लेकर बेमेतरा के लिए रवाना हो गए। ड्राइवर, कंडेक्टर एवं यात्रियों के साहस को देखने वालों की भीड़ पुल पर लगी हुई थी। तीनों मददगार प्रशिक्षित तैराक नहीं है। सामान्य तौर पर तालाब एवं नदी में नहाते वक्त तैर लेते थे। महिलाओं को डूबता देख अपनी जान की परवाह किए बगैर उन्हें बचाने नदी में कूदे थे। मोंटी रजक ने बताया कि दो लोगों को कूदते देखकर वह भी कूद गया। अपना पर्स और मोबाइल वहीं पर फेंक दिया था।

शिवनाथ नदी में पंद्रह दिनों में तीन मौत
एक पखवाड़े में शिवनाथ नदी में डूबने की तीसरी घटना है। इससे पूर्व 26 अगस्त को ग्राम मटका निवासी राजा साहू व एक अन्य युवक की मौत हो गई थी। आज हुई घटना में दो लोग डूबे थे, जिनमें से लोगों की सजगता से एक की जान बचा ली गई।

आला अधिकारी पहुंचे जिला अस्पताल
शिवनाथ नदी में हादसे की खबर सुनकर एसडीएम आशुतोष चतुर्वेदी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल बैस व अन्य अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे थे। एसडीएम ने ड्यूटीरत डॉक्टर को फोन कर अस्पताल आने के कहा। इसके बाद डॉक्टर ने महिला का उपचार किया। इस संबंध में बेमेतरा सिटी कोतवाली के टीआई राजेश मिश्रा ने कहा कि नदी में डूबी दो महिलाओं में से एक की जान बचा ली गई है। वहीं एक की मौत हुई है। घायल का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। दोनों बेमेतरा के कोबिया वार्ड की निवासी हैं।