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जिले में तेजी से बढ़ रहा बच्चों में हृदयरोग का खतरा, पांच साल में मिले 295 हृदयरोग पीडि़त बच्चे

Laxmi Narayan Dewangan

Publish: Nov 08, 2019 07:12 AM | Updated: Nov 07, 2019 23:30 PM

Bemetara

जिले के आंगनबाड़ी और स्कूलों में पांच वर्ष से जारी स्वास्थ्य जांच में 296 बच्चों में हृदय रोग के लक्षण पाए गए। जिसमें से 76 बच्चों का ऑपरेशन किया जा चुका है।

बेमेतरा. जिले के आंगनबाड़ी और स्कूलों में पांच वर्ष से जारी स्वास्थ्य जांच में 296 बच्चों में हृदय रोग के लक्षण पाए गए। जिसमें से 76 बच्चों का ऑपरेशन किया जा चुका है। जिले के बच्चों में हृदय रोग साल दर साल बढ़ रहा है।चिरायु योजना के तहत जिले में पांच वर्ष में 4 हजार से अधिक स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 लाख से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। चिरायु योजना के तहत शून्य से लेकर 18 वर्ष के बच्चे के स्वास्थ्य की जांच स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर की जाती है। जिले मे पांच वर्ष के दैारान जांच की संख्या बढ़ी है, वहीं मरीज भी अधिक मिल रहे हैं। योजना के तहत के जिले के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के हजारों बच्चों को स्वास्थ्य लाभ भी दिया जाता है। चिरायु योजना के तहत गठित टीम प्रतिवर्ष दो बार नौनिहालों की सेहत की जांच करती है।

अब तक 1601 केन्द्रों में टीम पहुंची
चिरायु दल ने जारी वर्ष मे अब तक 1,47,483 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की है। इसमें 0 से 18 वर्ष तक आयु वाले एक हजार से अधिक बच्चों की जांच कर उपचार भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में चिरायु की 8 टीम है। प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो टीम स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती है। शहरी क्षेत्र में एक टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। टीम प्रति वर्ष जिले के 579 सरकारी स्कूलों व 1022 आंगनबाडिय़ों में स्वास्थ्य जांच के लिए दो बार पहुंचती है।

हृदयरोग पीडि़त 296 बच्चों को किया चिन्हांकित
पांच वर्षों में हृदय की बीमारी से पीडि़त 296 बच्चों को चिन्हांकित किया गया है। जिसमें से अब तक 76 का ऑपरेशन किया गया है। 183 बच्चों को निगरानी में रखा गया था। जिनका निर्धारित समय में फॉलोअप किया गया। उपचार व इंको जांच के बाद बच्चे सामान्य हुए। इसके बाद जिले में 18 बच्चों को चिन्हित किया गया, जिनका उपचार जारी है। रिपोर्ट स्टेट नोडल को प्रस्तुत किया गया है। जिला प्रभारी डॉ कमलकांत मेश्राम ने बताया कि जिले में आयुष की ओर से बच्चों का ब्यौरा स्टेट को प्रस्तुत किया जाता है। फिर बच्चे के उपचार के लिए अनुमानित खर्च का आकलन प्रस्तुत किया जाता है। जिसके बाद सुविधा के अनुसार बच्चों को उचित अस्पताल में उपचार के लिए भेजा जाता है।

इन अस्पतालों में होता है इलाज
चिरायु के बेमेतरा जिला नोडल अधिकारी डॉ. कमलकंात मेश्राम ने बताया कि जिले में 296 बच्चों को हृदय रोगी के तौर पर चिन्हित किया गया था। जिले में 76 बच्चों का सफल ऑपरेशन किया गया। कई बच्चों को लगातार फॉलोअप करने के बाद 5 वर्ष में रोग मुक्त किया गया है। बालाजी रायपुर, एमएमआई रायपुर, एमजीएम रायपुर, मेडिसाइन रायपुर, ओम हॉस्पिटल रायपुर, सुयश रायपुर, कालड़ा रायपुर, श्रीनारायणा रायपुर, श्रीकृष्णा रायपुर, बालगोपाल रायपुर, वीवाय रायपुर, श्री अरविंदो रायपुर, रामकेयर रायपुर व श्रीगणेश विनायक हॉस्पिटल रायपुर में चिरायु के तहत बच्चों का उपचार कराया गया।

चेन्नई के डॉक्टर ने किया कामिनी का उपचार
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सनकपाट संकुल केंद्र, जांता विकसखंड, बेमेतरा में जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित दो बच्चे मनीष साहू पिता मनोज साहू (7वीं) को अपोलो अस्पताल बिलासपुर और चेन्नाई से आए हृदय रोग विशेषज्ञ ने कामिनी निर्मलकर पिता रामकिशुन निर्मलकर 8वीं का रामकृष्ण केयर अस्पताल रायपुर में सफल ऑपरेशन किया गया। दोनों बच्चों का चिरायु ने पूर्ण रूप से नि:शुल्क इलाज किया। ऑपरेशन के बाद दोनों बच्चे पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। दोनों बच्चे बाकी सभी समान्य बच्चों की तरह स्कूल में अध्ययन कर रहे हैं।

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