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कहीं बिल्डिंग ढह न जाए यह सोचकर विद्यार्थियों का रहना, खाना, पढ़ना सहित जीना हुआ मुहाल

Laxmi Narayan Dewangan

Publish: Jul 21, 2019 07:10 AM | Updated: Jul 21, 2019 00:15 AM

Bemetara

जिले के ज्यादातर छात्रावास भवन जर्जर, जर्जर भवनों में रहने मजबूर हैं विद्यार्थी, मरम्मत के लिए विभाग के पास फंड नहीं, चार भवनों को डिस्मेंटल करने का है प्रस्ताव

बेमेतरा. जिले के 21 छात्रावासों में से ज्यादातर भवन की हालत खराब है। भवन पुराने होने के कारण उनकी मरम्मत कराने की जरूरत है। इसके अलावा कई भवन को डिस्टमेंटल करने की जरूरत है। जिले में शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों को आवास समस्या से मुक्ति दिलाने बेमेतरा, साजा, बेरला, नवागढ विकासखंड में 21 छात्रावास बनाए गए हैं। आदिवासी विकास विभाग इनका संचालन कर रहा है।

इसमें बेमेतरा विकासखंड में बेमेतरा में प्री मैट्रिक बालिका छात्रावास, प्री मैट्रिक अनुसूचित बालिकिा छात्रावास, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुसूचित जनजाति छात्रावास बालक बेमेतरा सभी 50 सीटर एवं अनुसूचितजाति बालक छात्रवास दाढ़ी 20 सीटर, बेरला में प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक व बालिका छात्रवास, नवागढ़ विकासखंड मे प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास है। इसी तरह ग्राम कुरा, मारो, टेमरी, नांदघाट, संबलपुर में बालक छात्रावास है। संबलपुर में बालक छात्रवास है। मारो में कन्या आश्रम, संबलपुर में कन्या छात्रवास एवं नवागढ़ मे अनुसूचित जनजाति बालक छात्रवास संचालित हैं। इसके आलावा साजा विकासखंड में प्री मैट्रिक छात्रावास बालक व बालिका एवं पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक व बालिका छात्रवास संचालित है।

कुछ भवनों की हालत खराब, कुछ किराए के भवन में चल रहे
जिले में कई छात्रावासों के लिए बनाए गए भवन पुराने हो चुके हैं। स्थिति को देखते हुए सहज ही मरम्मत की जरूरत होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिले के चार छात्रावास बालक नवागढ़, बेमेतरा में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास व बेरला विकासखंड में दो छात्रवासों का भवन जर्जर हो चुका है। जिसे गिराने के लिए प्रकरण तैयार कर समिति को सौंपा गया है। इसके आलावा साजा के सभी छात्रवासों का संचालन किराए के भवन मेें हो रहा है। साजा के चारों छात्रवासों के लिए भवन स्वीकृति का कई साल से इंतजार किया जा रहा है। जिला मुख्यालय के वार्ड 7 में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास का संचालन किराए मकान में हो रहा है। इन प्रभावित छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को असुविधा के बीच रहना पड़ रहा है।

मरम्मत कराने के लिए चाहिए 2 करोड़ 70 लाख से अधिक का फंड
लोक निर्माण कार्यालय के अनुसार जिले के छात्रवासों की स्थिति में सुधार के लिए 2 करोड़ 70 लाख से अधिक फंड चाहिए, जिससे छात्रावासों को सुविधायुक्त बनाया जा सके। कई भवनों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके आलावा मारो, टेमरी, बालक छात्रावास बेमेतरा, दाढ़ी छात्रावास, बेरला, नवागढ़ में स्नानागार व प्रसाधन बनाया जाना है। जिले के कई बालक छात्रवास व बालिका छात्रावास में प्रसाधन हालत खराब है, जिसे देखते हुए नवनिर्माण जरूरी हो चुका है। साथ ही नवागढ़ छात्रावास में अवैध कब्जे की स्थिति है, जिससे यहां पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण जरूरी है। मारो में बाउंड्रीवॉल मरम्मत, मारो कन्या छात्रावास एवं बेरला में बाउंड्रीवॉल निर्माण किया जाना है।

कॉलेज पढऩे वालों के लिए हॉस्टल नहीं
जिले के सभी 21 छात्रावास स्कूल स्तर के विद्यार्थियों के लिए है, जिसे प्री मैट्रिक स्तर व पोस्ट मैट्रिक स्तर के विद्यार्थियों के रहने की पात्रता है। इन सबके आलावा जिले में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के बालक-बालिकाओ के लिए हॉस्टल की सुविधा नहीं है। जिले के बेमेतरा, साजा, बेरला, नवागढ़, थानखम्हरिया व परपोड़ी में महाविद्यालय संचालित है, जहां पर अध्ययनरत विद्यार्थियों को किराए के मकान में रहना पड़ रहा है।

किसी छात्रावास में पहुंच मार्ग नहीं तो किसी में पेयजल सुविधा नहीं
जिले के चार छात्रावासों के लिए पहुंच मार्ग नहीं बनाया गया है, जिसमें बालक छात्रावास बेमेतरा, बेमेतरा कन्या छात्रावास पहुंच मार्ग विहीन है। नवागढ़ के प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास, संबलपुर व नवागढ़ में पेयजल की सुविधा नहीं है। जिले के लगभग सभी छात्रावास समस्याओं से घिरे हुए हैं। इस संबंध में आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त मेनका चंद्राकर ने कहा कि जिले के हॉस्टल भवनों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव उच्च कार्यालय को भेजा गया है, जिससे हॉस्टलों में सुधार हो सके। हितग्राही विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा मिले।