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अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझी : अपचारी बालक के साथ मिलकर लिया पिता की हत्या और मां के साथ मारपीट का बदला

Laxmi Narayan Dewangan

Publish: Nov 04, 2019 07:10 AM | Updated: Nov 03, 2019 23:03 PM

Bemetara

पहले पिता की हत्या और फिर मां के साथ की गई मारपीट से आक्रोशित बेटे दिलीप साहू पिता स्व. लालराम साहू (33) ने आरोपी नारायण निषाद की हत्या कर बदला ले लिया।

बेमेतरा. पहले पिता की हत्या और फिर मां के साथ की गई मारपीट से आक्रोशित बेटे दिलीप साहू पिता स्व. लालराम साहू (33) ने आरोपी नारायण निषाद की हत्या कर बदला ले लिया। इसके बाद शव को शिवनाथ नदी में फेंक दिया। वारदात को अंजाम देने में एक नाबालिग ने उसका साथ दिया। बेमेतरा पुलिस ने दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बेरला पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
पुलिस के मुताबिक नारायण निषाद ने एक जुलाई 2018 को ग्राम बारगांव के लालराम साहू की हत्या कर दी थी। इसके बाद बेरला पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लगभग 8 माह बाद वह जमानत पर छूट गया आया। इसके बाद 22 अगस्त को उसने लालराम साहू की पत्नी भगवंतीन बाई साहू के साथ मारपीट की और उसके दांत तोड़ दिए। मामले की रिपोर्ट भगवंतीन बाई ने बेरला थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 294, 323, 325 के तहत अपराध दर्ज कर लिया। इधर घटना को अंजाम देने वाला नारायण निषाद गांव से फरार हो गया। उसके गांव में चोरी-छिपे आने की जानकारी मिल रही थी। जब 13 सितंबर खम्हरिया में शिवनाथ नदी में एक अज्ञात लाश मिली, उसके बाद से नारायण अपने गांव बारगांव में नहीं आया।

हत्या और मारपीट से घर वाले थे नाराज
पहले पिता लालराम साहू की हत्या और फिर जेल से छूटने के बाद मां भगवंतीन से मारपीट से परिजन नाराज थे। एसडीओपी बेमेतरा राजीव शर्मा ने दोनों अपराधों का बारीकी से अध्ययन किया। उन्हें दिलीप साहू पर संदेह हुआ। पुलिस ने दिलीप साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसने पूरी घटना की जानकारी दी।

जान से मारने की धमकी के बाद लिया बदला
आरोपी दिलीप साहू ने बताया कि जब नारायण निषाद जेल से छूट कर आया तो उनके परिवार के साथ गाली-गलौज की। मां के साथ मारपीट की। फिर उन लोगों को भी जान से मारने की धमकी देकर परेशान करने लगा। इसके बाद उसने एक नाबालिग बालक के साथ मिलकर नारायण की हत्या करने की योजना बनाई और उसके बारे में पूरी जानकारी जुटाई। पता चला कि वह सिलघट में अपनी बहने के घर में रह रहा है और रोज शिवनात नदी के रेवे घाट पर मछली मारने जाता है। वहीं घटना को अंजाम देने का निर्णय लिया।

गले में रस्सी का फंदा डालकर कस दिया
पुलिस के अनुसार आरोपी दिलीप साहू ने बताया कि उसने 9 सितंबर की दोपहर 3.30 से शाम 4 बजे के बीच रेवे घाट पर घटना को अंजाम दिया। दिलीप और नाबालिग बालक मौके पर पहुंचे तो नारायण गरी से मछली पकड़ रहा था। उन्होंने कहा कि कितनी मछली पकड़े हो, यह सुनते ही नारायण पीछे मुड़ा तो उन्होंने रस्सी का फंदा उसके गले में डाल दिया और कस दिया। दोनों ने मिलकर फंदा कस दिया। फिर नाबालिग ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। दोनों शव को नदी में फेंक दिया और घर आ गए।

13 सितंबर को मिला था अज्ञात शव
बेमेतरा थाना क्षेत्र के खम्हरिया सलधा में 13 सितंबर को शिवनाथ नदी में अज्ञात शव मिला था। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या कर शव नदी में फेंकने की पुष्टि हुई। इस पर पुलिस ने धारा 302, 201 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। पुलिस ने टीम गठित कर आरोपी की पतासाजी में लगाया था। पहले शव की शिनाख्त की गई।

बहन ने शर्ट से की थी पहचान
मृतक की बहन ने शर्ट से शव की पहचान की थी और बताया था कि यह शव नारायण का है। पुलिस ने आरोपी से हत्या में उपयोग की गई रस्सी और उसकी निशानदेही पर मृतक की शर्ट बरामद कर ली है। आरोपियों ने शर्ट को निकालकर रख लिया था। नाबालिग को गिरफ्तार कर किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया। वहीं आरोपी दिलीप साहू को कोर्ट में पेश किया। जांच में एसडीओपी बेमेतरा राजीव शर्मा के नेतृत्व में थाना प्रभारी बेमेतरा राजेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक मोहन साहू, थाना प्रभारी बेरला विपिन रंगारी, सहायक उपनिरीक्षक दिनेश शर्मा, प्रधान आरक्षक अरविंद शर्मा, आरक्षक रविंद्र तिवारी, रामेश्वर मांडले, ज्ञानेश्वर शुक्ला शामिल थे।

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