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प्रेमी को भारी पड़ा नाबालिग प्रेमिका को अंग लगाना, कई साल तक अब नहीं कर पाएगा रातें रंगीन

Laxmi Narayan Dewangan

Publish: Nov 01, 2019 07:15 AM | Updated: Nov 01, 2019 00:24 AM

Bemetara

नाबालिग का अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।

बेमेतरा. नाबालिग का अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अलग-अलग फैसला सुनाया गया है। आरोपी को सजा मिलने पर नाबालिग के परिजनों ने राहत महसूस किया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी लोक अभियोजक दिनेश तिवारी ने की।

आरोपी ने लड़की को प्रेमजाल में फंसाकर घर से भगाया
मामला खंडसरा चौकी क्षेत्र के एक गांव का है। 16 दिसंबर 2016 को नाबालिग के परिजनों ने आरोपी चंद्रकुमार अनंत (22) निवासी सरोरा थाना तिल्दा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि आरोपी ने उनकी नाबालिग बेटी को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया और उनके घर से अपहरण कर अपने साथ ले गया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग को आरोपी युवक के पास से बरामद किया। युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

दो हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया
मामले में कोर्ट में साक्ष्य और गवाह के बयान के आधार पर सजा सुनाई गई। यह सजा पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश संजय अग्रवाल ने सुनाई। उन्होंने आरोपी चंद्रकुमार को धारा 363, 366, 376 दो एन के तहत एक, तीन एवं दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दो हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। बालकों के संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत दोषी पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं दो हजार रुपए का अर्थदंड से दंडित किया गया।

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